दीवाली से ठीक पहले एक बार फिर से चक्रवाती तूफान का साया मंडराने लगा है। संभावना जतायी जा रही है कि अगले सप्ताह बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान तैयार होगा, जिसके प्रभाव से भारी बारिश होने की आशंका है। हालांकि चक्रवाती तूफान का असर कौन-कौन से राज्यों पर पड़ेगा इस बारे में अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है।
लेकिन अंतर्राष्ट्रीय मॉडल के आधार पर इस वक्त बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान बनने के लक्षण स्पष्ट नजर आ रहे हैं। अगर यह चक्रवाती तूफान बन जाता है तो इसका नाम होगा 'दाना'। यह नाम कतर का दिया हुआ है।

क्या कहना है मौसम विभाग का?
कोलकाता में मौजूद क्षेत्रीय मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रविवार (20 अक्तूबर) को अंडमान सागर में एक चक्रवात बनेगा। मंगलवार तक यह सिस्टम पूरी तरह निम्न दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होकर मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुंच जाएगा। गुरुवार (24 अक्तूबर) को यह निम्न दबाव का क्षेत्र मध्य बंगाल की खाड़ी में ही अतिगंभीर निम्न दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित हो सकता है।
जिसके बाद यह अपने अगले चरण में चक्रवाती तूफान डाना बनेगा। इस वजह से इस वक्त मछुआरों के लिए भी मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है। बताया जाता है कि मंगलवार और बुधवार को मध्य व दक्षिण बंगाल की खाड़ी में मछुआरों को गहरे समुद्र में जाने से मना किया गया है।
क्या है लैंडफॉल की संभावित जगह?
बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र चक्रवाती तूफान डाना बनने के बाद किस तरफ जाएगा या कौन से राज्यों में तबाही मचाएगा, इस बारे में अभी तक मौसम विभाग ने कोई भी सटिक भविष्यवाणी नहीं की है। लेकिन संभावना जतायी गयी है कि यह चक्रवाती तूफान ओडिशा से बांग्लादेश के खुलना के बीच किसी स्थान पर लैंडफॉल कर सकता है अथवा आंध्र प्रदेश से म्यांमार के बीच किसी स्थान पर लैंडफॉल कर यह स्थल भाग में प्रवेश कर सकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार विश्व के कई मौसम मॉडल ने अक्तूबर के अंत में चक्रवाती तूफान दाना के बनने की आशंका जतायी है। खासतौर पर कई यूरोपीय और अमेरिकी मॉडल ने अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में चक्रवाती तूफान के आने की आशंका जतायी है।
कैसा रहेगा मौसम?
कोलकाता के मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस निम्न दबाव की वजह से कोलकाता, दक्षिण बंगाल और उत्तर बंगाल में बारिश की संभावना जतायी गयी है। बताया जाता है कि शनिवार (19 अक्तूबर) से मौसम में बदलाव होना शुरू हो जाएगा।
रविवार और सोमवार को तो मौसम सुखा रहेगा लेकिन मंगलवार से एक ओर समुद्र में लगभग 55 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलनी शुरू हो जाएगी वहीं बुधवार और गुरुवार को कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल में बारिश होने की आशंका जतायी गयी है। निम्न दबाव के प्रभाव से उत्तर बंगाल में भी बारिश की आशंका जतायी गयी है।

बता दें, इस साल मई के महीने में ही चक्रवाती तूफान रेमल के प्रभाव से पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में मौजूद सुन्दरवन क्षेत्र को काफी नुकसान पहुंचा था। लैंडफॉल के समय रेमल की रफ्तार 130 किमी प्रति घंटा मापी गयी थी। रेमल के प्रभाव से कोलकाता समेत आसपास के उपनगरीय इलाकों में भी काफी बारिश हुई थी।
अब 31 अक्तूबर को दीवाली और उसी रात को कोलकाता व पूरे पश्चिम बंगाल में धूमधाम से काली पूजा मनायी जाएगी। ऐसे में एक बार फिर से राज्य पर चक्रवाती तूफान का काला साया मंडराने लगा है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि चक्रवाती तूफान दाना का पश्चिम बंगाल पर कितना प्रभाव पड़ेगा लेकिन आशंका जतायी गयी है कि लैंडफॉल के समय इसकी रफ्तार करीब 120 किमी प्रति घंटा तक पर पहुंच सकती है।
तो इस साल काली पूजा या दीवाली पर अगर कोलकाता या आसपास के इलाकों में घूमने निकलने का प्लान बना रहे हैं तो अपना छाता या रेनकोट को अलमारी से जरूर बाहर निकाल कर रखें, जरूरत पड़ सकती है।



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