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सिर्फ शिमला मनाली ही नहीं, ये भी है उत्तर भारत का गहना

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घूमना हर किसी को पसंद होता है, बस नहीं होती हैं तो छुट्टियां। खैर अगर आपके पास छुट्टियां है और आप घूमने का मन बना रहे हैं, तो इस जनवरी उत्तर भारत की कुछ जगहों की सैर करें।

हिमाचल प्रदेश के अंजान, प्रकृति की गोद में बसे गाँव!

अगर आप सोच रहे हैं, कि हम आपको उत्तर भारत में स्थित शिमला,मनाली या फिर दिल्ली घूमने की सलाह देने वाले हैं, तो रुक जाइए जनाब....उत्तर भारत में इन जगहों के अलावा भी सैकड़ों जगहें घूमने की हैं,जिन्हें बस नजरंदाज कर दिया जाता है।

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उत्तर भारत में कई जगहें हैं, जो जनवरी के महीने में आपको कुछ बेहतरीन अवसर प्रदान करती हैं। आप यहां जाकर इन खास जगहों की विविध संस्कृति, इतिहास और परंपरायों को समझ सकते हैं। तो आइये जानते हैं, उत्तर भारत की कुछ खास जगहों के बारे में

हिसार

हिसार

हिसार हरियाणा के खूबसूरत शहरों में से एक है...जोकि अपने खंडहरों के लिए प्रसिद्ध है। पर्यटक यहां आकर खंडहरों को देख सकते हैं,जोकि आपको मराठा शासन काल में ले जायेंगे। इसके अलावा पर्यटक हिसार में अग्रहा धाम, बरसी गेट, फिरोज शाह तुगलक के महल आदि भी देख सकते हैं। आप यहां के स्थानीय लोगों से इन खंडहरों के बारे में बहुत सी लोककथाओं को भी सुन सकते हैं।Pc:Archit Ratan

कपूरथला

कपूरथला

कपूरथला को 'महलों और बागों का शहर' भी कहा जाता है, शहर का नाम राणा कपूर के नाम पर पड़ा, जो जयसलमेर (राजस्‍थान) के राजपूत घराने के वंशज थे और उन्‍होंने ही इस जगह की स्‍थापना की थी। एक समृद्ध इतिहास और जीवंत संस्कृति के साथ, यह शहर निश्चित तौर पर किसी भी यात्री का ध्यान आकर्षित करता है।

कपूरथला के आकर्षण की एक विविध श्रृंखला आवास, इतिहास और संस्कृति का एक बहुरूपदर्शक है। पंच मंदिर, कंजली झीले और जगजीत पैलेस (क्षेत्र के सबसे असाधारण वास्तु चमत्कारों में से एक) से गुरुद्वारा बेर साहिब और पुष्पा गुजराल साइंस सिटी तक, इस खूबसूरत शहर में यात्रा करने के लिए पर्यटकों के लिए कई जगहें हैं।
Pc:Paul Hamilton

 चौकोरी

चौकोरी

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जि़ले में समुद्रतल से 2010 मी. ऊपर स्थित चौकोरी एक सुंदर हिल स्टेशन है। पश्चिमी हिमालय की पर्वतश्रंखला के पास स्थित यह जगह उत्तर में तिब्बत और दक्षिण में तराई से घिरी है। यह अद्भुत स्थान देवदार, बांज और रोडोडेंड्रोन के जंगलों से ढका हुआ है। मक्का के आकर्षक खेत और फलों के बाग इस जगह की सुंदरता को बढ़ाते हैं। चौकोरी में अनेक ऐतिहासिक मंदिर स्थित हैं। बेरीनाग गाँव में स्थित नागमंदिर एक प्रमुख तीर्थ है। ऐसा माना जाता है कि यह नागमंदिर नागवेणी राजा बेनीमाधव द्वारा बनवाया गया था। यहाँ आने वाले यात्री समुद्रतल से 1350 मी. ऊपर स्थित पटल भुवनेश्वर भी देख सकते हैं। भगवान शिव को समर्पित इस मंदिर तक एक सुरंगनुमा गुफा से होकर पहुँचा जा सकता है।Pc: Tribhuwan

पानीपत

पानीपत

पानीपत हरियाणा का एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यहाँ तीन ऐतिहासिक लड़ाइयाँ हुई जिन्होंने भारत का इतिहास बदल दिया। यह शहर और इसी नाम पर स्थित जि़ले में महान ऐतिहासिक और सांस्कृतिक अभिरुचियों वाले अनगिनत स्मारक हैं। पानीपत का उल्लेख भगवद् गीता के पहले छंद में भी किया गया है, जहाँ इसे 'धर्मक्षेत्र' कहा गया है।

पानीपत में अनेक स्मारक, इमारतें और संग्रहालय हैं। पानीपत संग्रहालय में समकालीन कला और शिल्प की वस्तुएं हैं तथा इस क्षेत्र के इतिहास को रोचक तरीके से प्रदर्शित किया गया है। आप यहाँ पुराना किला, एक प्राचीन किला भी देख सकते हैं जो अधिकतर खंडहर बन चुका है।

