देश के कई राज्यों में मानसून का असर अभी भी जारी है। कुछ राज्यों जैसे बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश आदि के बारे में कहा जा रहा है कि मानसून वहां अब कमजोर पड़ने लगी है। वहीं दूसरी ओर गुजरात में मानसून का विकराल रूप सभी देख रहे हैं। राजधानी दिल्ली में भी अच्छी बारिश देखी जा रही है।
जब समतल में बारिश अपना कहर ढा रही है तो जम्मु-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों को भी सतर्क रहने की सलाह मौसम विभाग की तरफ से दी गयी है। गुजरात पर बारिश के साथ-साथ अब चक्रवाती तूफान का भी खतरा मंडराने लगा है।

भारी बारिश ने गुजरात में अस्त-व्यस्त किया जनजीवन
पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश की वजह से गुजरात में जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान में गुजरात को अभी राहत मिलने के संकेत भी नहीं मिल रहे हैं। मीडिया से बात करते हुए अहमदाबाद मौसम विभाग के अधिकारी रामाश्रय यादव ने बताया कि सौराष्ट्र और कच्छ में भारी से अतिभारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा राजकोट, जामनगर, पोरबंदर, जुनागढ़ और द्वारका में भी भारी बारिश होने की संभावना है। बताया जाता है कि अगले 2 दिनों तक समुद्र की स्थिति भी खराब रहने वाली है।
मंडरा रहा है चक्रवाती तूफान का खतरा
मौसम विभाग द्वारा जारी बुलेटिन में बताया गया है कि सौराष्ट्र और कच्छ में निम्न दबाव का क्षेत्र पश्चिम-दक्षिण और पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है। इस वजह से कच्छ और पाकिस्तानी तटों के पास उत्तरी अरब सागर में यह निम्न दबाव का क्षेत्र प्रकट हो सकता है, जो बाद में चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा।
अगर निम्न दबाव का यह क्षेत्र चक्रवाती तूफान में बदलता है तो इसका नाम 'असना' होगा। यह पाकिस्तान द्वारा ही सुझाया गया है। मौसम विभाग ने 31 अगस्त तक गुजरात में भारी बारिश होने की संभावना जतायी है। वहीं विशेष तौर पर सौराष्ट्र और कच्छ में 2 और 3 सितंबर को भारी से अतिभारी बारिश हो सकती है।

गुजरात में अचानक क्यों हो रही है भारी बारिश?
गुजरात में बाढ़ प्रभावित इलाकों में वायुसेना, सेना और एनडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव कार्यों में लगातार जुटी हुई हैं। लेकिन गुजरात में अचानक इतनी भारी बारिश क्यों हो रही है? इस बारे में दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट में मौसम विशेषज्ञों के हवाले से बताया गया है कि मानसून बंगाल की खाड़ी से उठता है जो निम्न दबाव का क्षेत्र बनाते हुए उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ता है।
इस रूट में आमतौर पर बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में भारी बारिश होती है। लेकिन इस बार मानसून ने अपना रास्ता बदल लिया है। निम्न दबाव वाला क्षेत्र मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान होते हुए पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। इस कारण गुजरात में भारी बारिश होने के साथ-साथ दूसरे राज्यों में भी मौसम का पैटर्न इस बार बदल गया है।
कैसा रहेगा दूसरे राज्यों का मौसम?

दिल्ली
राजधानी दिल्ली में आज (30 अगस्त) बारिश होने की संभावना जतायी गयी है। 31 अगस्त और 1 सितंबर को भी आसमान में बादल छाए रहेंगे। 2 सितंबर को बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं बात अगर 3 और 4 सितंबर की करें तो इन दोनों दिनों में भी हल्की और मध्य बारिश होने की संभावना है। यानी कुल मिलाकर दिल्ली में अगले 1 सप्ताह तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। अधिकतम तापमान 34-36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24-25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश
पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश का मौसम मूल रूप से साफ ही रहेगा। 2 सितंबर को राज्य में भारी बारिश होने की चेतावनी मौसम विभाग ने जारी की है। हालांकि उससे पहले राज्य में मौसम मुख्य तौर पर साफ बना रह सकता है। राज्य में मानसून अब सुस्त पड़ने लगा है और बादल बिना बरसे ही अब लौट रहे हैं।
बिहार
बिहार में भी मानसून अब कमजोर पड़ने लगा है। पटना, बेगुसराय, जमुई, छपरा, गया, खगड़िया, नवादा और नालंदा आदि जिलों में हल्की-फुल्की बारिश हो सकती है लेकिन राज्य में कहीं भी भारी बारिश होने की संभावना मौसम विभाग ने नहीं जतायी है।

राजस्थान और मध्य प्रदेश
राजस्थान में मौसम फिलहास साफ ही बना रहेगा। पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में आज बारिश होने की कोई संभावना नहीं है। लेकिन 1 और 2 सितंबर के आसपास मौसम बदलने के आसार हैं। उस समय राजस्थान में भारी बारिश हो सकती है। वहीं मध्य प्रदेश में आज कई इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना जतायी गयी है। भोपाल, इंदौर, छिंदवाड़ा, बैतूल, गुना, ग्वालियर, खंडवा, रीवा आदि जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ ही धुलभरी आंधियां चलने की भी संभावना है।
पहाड़ी इलाकों का मौसम
बात अगर पहाड़ी राज्यों की करें तो यहां मूल रूप से मौसम साफ ही बना रह सकता है। लेकिन 1 और 2 सितंबर को जम्मू-कश्मीर आदि इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना मौसम विभाग ने जतायी है। हिमाचल प्रदेश में भी अभी मौसम साफ रहेगा लेकिन 2 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है।
उत्तराखंड में आज से लेकर 2 सितंबर तक गरज के साथ बारिश होने की संभावना जतायी गयी है। इसलिए मौसम विभाग ने पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि पहाड़ों पर भू-स्खलन का खतरा बना रहता है।



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