कोलकाता का ग्रीन लाइन मेट्रो का सियालदह-एस्प्लेनेड स्ट्रेच, जिसके शुरू होने का इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था। इस मेट्रो स्ट्रेच ने शुरू होने की तरफ एक और कदम बढ़ा दिया है। 21 जनवरी को कोलकाता मेट्रो के ग्रीन लाइन पर सियालदह से एस्प्लेनेड के बीच मेट्रो का पहला ट्रायल रन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस बात की जानकारी कोलकाता मेट्रो के आधिकारिक X हैंडल पर पोस्ट कर दी गयी।
इसके साथ ही हावड़ा मैदान से सॉल्टलेक सेक्टर 5 के बीच मेट्रो के संचालन में आ रही रुकावट का एक पत्थर भी हट गया है। अब जल्द ही इस लाइन पर यात्री सेवाओं को शुरू करने का इंतजार किया जा रहा है।
मंगलवार को सियालदह से एस्प्लेनेड के बीच मेट्रो का ट्रायल रन किया गया। इस मौके पर कोलकाता मेट्रो के जनरल मैनेजर पी. उदय रेड्डी, अन्य अधिकारी और जिम्मेदार इंजीनियरिंग कंपनी के आधिकारी भी मौजूद थे। मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार मात्र 11 मिनट में ही ट्रायल रन का मेट्रो रेक सियालदह से एस्प्लेनेड पहुंच गयी।
खास बात यह रही कि उस मेट्रो स्ट्रेच पर मौजूद बऊबाजार वाला हिस्सा, जहां इससे पहले जमीन धंस जाने जैसी कई परेशानियां हो चुकी हैं, से मेट्रो बड़ी ही आसानी से गुजर गयी। इससे पहले इस रूट पर कई बार ट्रॉली ट्रायल किया जा चुका है, लेकिन पहली बार मेट्रो का रेक ट्रायल किया गया।

ऐसे में यह सवाल जरूर उठता है कि हावड़ा मैदान से सॉल्टलेक सेक्टर 5 के बीच मेट्रो सेवाएं कब से शुरू होने वाली है? मेट्रो रेल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अभी कई बार और रेक ट्रायल किया जाएगा, जिसके बाद अगर सब कुछ ठीक रहा तो रेलवे सेफ्टी इंस्पेक्शन के लिए आवेदन किया जाएगा जिसका सर्टिफिकेट मिलने के बाद ही हावड़ा मैदान से एस्प्लेनेड, सियालदह होकर सॉल्टलेक सेक्टर 5 तक मेट्रो का संचालन किया जाएगा। बताया जाता है कि इस साल के मध्य यानी मई-जून तक हावड़ा से सॉल्टलेक सेक्टर 5 तक मेट्रो का संचालन पूरे कॉरिडोर में शुरू किया जा सकता है।
कोलकाता मेट्रो का ग्रीन लाइन कुछ जगहों पर भूमिगत और कुछ हिस्सों में एलिवेटेड है। इस लाइन पर हावड़ा मैदान से एस्प्लेनेड वाला स्ट्रेच भूमिगत है। यह स्ट्रेच भारत का पहला अंडरवाटर मेट्रो रेल है। वहीं एस्प्लेनेड से सियालदह वाला हिस्सा भी भूमिगत है। लेकिन सियालदह के बाद से सॉल्टलेक सेक्टर 5 तक की मेट्रो लाइन एलिवेटेड है।
बता दें, वर्तमान में कोलकाता मेट्रो के ग्रीन लाइन कॉरिडोर का संचालन एस्प्लेनेड से हावड़ा मैदान और सियालदह से सॉल्टलेक सेक्टर 5 के बीच किया जाता है। एस्प्लेनेड से सियालदह के बीच मेट्रो लाइन निर्माणाधीन थी। एस्प्लेनेड से सियालदह स्ट्रेच में मेट्रो का काम चलते समय ही बऊबाजार इलाके में भूमि धंस जाने की वजह से 70 से अधिक घरों को नुकसान पहुंचा था, जिससे सैंकड़ों परिवार रातोंरात बेघर हो गये थे। इसके अलावा मेट्रो के लिए सुरंग बनाते समय लगातार सुरंग में पानी का भर जाना और टनल बोरिंग मशीन (TBM) का मिट्टी में फंस जाने की वजह से आगे न बढ़ पाना जैसी परेशानियां भी शामिल हैं। इस वजह से टीबीएम को सुरंग में ही छोड़ देना पड़ा था।



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