ताजमहल परिसर के अंदर आर्कियोलॉजीकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) ने पानी का बोतल ले जाने पर बैन लगा दिया है। ASI ने यह फैसला पिछले कुछ दिनों में लगातार ताजमहल में हुए विवादित घटनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया है। मिली जानकारी के अनुसार पिछले मंगलवार से इस बैन को लागू किया गया है जिसमें मुख्य मकबरे वाले क्षेत्र में अब कोई भी पर्यटक पानी की बोतल लेकर नहीं जा सकेंगे।
पिछले कुछ दिनों से लगातार ताजमहल के अंदर हुए 'जलाभिषेक' जैसे विवादित घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है।

इस बारे में मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार पर्यटकों को ताजमहल परिसर में चमेली फर्श से मुख्य गुंबद इलाके तक पानी का बोतल लेकर जाने पर ASI ने प्रतिबंध लगा दिया है। हालांकि ASI के इस फैसले का कई जगहों पर विरोध किया जा रहा है। इस बारे में टूरिस्ट गाइड वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक दान ने मीडिया से बात करते हुए अपनी चिंता जाहिर की है।
उन्होंने कहा कि गर्मी और उमस वाले मौसम में ताजमहल के अंदर बिना पानी के घूमना संभव नहीं हो पाता है। पिछले कुछ महीनों में अत्यधिक गर्मी की वजह से कई पर्यटकों के बेहोश होने की घटनाएं भी ताजमहल में घट चुकी हैं। ऐसे में पर्यटकों के पानी की गैरमौजूदगी उनकी परेशानी को और भी बढ़ा सकती है। खासतौर पर बच्चों और वृद्धों के लिए यह ज्यादा मुश्किल होगा। साथ ही उन्होंने ASI के इस फैसले से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ताजमहल की छवि खराब होने की आशंका भी जतायी है।

अचानक क्यों लिया गया यह फैसला?
पिछले कुछ दिनों में ताजमहल में कुछ अवांछनिय घटनाएं घटी हैं, जिसके बाद ASI ने सख्ती से पेश आते हुए यह फैसला लिया है। मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार पिछले शनिवार को कुछ युवकों को उस समय गिरफ्तार किया गया, जब उन्होंने ताजमहल की मुख्य गुंबद परिसर में जलाभिषेक किया था।
युवकों का दावा था कि मुगल बादशाह शाहजहां द्वारा इसे मकबरे में तब्दील करने से पहले यहां शिव मंदिर हुआ करता था। इससे पहले ऐसी ही घटना सावन के तीसरे सोमवार को भी घटी थी। जब कुछ महिलाओं ने ताजमहल में इसी दावे के साथ जलाभिषेक कर वहां केसरिया झंडा फहरा दिया था।

भविष्य में ऐसी घटनाएं फिर से न दोहरायी जा सकें, इसे सुनिश्चित करने के लिए ही ASI ने यह फैसला लिया है। इस बारे में ASI के सुपरिंटेंडेंट आर्कियोलॉजिस्ट राजकुमार पटेल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह फैसला पर्यटकों की असुविधा को कम करने के लिए ही लिया गया है। उन्होंने बताया कि मुख्य गुंबद में तैनात सभी कर्मचारियों के पास पानी के बोतल मौजूद रहते हैं।
अगर जरूरत होती है, उनका इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह फैसला ताजमहल की गरिमा को बनाए रखने और इस तरह के धार्मिक नियमों का पालन ताजमहल परिसर में रोकने के उद्देश्य से ही किया गया है। हालांकि दीपक दान ने अपने बयान में कहा कि ASI को इस तरह के बैन लगाने के बजाए, ताजमहल में कर्मचारियों की निगरानी को बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।



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