दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे 5 दिनों तक पूरी तरह से बंद रहेगा। जी हां, आपने सही पढ़ा। इस महीने 5 दिनों के लिए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को बंद रखने का फैसला लिया गया है। एक्सप्रेसवे को एक बार में पूरी तरह से बंद न करके चरणबद्ध तरीके से बंद किया जाएगा। पर क्यों?
न तो एक्सप्रेसवे की मरम्मत करनी है और न ही इसका कोई भी हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। फिर क्यों 5 दिनों तक एक्सप्रेसवे को बंद रखने का फैसला लिया गया? और कब से कब तक बंद रहने वाला है दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे?

क्यों बंद होगा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे?
दरअसल, सावन के महीने में होने वाली हरिद्वार की कांवड़ यात्रा की वजह से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को बंद करने का फैसला लिया गया है। इस साल भी जुलाई के अंतिम सप्ताह से सावन का महीना शुरू होने वाला है। इस वजह से गंगा से जल लेने जाने वाले कांवड़ियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गाजियाबाद में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के एक हिस्से को बंद रखने का फैसला लिया गया है।
28 जुलाई की रात से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक को दिल्ली सीमा से सटे यूपी गेट से मेरठ सीमा के पास काशी टोल प्लाजा तक बंद कर दिया जाएगा। संभावना जतायी जा रही है कि एक्सप्रेसवे को कम से कम 5 दिनों तक बंद रखा जाएगा।
क्या होगा वैकल्पिक रास्ता?
जितने दिनों तक दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को कावड़ियों के लिए बंद रखा जाएगा, उतने दिन इससे सटे NH-9 की लेन से गाड़ियां आवाजाही कर सकेंगी। NH-9 से होकर ऐसा ही डाइवर्जन पिछले साल भी किया गया था, जब जाम की परेशानी पैदा हो गयी थी।
उस समय ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, डीएनडी फ्लाईवे और नोएडा एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल भी किया गया था। इस बात की जानकारी पुलिस कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा ने दी। उन्होंने बताया कि इस दौरान यातायात को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए विस्तृत रणनीति बनायी गयी है।

बता दें, आमतौर पर उत्तर प्रदेश या दिल्ली से गंगाजल लाने हरिद्वार जाने वाले कांवड़िये गाजियाबाद में तीन रूट्स का इस्तेमाल करते हैं।
- पहला, लोनी बॉर्डर से निवारी तक पाइपलाइन रोड से होकर।
- दूसरा, जीटी रोड से NH-34 होकर।
- तीसरा, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे। इस रूट का इस्तेमाल अक्सर डाक कांवड़ियां करते हैं, जो दौड़ते हुए अपना पूरा सफर तय करते हैं।
चरणबद्ध तरीके से बंद होगा एक्सप्रेसवे
पहला चरण (22 जुलाई से 24 जुलाई)
इस दौरान NH-9 और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर भारी वाहनों और बसों की आवाजाही पर रोक रहेगी। हालांकि छोटे व हल्के वाहन एक्सप्रेसवे और NH-58 से होकर आवाजाही कर सकेंगे।
दूसरा चरण (25 जुलाई से 28 जुलाई)
दिल्ली से हरिद्वार की ओर जाने वाले छोटे वाहन NH-58 का इस्तेमाल कर सकेंगे लेकिन उन्हें सड़क के बाएं ओर से ही चलना होगा, जिससे कांवड़ियों को सड़क का दूसरा हिस्सा इस्तेमाल करने में परेशानी न हो।
तीसरा चरण (29 जुलाई से 4 अगस्त)
इस दौरान हरिद्वार से मेरठ के बीच दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और NH-58 पर किसी भी तरह से वाहनों की आवाजाही पर पूरी रोक रहेगी। इस दौरान इन रास्तों से सिर्फ कांवड़िये और डाक कांवड़िये ही गुजरेंगे।



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