Pc:Ramesh Lalwani

भुन्तार

भुन्तार

भुन्तार हिमाचल प्रदेश में स्थित एक छोटा सा शहर है और कुल्लू घाटी के प्रवेश द्वार के रूप में जाना जाता है। यह अपने विभिन्न धार्मिक केंद्रों के लिए विख्यात है यहां कई मंदिर भी देखे जा सकते हैं । यहां आने वाले पर्यटक इन मंदिरों को देख सकते हैं, इन मंदिरों की वास्तुकला वास्तव में हतप्रभ कर देने वाली है।Pc:RameshSharma1

कौसानी

कौसानी

प्राकृतिक सौंदर्य, मनोहारी दृश्य, हरियाली, हरी-भरी घाटियां और पर्वत की चोटियों को अपने में समेटे कौसानी एक बेहद खूबसूरत पर्यटक स्थल है। जो कि 1980 मीटर की ऊंचाई पर बसा हुआ नगर है। यहाँ से पर्वत की चोटियों का अद्भुत नज़ारा वाकई मनमोह लेने जैसा होता है। इसीलिए तो इसकी खूबसूरती को देख 'महात्मा गांधी' ने कहा था कि 'अगर धरती पर कहीं स्वर्ग है तो यहीं है' यानि 'कौसानी धरती का स्वर्ग' है। चीड़ और देवदार के वृक्षों से घिरा यह नगर पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करता है तभी तो हज़ारों मिल की दूरी भी तय करके पर्यटक यहाँ अवश्य आते हैं। यहाँ के सूर्योदय का नज़ारा अद्भुत होता है।Pc:Anshumandatta

रेवाड़ी

रेवाड़ी

रेवाड़ी हरियाणा के रेवाड़ी जिले में स्थित एक शहर है। दिल्ली से 82 किलोमीटर दूर स्थित,यह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का अंग है। इतिहास कहता है कि हेमू, भारत का अंतिम हिन्दू सम्राट, रेवाड़ी में पला बढ़ा व शिक्षित हुआ। उनकी हवेली अभी भी शहर के कुतबपुर इलाके में मौजूद है। रेवाड़ी का मुख्य आकर्षण रेवाड़ी हेरिटेज स्टीम लोकोमोटिव संग्रहालय है।Pc:Sudhirkbhargava

बिठूर

बिठूर

बिट्ठुर, हिंदू धर्म के लोगों के लिए प्रमुख धार्मिक स्‍थल है, साथ ही साथ इस स्‍थल का ऐतिहासिक महत्‍व भी काफी है। यह शहर काफी प्राचीन है और कई किंवदंतियों व कथाओं में इसका उल्‍लेख मिलता है।बात यदि बिट्ठुर में पर्यटन की हो तो बिट्ठुर में सैर करने का केवल यही अर्थ नहीं है कि आप सिर्फ इतिहास के बारे में जानें, ऐतिहासिक चीजें देखे और चले जाएं। यह शहर बेहद शांत और सुंदर है, यहां प्राकृतिक सुंदरता की भरमार है। धार्मिक मंदिरों से लेकर नदी में नाव की सैर तक का आनंद यहां आकर उठाया जा सकता है।Pc: Mukerjee

सरचू

सरचू

हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के बीच की सीमा पर स्थित सरचू, जिसे सर भू चुन के नाम से भी जाना जाता है। यह स्थान मनाली से लेह तक यात्रा करने वालों के लिए रात भर आराम करने वाला आधार है।सरचू उन व्यक्तियों के लिए ट्रेकिंग आधार के रूप में कार्य करता हैं जो लद्दाख के झांस्कर क्षेत्र के आसपास ट्रेक करना चाहते हैं। Pc: Mahuasarkar25

गोमुख

गोमुख

गोमुख एक खूबसूरत जगह है जो गंगोत्री ग्‍लेश्यिर के अंत में चिन्ह्ति है। यह उत्‍तराखंड राज्‍य के उत्‍तरकाशी जिले में स्थित है। यह हिमालय क्षेत्र के सबसे बड़े ग्‍लेश्यिरों में से एक है और चारों तरफ से शिवलिंग, थालय सागर, मेरू और भागीरथी तृतीय की बर्फ ढकी पहाडियों से घिरा हुआ है। इस ग्‍लेश्यिर का टर्मिनल प्‍वाइंट एक गाय के मुंह जैसा दिखता है, इसी कारण इस जगह को गोमुख के नाम से जाना जाता है।

यह जगह पर्यटकों के लिए विशेष ट्रैकिंग के अवसर प्रदान करती है। लोकप्रिय ट्रैकिंग रूट यानि रास्‍ता गंगोत्री से शुरू होता है और गीला पहाड़ और चिरबासा से होकर गुजरता है। यह भूस्‍खलन और कठिन ढलानों वाला चुनौतीपूर्ण रास्‍ता है। तपोवन और नंदनवन के लिए भी ट्रैकिंग का रास्‍ता गोमुख से शुरू होता है।Pc:Atarax42

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