सी-प्लेन (Sea-Plane) के बाद अब अहमदाबाद में एयर-टैक्सी (Air-Taxi) चलाने की हो रही है तैयारी। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अगले 1 से 1.5 सालों के अंदर अहमदाबाद में शुरू हो सकती है एयर-टैक्सी। बताया जाता है कि अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट से केवडिया में मौजूद स्टैच्यू ऑफ यूनिटि तक केंद्र सरकार ने सी-प्लेन सेवा को लॉन्च किया था लेकिन कुछ कारणवश परिवहन का यह साधन पर्यटकों को खास पसंद नहीं आया।
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार भारत ने एडवांस एयर मोबिलिटी (AAM) में गुजरात और आंध्र प्रदेश के 4 संभावित स्थानों की पहचान की है, जहां अगले 12 से 18 महीनों के अंदर नियंत्रित इलेक्ट्रिक वर्टिकल (eVTOL) विमानें लैंड और उड़ान भरेगी।

Gujarat Samachar की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार गुजरात और आंध्र प्रदेश में कुल 4 जगहों को एयर-टैक्सी के ट्रायल के लिए चुना गया है। बताया जाता है कि देश में ये चारों जगहें और दोनों राज्य प्रथम हैं, जहां एयर टैक्सी का ट्रायल किया जाएगा। गुजरात में अहमदाबाद और मांडवी (कच्छ) और आंध्र प्रदेश में कुरनूल व पुत्तपर्ती एयरपोर्ट को एयर टैक्सी के ट्रायल रन के लिए चुना गया है।
बताया जाता है कि इस साल जनवरी में केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्रालय और वर्ल्ड फोरम्स सेंटर फॉर द फोर्थ इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन (C4IR) इंडिया के साथ मिलकर किये गये क्षेत्र सर्वेक्षण के बाद इन जगहों का चुनाव किया गया है।
swarajyamag.com की मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सीविल एविएशन के निदेशक शंखेश मेहता व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों, जिसमें DGCA और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के प्रमुख अधिकारी मौजूद थे, की मौजूदगी में यह सर्वेक्षण किया गया था।
बताया जाता है कि गुजरात में अहमदाबाद के साबरमति रिवरफ्रंट, कच्छ जिले के मांडवी और अम्रेली जिले में एयर टैक्सी की संभावनाओं को लेकर अध्ययन किया गया है। दावा किया जा रहा है कि अगले 12 से 18 महीनों के दौरान चुने गये इन सभी जगहों से अलग-अलग रूट्स पर एयर-टैक्सी (eVOLT) उड़ान भरेगी और लैंड करेगी।
बता दें, कहा जा रहा है कि eVOLT को पर्यावरण के अच्छा माना जाता है। दावा किया जा रहा है कि अहमदाबाद समेत गुजरात व आंध्र प्रदेश के विभिन्न जगहों पर जिन एयर-टैक्सी का संचालन किया जाएगा, वह बैट्री से चलने वाले छोटे-छोटे हेलीकॉप्टर होंगे।
ये हेलीकॉप्टर बड़ी आसानी से वर्टिकल लैंड और टेक-ऑफ करने में सक्षम होंगे, जिसकी वजह से इन्हें रनवे की जरूरत ही नहीं होगी। केंद्रीय सिविल एविएशन विभाग के हवाले से दावा किया जा रहा है कि इन एयर टैक्सी में अत्याधुनिक सेंसर लगे होंगे, जिनकी वजह से ये हेलीकॉप्टर के मुकाबले कहीं ज्यादा सुरक्षित भी होंगे।



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