दिवाली की रात को हुई आतिशबाजी ने राजधानी दिल्ली का दम घोंट दिया। लेकिन अच्छी बात यह रही कि रात जितनी गहरी हुई धीरे-धीरे प्रदूषण के स्तर में भी थोड़ा सुधार दर्ज किया गया। हालांकि दिल्ली में अभी भी हवा की गुणवत्ता का स्तर 'खराब' श्रेणी में ही दर्ज किया गया है। दिल्ली में सिर्फ प्रदूषण का स्तर ही नहीं बल्कि पिछले साल के मुकाबले इस साल पटाखों का शोर भी ज्यादा हुआ है।
मीडिया रिपोर्ट्स में किये गये दावे के अनुसार दिल्ली में रहने वाले 69% परिवारों में एक या एक से अधिक सदस्य को गले में खराश या फिर खांसी की परेशानी है। बड़ी संख्या में लोगों को सांस लेने में दिक्कत और धुएं के कारण आंखों में जलन भी महसूस हो रही है। सिर्फ दिल्ली ही नहीं, देश के कई राज्यों के अलग-अलग शहरों में भी हवा की गुणवत्ता का स्तर खराब श्रेणी में पहुंच गया है, जिसमें पटना, वाराणसी, अहमदाबाद आदि भी शामिल हैं।

पहले बढ़ा, फिर कम हुआ प्रदूषण का स्तर
दिवाली की रात यानी 31 अक्तूबर को दिल्ली व NCR में जमकर आतिशबाजी हुई। रात को 8 बजे से आतिशबाजी का सिलसिला शुरू हुआ जो रात बढ़ने के साथ ही रफ्तार भी पकड़ने लगी। हालांकि रात को 12 बजे के बाद आतिशबाजी में थोड़ी कमी आई लेकिन तब तक प्रदूषण का स्तर काफी खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका था। लेकिन देर रात 2-3 बजे के बाद से दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में थोड़ी कमी आई।
दिल्ली में सबसे ज्यादा प्रदूषण रात को 12 से 2 बजे के बीच ही दर्ज किया गया। पर ऐसा क्यों हुआ कि रात को 12 बजे प्रदूषण का स्तर बढ़ा लेकिन 2-3 बजे के बाद से प्रदूषण में कमी आयी! मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार रात को 2-3 बजे के बाद हवाओं की गति में सुधार हुआ था। इसके साथ ही दूसरे वर्षों के मुकाबले इस बार दिवाली पर गर्मी भी ज्यादा थी। इस वजह से धुएं को छंटने में मदद मिली और पटाखों से फैला प्रदूषण भी तेजी से कम हुआ।
दिल्ली में कहां कितना रहा AQI
| इलाका | 8 बजे | रात 12 बजे | सुबह 4 बजे |
| बवाना | 300 | 291 | 431 |
| नेहरू नगर | 324 | 1527 | 390 |
| नेहरू स्टेडियम | 161 | 963 | 324 |
| विवेक विहार | 222 | 1853 | 396 |
| नरेला | 125 | 224 | 249 |
| नजफगढ़ | 124 | 207 | 252 |
| रोहिणी | 191 | 775 | 456 |
| ओखला | 257 | 1322 | 329 |
| अशोक विहार | 178 | 887 | 406 |
| जहांगीरपुरी | 294 | 385 | 412 |
| द्वारका सेक्टर-8 | 144 | 793 | 348 |
| अलीपुर | 158 | 351 | 403 |
| ऑरोविंदो मार्ग | 84 | 404 | 274 |
| मुंडका | 215 | 464 | 400 |
| आनंद विहार | 209 | -- | 444 |
| आर के पुरम | 465 | 713 | 337 |
पिछले साल ज्यादा रहा पटाखों का शोर
दिल्ली में इस साल पटाखे जलाने पर अतिशी सरकार ने बैन लगाया हुआ था लेकिन इन प्रतिबंधों को दरकिनार करते हुए दिल्लीवालों ने दिवाली की रात जमकर आतिशबाजी की। सिर्फ फुलझड़ियां, चकरी या रॉकेट ही नहीं बल्कि तेज आवाज वाले पटाखे भी काफी छुड़ाए गये। नतीजा यह हुआ कि पिछले साल के मुकाबले इस साल दिल्ली में कई जगहों पर शोर भी अधिक दर्ज किया गया।
मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली के कई आवासीय और औद्योगिक इलाके पूरी रात ही गंभीर शोर की स्थिति में रहा लेकिन कुछ इलाकों में शोर ने तो पिछले साल के रिकॉर्ड को भी तोड़ डाला। सर्वाधिक शोर रात को 9 बजे तक दर्ज किया गया।
| इलाका | श्रेणी | 2024 का अधिकतम शोर | 2023 का अधिकतम शोर |
| करोल बाग | कमर्शियल | 94.5 | 89.4 |
| जहांगीरपुरी | आवासीय | 84.2 | 89.3 |
| पटपड़गंज | औद्योगिक | 81.8 | 83.6 |
| लाजपत नगर | कमर्शियल | 81.5 | 79.9 |
*शोर का स्तर (डेसीबल में)

हर 10 में 7 परिवार पड़ रहा बीमार
दिल्ली की हवा में इतना ज्यादा जहर घुल गया है कि यह अब भयानक स्तर पर पहुंच चुका है। हवा की खराब गुणवत्ता के कारण हर 10 में से 7 परिवार का कोई न कोई सदस्य बीमार पड़ रहा है। NDTV की रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली के 69% परिवारों पर प्रदूषण का सीधा असर देखने को मिल रहा है। बताया जाता है कि गुरुवार (दिवाली) की रात को दिल्ली और एनसीआर के कुछ इलाकों का AQI 999 तक पहुंच गया था, जो अपने आप में ही रिकॉर्ड है।
दिल्ली में रहने वाले 21,000 लोगों पर किये गये सर्वे के अनुसार -
- दिल्ली में रहने वाले 69% परिवारों के एक या एक से अधिक सदस्यों को गले में खराश या खांसी की समस्या है।
- 46% लोगों को नाक बहने या बंद होने की समस्या के साथ-साथ आंखों में जलन भी हो रही है।
- 31% लोगों को प्रदूषण की वजह से सांस लेने में परेशानी हो रही है और अस्थमा भी बढ़ रहा है।
- 31% लोगों को प्रदूषण के कारण सिर में दर्द बने रहने की समस्या हो रही है।
- 23% लोग ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रहे हैं।
- 15% लोगों को सोने में कठिनाई हो रही है।
- पिछले 2 सप्ताह में 18% से बढ़कर 23% परिवारों ने एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करने की बात कही है।
हालांकि, दिल्ली में 31% लोग ऐसे भी हैं, जिनके परिवार के किसी भी सदस्य को प्रदूषण से कोई खास समस्या नहीं हुई है।
दूसरे शहरों का कितना रहा AQI?
| शहर | AQI |
| दिल्ली | 676 |
| मुंबई | 291 |
| नोएडा | 232 |
| बेंगलुरु | 154 |
| गुरुग्राम | 221 |
| फरीदाबाद | 180 |
| लखनऊ | 174 |
| गाजियाबाद | 846 |
| पटना | 203 |
| चंडीगढ़ | 191 |
| आगरा | 235 |
| वाराणसी | 134 |
| जयपुर | 379 |
| अहमदाबाद | 296 |
| इंदौर | 298 |
| कानपुर | 195 |
**मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के आधार पर



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