दिवाली के बाद से ही राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में बढ़ते प्रदूषण ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। आतिशबाजी के धुएं, पराली जलाने की घटनाएं, वाहनों के धुएं और सड़कों पर उड़ती धूल ने स्थिति को और भी विकट बना दिया है। हालात ऐसे हो गये हैं कि दिल्ली-NCR के कई इलाकों में वायु की गुणवत्ता का सूचकांक (AQI) 400 के पार पहुंच गया है।
दिल्ली और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोग इस दमघोंटू प्रदूषित हवा में सांस लेने के लिए मजबूर हो रहे हैं। अधिकांश दिल्लीवासी इस समय सांस लेने की तकलीफ और आंखों में जलन जैसी समस्याओं से परेशान हैं। वहीं दूसरी ओर यमुना नदी में बढ़ा प्रदूषण भी चिंता का कारण बना हुआ है।

दिन-प्रतिदिन बिगड़ रही है स्थिति
मीडिया रिपोर्ट्स में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के हवाले से दावा किया गया है कि सोमवार (4 नवंबर) की सुबह 8 बजे दिल्ली का औसत AQI 356 मापा गया और दिल्ली के अधिकांश इलाकों का AQI 400 के पार ही बना हुआ है। बता दें, दिल्ली में फिलहाल प्रदूषण की रोकथाम के लिए GRAP 2 को लागू किया गया है लेकिन दिन-प्रतिदिन जितनी तेजी से दिल्ली की हवा में जहर फैल रहा है, उससे जल्द ही GRAP 3 को लागू करने की जरूरत महसूस होने लगी है। हाल फिलहाल में दिल्ली में प्रदूषण से राहत मिलने के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं।
जल्द राहत मिलने की उम्मीद कम
दिल्ली के कई इलाके जहां का AQI सोमवार की सुबह 400 से अधिक दर्ज किया है, उनमें आनंद विहार, अशोक विहार, रोहिणी, द्वारका, पटपड़गंज, विवेक विहार, वजीरपुर, जहांगीरपुरी, मोती बाग, बवाना और पंजाबी बाग जैसे इलाके हैं। पर्यावरणविदों का मानना है कि दिल्ली वालों को जल्द प्रदूषण से राहत मिलने की संभावना बहुत कम है, क्योंकि अभी दिल्ली में हवा की गति शांत है। यह स्थिति प्रदूषण को फैला नहीं पा रही है, जिससे प्रदूषण लगातार दिल्ली के आसमान में बना रह रहा है।
ऐसी स्थिति में दिल्ली वालों को घर से बाहर निकलते समय नाक-मुंह अच्छी तरह से ढंक कर या फिर मास्क लगा कर निकलने की सलाह दी जा रही है। एलर्जी या जलन से बचने के लिए आंखों पर चश्मा या सनग्लास लगाएं। बच्चों को पार्क में खेलने या मॉर्निंग व इवनिंग वॉक पर नहीं जाने की सलाह भी विशेषज्ञ दे रहे हैं। इससे सांस से संबंधित समस्याओं को कुछ समय के लिए टाला जा सकता है।

दिल्ली में कहां-कितना AQI?
| दिल्ली के इलाके | AQI |
| आनंद विहार | 434 |
| अशोक विहार | 410 |
| बवाना | 408 |
| जहांगीरपुरी | 414 |
| मुंडका | 401 |
| द्वारका एनएसआईटी | 403 |
| पटपड़गंज | 401 |
| पंजाबी बाग | 402 |
| रोहिणी | 410 |
| विवेक विहार | 424 |
| वजीरपुर | 414 |
| अलीपुर | 387 |
| द्वारका सेक्टर-8 | 392 |
| IGI एयरपोर्ट | 366 |
| ITO | 348 |
| नरेला | 379 |
| नॉर्थ कैंपस | 394 |
| आरके पुरम | 392 |
| सोनिया विहार | 382 |
NCR और हरियाणा-राजस्थान में कहां-कितना AQI?
| शहर | AQI |
| नोएडा | 305 |
| गाजियाबाद | 295 |
| ग्रेटर नोएडा | 246 |
| गुरुग्राम | 276 |
| भरतपुर | 320 |
| हिसार | 372 |
| हनुमानगढ़ | 344 |
GRAP 3 लागू करने की जरूरत हो रही महसूस
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के कहर को रोकने के लिए बनायी गयी एक सरकारी योजना है GRAP, जिसका अर्थ होता है फुल फॉर्म ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान। इसके कई चरण हैं, जिसमें प्रदूषण को नियंत्रण करने के लिए अलग-अलग पाबंदियां लगायी जाती हैं। वर्तमान में दिल्ली में GRAP 2 लागू है, लेकिन इससे प्रदूषण नियंत्रित होने के बजाए दिवाली पर छोड़े गये पटाखों और पराली आदि समस्याओं की वजह से बढ़ती जा रही है। इसलिए अब दिल्ली में GRAP 3 को लागू करने की जरूरत महसूस होने लगी है।
कब कौन सा चरण होता है लागू
- दिल्ली का AQI जब 201 को पार कर जाता है लेकिन 300 तक रहता है तब GRAP का पहला चरण लागू किया जाता है।
- जब हवा की गुणवत्ता इससे खराब होती है और AQI 301 से 400 के बीच होता है, तब दूसरा चरण लागू किया जाता है, जो इस समय दिल्ली में लागू है।
- हवा की गुणवत्ता का सूचकांक (AQI) 400 के पार चला जाए तो तीसरा चरण लागू किया जाता है, जिसकी अब दिल्ली में जरूरत महसूस हो रही है।
- लेकिन हालात अगर और भी बिगड़ते हैं तो GRAP का अगला और आखिरी चरण 4 को लागू कर दिया जाता है।

चिंता बढ़ा रही है यमुना नदी की जहरीली झाग
दिल्ली में बढ़ रहे प्रदूषण का असर यमुना नदी पर भी दिखाई देने लगा है। खासतौर पर छठ पूजा से पहले यमुना नदी में बन रही जहरीली झाग ने लोगों को परेशानी में डाल दिया है। हालांकि दिल्ली नगर निगम की तरफ से दिल्ली की यमुना से जहरीली झाग को साफ करने का काम शुरू कर दिया गया है लेकिन हर बार साफ करने के कुछ समय बाद ही यह झाग फिर से बन रही है।



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