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श्रीकृष्ण की नगरी द्वारका में शुरू होगा भारत का पहला सबमरीन टूरिज्म, जानें कब होगा आगाज़?

भगवान श्रीकृष्ण की नगरी द्वारका समुद्र में डूब गयी थी। यह सिर्फ कोई पौराणिक कहानी नहीं बल्कि एक सच्चाई है, जो आज भी गुजरात में द्वारका के पास समुद्र की गहराईयों में मौजूद है। आज भी समुद्र के अंदर वह नगरी जिसे अपने हाथों से श्रीकृष्ण ने सजाया था, उसके मौजूद होने के प्रमाण मिलते हैं। सिर्फ इतना ही नहीं, कुछ समय पहले समुद्र में डुबकी लगाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी समुद्र के अंदर द्वारका के दर्शन किये थे।

अब भला आम लोग इस दर्शन से वंचित कैसे रह सकते हैं। अब तक द्वारका के दर्शन के लिए लोगों को डाईविंग करके उसे देखने जाना पड़ता है। लेकिन काफी लोग डर की वजह से यह नहीं कर पाते थे। लेकिन अब द्वारका नगरी के दर्शन सबमरीन में बैठकर किये जा सकेंगे।

dwarka submarine tourism

जी हां, गुजरात के द्वारका में भारत की पहली सबमरीन टूरिज्म की शुरुआत होने वाली है। गुजरात राज्य सरकार पर्यटकों को बेट द्वारका के आसपास के क्षेत्र में घूमाएगी। बेट द्वारका एक छोटा सा द्वीप है, जिसके बारे में कहा जाता है कि किसी समय श्रीकृष्ण की द्वारका नगरी यहीं हुआ करती थी। पिछले साल कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि द्वारका में सबमरीन टूरिज्म की इस साल जन्माष्टमी के समय शुरू होगी। इस साल जन्माष्टमी 26 और 27 अगस्त को मनायी जाएगी। तो क्या वाकई में जन्माष्टमी के समय द्वारका में सबमरीन टूरिज्म की शुरुआत होने वाली है?

कब से शुरू होगी सबमरीन टूरिज्म?

गुजरात सरकार सबमरीन टूरिज्म को Mazgaon Dock Limited (MDL) के साथ मिलकर शुरू करने का प्लान बना रही है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस साल अक्तूबर में यानी दीवाली के समय गुजरात के द्वारका में सबमरीन टूरिज्म की शुरुआत की जा सकती है। टाइटैनिक सबमर्सिबल के तर्ज पर ही इसमें भी विशेष तौर पर डिजाइन किये गये सबमरीन में पर्यटकों को बैठाकर समुद्र के अंदर 100 मीटर की गहराई तक ले जाया जाएगा, जहां वे समुद्र के अंदर डुबी द्वारका नगरी को देख सकेंगे।

इस बारे में गुजरात टूरिज्म के मैनेजिंग डायरेक्टर सौरभ परधी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह न सिर्फ एक अलग तरह की परियोजना है बल्कि द्वारका के पर्यटन में बढ़ावा देने में भी सक्षम है।

dwarka submarine gujarat

कितने लोग बैठेंगे एक सबमरीन में?

समुद्र के अंदर ले जाकर द्वारका नगरी के दर्शन करवाने के लिए जिस सबमरीन को खासतौर पर डिजाइन किया गया है, उसमें एक बार में 30 लोग बैठ सकेंगे। इसका कुल वजन करीब 35 टन होगा। सभी पर्यटकों को सबमरीन में एक सीध में खिड़कियों के पास ही बैठाया जाएगा ताकि उन्हें बाहर देखने में कोई समस्या न हो। आधिकारिक रूप से इस परियोजना की घोषणा 10 जनवरी 2024 को आयोजित वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के दौरान की गयी थी। लेकिन अक्टूबर 2024 से इसके शुरू होने की संभावना है।

बता दें, पिछले कुछ सालों में भारत में आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में काफी उछाल देखा गया है। अगर संख्या में बात की जाए तो इस साल जनवरी से जून तक लगभग 43.80 लाख विदेशी पर्यटक भारत आ चुके हैं। वहीं पर्यटन विभाग के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में किये गये दावों के अनुसार साल 2022 में सिर्फ वाराणसी आने वाले पर्यटकों की संख्या 82 मिलियन रही, जो 2019 के मुकाबले लगभग चार गुना ज्यादा थी।

इससे यह साबित होता है कि भारत में धार्मिक पर्यटन के लिए आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि होती जा रही है। इसलिए उम्मीद की जा रही है कि द्वारका में सबमरीन टूरिज्म के शुरु होने से निश्चित रूप से यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी।

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