द वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) ने MPOX (मंकी पॉक्स) को पिछले 2 सालों में दूसरी बार वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल (Global Health Emergency) घोषित किया है। MPOX एक बेहद संक्रामक बीमारी है जो नजदीकी संपर्क से आसानी से फैल सकता है। पिछले गुरुवार को ही WHO ने स्विडेन में पाए गये MPOX के मामले को अफ्रीका में फैले संक्रमण का ही परिणाम माना है।
अफ्रीका महाद्वीप से बाहर इस संक्रमण के फैलने की प्रवृत्ति को ध्यान में रखते हुए ही WHO ने इसे वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है।

क्या है MPOX और कैसे फैलता है?
MPOX को पहले मंकी पॉक्स के नाम से ही जाना जाता था। यह एक वायरल संक्रमण है जैसा कि छोटी माता (Small Pox) होती थी। पिछले कई दशकों से खासतौर पर अफ्रीका में MPOX आम लोगों के लिए एक बड़ी स्वास्थ्य परेशानी बन गयी है। सबसे पहले वर्ष 1958 में बंदरों में इस संक्रमण का पता डेनमार्क में चला था। इंसानों में इस संक्रमण के फैलने की जानकारी 1970 में कॉन्गो में मिली थी, जब यह काफी फैलने लगा था।
क्या है MPOX के लक्षण?
सामान्य तौर पर MPOX संक्रमण के लक्षण पहले से लेकर 21 दिनों के अंदर सामने आने लगते हैं और यह संक्रमण 2 से 4 सप्ताह तक स्थायी होता है। MPOX का सबसे सामान्य जो लक्षण हैं, उनमें शरीर पर फफोलों का उगना, बुखार, गले में खराश, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, कमर दर्द, थकावट और लिम्फ नोड्स में सूजन प्रमुख है। MPOX के लक्षणों में अधिकांश लक्षण ही फ्लू के होते हैं।
इसके साथ ही मवाद से भरे फफोले भी होते हैं। हालांकि अधिकांश समय में ये काफी हल्के होते हैं लेकिन कभी-कभी ये जानलेवा भी साबित होते हैं। खासतौर पर महिलाओं, बच्चों, जिनकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है ऐसे लोग और HIV से संक्रमित लोगों को अधिक खतरा होता है। कुछ लोगों के मलाशय में दर्द के साथ सूजन और कुछ को मूत्र विसर्जन में दर्द का अनुभव भी होता है।

कैसे फैलता है MPOX?
MPOX संक्रमित व्यक्ति या जानवर के करीबी संपर्क की वजह से ही फैलता है। अगर किसी संक्रमित व्यक्ति की त्वचा या फफोलों के संपर्क में कोई आता है, तो उसे भी ये संक्रमण होने की संभावनाएं होती है। इसके अलावा WHO ने MPOX फैलने की कई और वजहें बतायी हैं, जो निम्न हैं :
- मुंह के सामने बात करने या सांसों से।
- त्वचा के संपर्क में आने से।
- चुम्बन से।
- शरीर के किसी भी हिस्से में चुम्बन से।
- लंबे समय तक करीबी संपर्क में रहने की वजह से सांसों या एयरोसोल की बूंदों की वजह से।
- संक्रमित जानवर अगर किसी इंसान को काट या खरोंच दे।
क्या है बचने के उपाय?
संक्रमण फैलने के तुरंत बाद शुरुआत में किये गये उपाय से ही इसे नियंत्रण में रखा जा सकता है। इसमें मुख्य रूप से फफोलों और दर्द को कम करने पर ध्यान दिया जाता है। अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आएं हैं जो MPOX से संक्रमित है, तो 4 दिनों के अंदर MPOX वैक्सिन ले लेना चाहिए।
यह संक्रमण को रोकने में मददगार साबित हो सकता है। जो व्यक्ति MPOX से संक्रमित है, उसे दूसरे लोगों से अलग रखा जाना चाहिए। अगर वह दूसरे लोगों के आसपास है तो उसे अपने फफोलों को ढंक कर और नाक-मुंह को हमेशा मेडिकल मास्क से ही ढंक कर रखना चाहिए।
ध्यान दें, जिस व्यक्ति को MPOX का संक्रमण है, उससे दूसरों में तब तक संक्रमण फैलने का खतरा रहेगा जब तक उसके शरीर के सभी फफोले ठीक नहीं हो जाते और शरीर पर त्वचा की नयी परत नहीं आ जाती।
क्या भारत को अभी चिंता करने की है जरूरत?
दुनिया के कुछ हिस्सों में MPOX की वजह से कुछ लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। इसके अफ्रीका के दूसरे हिस्सों से लेकर अफ्रीका के बाहर भी फैलने की पूरी आशंका है। हालांकि यह Covid-19 जितनी तेजी से फैलने वाली बीमारी नहीं है, जो हवा के माध्यम से भी फैलता हो।
इसे अब WHO ने आपातकाल घोषित किया है ताकि इसकी रोकथाम और इलाज से संबंधित जो तरीके व उपकरण हैं उन्हें कांगो और पड़ोसी देशों में उन लोगों तक पहुंचाया जा सकें जिन्हें उनकी सबसे अधिक आवश्यकता है।



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