बांके बिहारी मंदिर के खुलने-बंद होने और भगवान के दर्शन का समय बदलने वाला है। होली के बाद बांके बिहारी मंदिर में ग्रीष्मकालीन समय सारणी लागू की जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार आज यानी 27 मार्च से वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर के समय में परिवर्तन होने वाला है। अब पहले के मुकाबले भक्तों को बांके बिहारी के दर्शन के लिए अधिक समय मिल पाएगा।
अब तक मंदिर के कपाट सुबह 8.45 बजे खुलते थे। दोपहर 1 बजे उन्हें बंद कर दिया जाता था। इसके बाद शाम को 4.30 बजे फिर से मंदिर के द्वार भक्तों के लिए खोले जाते थे जो रात को 8.30 बजे तक खुले रहते थे। अब कल से मंदिर में ग्रीष्मकालीन दर्शन के लिए समय सारणी को लागू किया जाएगा। मिली जानकारी के अनुसार हर साल चैत्र कृष्ण पक्ष की द्वितीया से मंदिर के समय में बदलाव किया जाता है।

क्या होगा नया समय
27 मार्च से बांके बिहारी मंदिर के द्वार सुबह एक घंटे पहले खुलेंगे और रात को 1 घंटा देर से बंद होगा। ग्रीष्मकालीन समय सारणी के आधार पर मंदिर के कपाट सुबह 7.45 बजे खुलेंगे। इसके बाद से दोपहर 12 बजे तक भक्त अपने भगवान के दर्शन कर सकेंगे। यानी पहले के मुकाबले दोपहर में अब एक घंटा पहले मंदिर को बंद किया जाएगा।
शाम को 5.30 बजे (पहले के मुकाबले 1 घंटा देर से) मंदिर खुलेगा और रात को 9.30 बजे शयनभोग आरती के बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिये जाएंगे। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार बांकेबिहारी मंदिर में दिवाली तक ग्रीष्मकालीन समय सारणी के आधार पर मंदिर खोला और बंद किया जाएगा। दिवाली के बाद फिर से शीतकालीन समय सारणी लागू कर दी जाएगी।

ग्रीष्मकालीन समय सारणी लागू होने से भक्तों को भगवान का दर्शन करने के लिए पहले के मुकाबले थोड़ा अधिक समय मिलेगा। बता दें, हाल ही में होली के समय सबसे अधिक धूम मथुरा-वृंदावन की गलियों में मची थी। मंदिर में होली के समय लाखों की संख्या में पहुंचे भक्तों ने होली खेली और अपने आराध्य को रंग लगाया।
हालांकि बांके बिहारी मंदिर प्रशासन की तरफ से होली के समय मंदिर के अंदर गुलाल ले जाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी। ऐसा फैसला आधुनिक केमीकलयुक्त गुलाल और गुलाल स्मोक के इस्तेमाल के कारण होने वाले नुकसान के कारण लिया गया था।



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