अहमदाबाद-मेहसाणा-पालनपुर रोड को हाई स्पीड रोड के तौर पर विकसित किया जाएगा। गुजरात सरकार ने हाल ही में यह फैसला लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार गुजरात सरकार ने इस साल के बजट में सुदृढ़ रोड संरचनाओं और सुरक्षित सड़कों के माध्यम से परिवहन को सुगम बनाने के उद्देश्य से राज्य के उन सभी हाईवे को हाई स्पीड कॉरिडोर के तहत विकसित करने का फैसला लिया है, जहां से होकर भारी संख्या में वाहन आवाजाही करते हैं।
इसके लिए राज्य सरकार ने ₹3100 करोड़ रुपए का खर्च करने का फैसला लिया है।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने हाल ही में घोषणा की है कि अहमदाबाद-मेहसाणा-पालनपुर रोड को भी इसी परियोजना के तहत हाई स्पीड रोड के तौर पर विकसित किया जाएगा, जिसके लिए ₹263 करोड़ आवंटित होंगे। हाई स्पीड कॉरिडोर बनाने की इस योजना में 6 मुख्य सड़कों का चुनाव किया गया है जिसमें अहमदाबाद से जुड़ने वाली दो सड़कें शामिल हैं। जिन 6 रोड्स का चुनाव हाई स्पीड कॉरिडोर बनाने के लिए किया गया है वो हैं -
- वटामण-पीपली
- सूरत-सचिन-नवसारी
- अहमदाबाद-डाकोर
- भुज-भचाऊ
- राजकोट-भावनगर
- अहमदाबाद-मेहसाणा-पालनपुर
बताया जाता है कि इन सभी रोड्स को हाई स्पीड कॉरिडोर के तौर पर विकसित करने का काम भी शुरू हो चुका है।
Desh Gujarat की एक रिपोर्ट में किये गये दावे के अनुसार इससे पहले मुख्यमंत्री पटेल ने उत्तर गुजरात के मेहसाणा-ऊंझा-सिद्धपुर-पालनपुर हाईवे पर फ्लाईओवर, वाहनों के लिए अंडरपास और 3 नदियों पर ब्रिज बनाने और अलग-अलग 9 क्रॉसिंग स्थलों पर फ्लाईओवर के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान अपनी मंजूरी दी थी।
अब मुख्यमंत्री ने एक अतिरिक्त फ्लाईओवर और वाहनों के लिए 2 अंडरपास बनाने के लिए ₹262.56 करोड़ की मंजूरी भी दी है। बताया जाता है कि मेहसाणा शहर में राधानपुर सर्किल पर होने वाली जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए 6 लेन का एक नया फ्लाईओवर बनाया जाएगा जिसकी आनुमानिक लागत ₹136 करोड़ बतायी जा रही है।

वहीं नगलपुर चौराहे पर लगभग ₹54.40 करोड़ की लागत से वाहनों का आवाजाही के लिए 6 लेन चौड़ा अंडरपास, उनावा में ₹72.16 करोड़ करोड़ की लागत से वाहनों के लिए 6 लेन चौड़ा अंडरपास बनाने पर भी मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अपनी मंजूरी दे दी है। इन सभी सड़कों, फ्लाईओवर, अंडरपास और हाई स्पीड कॉरिडोर के निर्माण का सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को होगा जिन्हें व्यापारिक अथवा किसी भी तरह के काम के सिलसिले में अहमदाबाद आना-जाना पड़ता है। इससे उत्तर गुजरात में आवाजाही करना पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा आसान बनने वाला है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने इस साल अगस्त में ही थरद से मेहसाणा-अहमदाबाद के बीच नेशनल हाई स्पीड कॉरिडोर को मंजूरी दी है जिसके निर्माण के लिए करीब ₹10,534 करोड़ आवंटित करने का फैसला भी लिया है। यह नेशनल हाई-स्पीड कॉरिडोर (Expressway) भारतमाला परियोजना का हिस्सा होगा, जो लगभग 214 किमी लंबा और 6 लेन चौड़ा होगा।



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