जम्मू-कश्मीर में गुलमर्ग और पहलगाम दोनों ही ऐसी जगहें हैं, जो बर्फबारी के लिए मशहूर हैं। हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक यहां ताजी गिरी बर्फ में खेलने, स्कीईंग करने और कई रोमांचक एक्टिविटी के लिए आते हैं। यहां आने वाले पर्यटकों में देसी के साथ-साथ बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक भी शामिल होते हैं। लेकिन इस साल कश्मीर के गुलमर्ग और पहलगाम में बर्फबारी का लुत्फ उठाने आ रहे पर्यटकों को भारी निराशा हो रही है।

हैरान हो रहे हैं पर्यटक
दिसंबर के अंत से लेकर पूरे जनवरी महीने के दौरान जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग और पहलगाम में बर्फबारी होती है। इन दिनों में यहां इतनी बर्फ पड़ती है कि चारों तरफ बस सफेद बर्फ ही बर्फ नजर आता है। गुलमर्ग में लोग खास तौर पर बर्फ देखने के लिए ही आते हैं। यह दुनिया के बेस्ट स्कीईंग डेस्टिनेशन में से एक है। वहीं पहलगाम में ताजी गिरी बर्फ इसकी सुन्दरता में चार चाँद लगा कर धरती का स्वर्ग बना देता है।
लेकिन इस साल यहां आने वाले पर्यटक बर्फरहित कश्मीर को देखकर न सिर्फ निराश बल्कि हैरान भी हो रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार इस साल गुलमर्ग या फिर पहलगाम में से कहीं भी बर्फ नहीं है। हालांकि यहां ठंड तो है लेकिन ड्राई सर्दी है।
विंटर गेम्स के लिए आते हैं पर्यटक

कश्मीर आने वाले पर्यटकों के लिए गुलमर्ग और पहलगाम मुख्य आकर्षण होता है। यहां दुनियाभर से पर्यटक विंटर गेम्स के लिए आते रहते हैं। गुलमर्ग पश्चिमी हिमालय की पीर पंजाल रेंज में मौजूद है। टूरिस्ट यहां स्कीईंग, स्नोबोर्डिंग, हेली-स्कीईंग आदि गेम्स का लुत्फ उठाने आते हैं, जो मुख्य रूप से बर्फ में ही की जाती है। गुलमर्ग में गंडोला राइड भी होता है, जहां लोग बर्फ देखने के लिए आते हैं।
वहीं पहलगाम में लिडर नदी के किनारे स्थित बेताब वैली में भी लोग इसकी सुन्दरता को देखने और बर्फ से ढंके पहाड़ों की सुन्दरता को निहारने के लिए पहुंचते हैं। बता दें, पिछले (2023) कश्मीर आने वाले पर्यटकों की संख्या करीब 10 लाख पर पहुंच गयी थी।
क्यों नहीं हो रही बर्फबारी
मीडिया रिपोर्ट्स से मिल रही जानकारी के अनुसार सर्दियों के शुरुआत में गुलमर्ग में बर्फबारी हुई थी। इससे उम्मीद जगी थी कि पिछले साल की तरह इस साल भी सर्दियों का सीजन कश्मीर के लिए अच्छा होने वाला है। लेकिन जनवरी में कश्मीर में बर्फबारी का न होना, चिंता का सबब बन गया है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस साल गुलमर्ग में सर्दी का मौसम शुष्क हो गया है और यहां ड्राई विंटर देखा गया है। कश्मीर घाटी में बारिश में करीब 79% की गिरावट दर्ज हुई है।
मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पूरा दिसंबर का महीना और जनवरी का पहला सप्ताह कश्मीर में पूरी तरह से ड्राई रहा है। आने वाले कुछ दिनों में कश्मीर में बारिश की कोई संभावना नहीं है, इसलिए 16 दिसंबर तक यहां का मौसम ड्राई ही बने रहने की संभावना है। बताया जाता है कि यहां अल नीनो नवंबर से जारी है और अगले महीने (फरवरी) तक जारी रह सकता है। अल नीनो की वजह से ही कश्मीर में ड्राई विंटर बना हुआ है और इसी कारण यहां कम बर्फबारी हुई है। बता दें, अल नीनो के कारण ही साल 2023 भारत में रिकॉर्ड सबसे गर्म साल रहा।

कृषि और स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है बुरा प्रभाव
कश्मीर में पड़ रही सूखी सर्दी का बुरा असर टूरिज्म पर पड़ सकता है। जैसा हम सभी जानते हैं, कश्मीर की आय का एक बड़ा हिस्सा यहां आने वाले देसी और विदेशी पर्यटकों से आता है। टूर एजेंसियों का कहना है कि कश्मीर के लिए जो भी पर्यटक बुकिंग कर रहे हैं, उन सभी का पहला सवाल है कि क्या कश्मीर में बर्फ देखने को मिलेगी? ऐसे में बर्फबारी का नहीं होना कश्मीर के लिए बुरी खबर है। हो सकता है कि पर्यटक बर्फबारी नहीं होने से कश्मीर का रूख करना ही बंद कर दें। वहीं बर्फबारी के नहीं होने से कृषि पर भी बुरा असर पड़ेगा।
गर्मी के मौसम में पानी की आपूर्ति के लिए कश्मीर बर्फबारी पर ही निर्भर करता है। बर्फबारी नहीं होने से फलों की गुणवत्ता पर भी बुरा असर पड़ेगा। लंबे समय तक सूखा रहने के कारण सेब के पेड़ कई बीमारियों की चपेट में भी आ सकते हैं। बर्फबारी नहीं होने और कश्मीर में सूखी ठंड पड़ने के कारण प्रदूषण का स्तर भी पहले से काफी बढ़ गया है। इस कारण लोग सांस संबंधित विभिन्न जटिल बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं और अस्पताल में इन बीमारियों की वजह से भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में भी इजाफा नजर आ रहा है।



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