विश्व शांति और खुशियां बनाए रखने के उद्देश्य से बौद्ध भिक्षुओं का 5 दिनों तक चलने वाला सामुहिक प्रार्थना शिविर 'मोनलम चेनमो' लेह में शुरू हो चुका है। कोरोना काल की वजह से करीब 3 साल बाद लद्दाख का यह वार्षिक फेस्टिवल 11 मई 2023 को शुरू हुआ है जो 16 मई तक चलेगा।

इस फेस्टिवल का आयोजन ऑल लद्दाख गोंपा एसोसिएशन की तरफ से किया जा रहा है। तिब्बती बौद्धिस्ट कैलेंडर के पहले महीने में 4 से 11 के बीच इस फेस्टिवल का आयोजन होता है। इस फेस्टिवल की शुरुआत तिब्बत में 1409 में सॉन्ग खापा ने की थी, जो गेलुक परंपरा के संस्थापक थे। इस फेस्टिवल में बौद्ध भिक्षु और नन विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन करेंगे और उनमें हिस्सा लेंगे।

लेह में मनाये जा रहे इस वार्षिक फेस्टिवल के साथ ही लद्दाख लोकसभा केंद्र के सांसद जमयांग सेरिंग नमग्याल ने भी संघ समुदाय के लिए एक विशेष सेवाशिविर का आयोजन किया है, जिसे 'संघ के लिए सेवा' का नाम दिया गया है। इस शिविर में विभिन्न सरकारी विभागों और उनकी करीब 20 सरकारी परियोजनाओं का लाभ बौद्ध भिक्षुओं और नन को दिया जा रहा है।

इस दौरान इंडो-तिब्बती बॉर्डर पुलिस (ITBP) ने भी प्रार्थना सभा के आयोजकों से हाथ मिलाया है और 5 दिनों के लिए 'संघ के लिए सेवा' मेडिकल कैंप का आयोजन किया है। लद्दाख में यह फेस्टिवल 1991 से मनाया जा रहा है।



Click it and Unblock the Notifications













