भारत की लाइफ लाइन इसका रेलवे नेटवर्क कहलाता है। भारत में रेलवे का इतिहास सैंकड़ों साल पुराना बताया जाता है। किसी जमाने में पहाड़ों में सुरंग, घाटी, समतल मैदान और नदियों पर पुल बनाकर रेलवे नेटवर्क का विस्तार किया गया था। लेकिन अब एक कदम आगे बढ़ते हुए भारत में सिर्फ समुद्र पर पुल बनाकर ही नहीं बल्कि समुद्र के नीचे सुरंग बनाकर भी ट्रेनें चलाने की तैयारियां चल रही हैं।
हम सभी जानते हैं, भारत में सबसे पहली ट्रेन मुंबई से ठाणे स्टेशन के बीच चली थी। धीरे-धीरे विकसित होते हुए भारत का रेलवे नेटवर्क आज दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क बन चुका है। रेलवे नेटवर्क के विस्तार के साथ ही देश के हर शहर और कस्बे या गांव में स्टेशनों का विकास भी किया गया है।

क्या आप जानते हैं, आज भारत में कुल स्टेशनों की कितनी संख्या है? भारत में छोटे-बड़े मिलाकर कुल स्टेशनों की संख्या 7345 से भी ज्यादा बतायी जाती है। क्या आप बता सकते हैं, इतने स्टेशनों में भारत का सबसे पहला या सबसे पुराना स्टेशन कौन सा है?
चलिए भारत के Top 10 सबसे पुराने स्टेशनों के नाम और उनका निर्माण कब हुआ, के बारे में बताते हैं -
देश का सबसे पुराना रेलवे स्टेशन
देश का सबसे पुराना रेलवे स्टेशन छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) है। बताया जाता है कि इस स्टेशन का डिजाइन फ्रेडरिक विलियम स्टीवन ने किया था। वर्ष 1878 में इस स्टेशन का निर्माण कार्य शुरू हुआ था और 1887 में पूरा हुआ। इस इमारत का निर्माण महारानी विक्टोरिया के शासनकाल के 50 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में किया गया था। इसलिए उस समय इसका नाम विक्टोरिया टर्मिनस रखा गया था।
बाद में मराठा शासक छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर वर्ष 1996 में इस स्टेशन का नाम पर रखा गया। साल 2017 में स्टेशन का फिर से नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) कर दिया गया। बता दें, भारत के इस सबसे पुराने रेलवे स्टेशन का नाम UNESCO की विश्व धरोहर स्थलों में शामिल है।

दूसरे नंबर पर है भारत का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन
भारत के सबसे पुराने रेलवे स्टेशनों की सूची में दूसरे नंबर पर है कोलकाता का हावड़ा स्टेशन। हावड़ा स्टेशन सिर्फ पश्चिम बंगाल ही नहीं बल्कि देश के सबसे व्यस्ततम स्टेशनों में शामिल है। यह देश का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन भी है, जहां नये और पुराने कॉम्प्लेक्स को मिलाकर कुल 23 प्लेटफार्म से होकर हर दिन सैंकड़ों ट्रेन आवाजाही करती हैं।
इस स्टेशन के बारे में एक दिलचस्प तथ्य यह भी है कि इस स्टेशन परिसर में एक भी ओवरब्रिज नहीं है। यानी एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म तक जाने के लिए यात्रियों को ओवरब्रिज का इस्तेमाल नहीं करना पड़ता है। तो फिर यात्री प्लेटफार्म कैसे बदलते हैं? हावड़ा स्टेशन से जुड़ी दिलचस्प जानकारी के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लीक करें -

देश के सबसे पुराने Top 10 स्टेशन कौन-कौन से हैं :
| नंबर | स्टेशन का नाम | शहर | कब बना | स्टेशन कोड |
|---|---|---|---|---|
| 1. | छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस | मुंबई | 1853 | CSMT |
| 2. | हावड़ा स्टेशन | हावड़ा/कोलकाता | 1854 | HWH |
| 3. | रोया पुरम स्टेशन | चेन्नई | 1856 | RPM |
| 4. | कानपुर सेंट्रल | कानपुर | 1859 | CNB |
| 5. | प्रयागराज जंक्शन | प्रयागराज | 1859 | PRYJ |
| 6. | वडोदरा जंक्शन | वडोदरा | 1861 | BRC |
| 7. | पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन | दिल्ली | 1864 | DLI |
| 8. | चेन्नई सेंट्रल स्टेशन | चेन्नई | 1873 | MAS |
| 9. | आगरा फोर्ट स्टेशन | आगरा | 1873 | AF |
| 10. | वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन | झांसी | 1881 | VGLJ |



Click it and Unblock the Notifications














