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हिलस्टेशन और समुद्री तट नहीं बल्कि यहां मनाये नये साल का जश्न

Written By: Goldi

साल का आखिर महीना,तो इस साल कहीं आप घूमने गये या फिर पढ़ाई या फिर ऑफिस के चक्कर में ही पड़े रह गये। अगर आप दिसम्बर या नये साल में छुट्टियाँ मनाने की सोच रहे हैं, फिर तो ठीक है..लेकिन कहां गोवा या फिर दक्षिण भारत के रोमांटिक हिल स्टेशन...

अरे हम ये इसलिए कह रहे हैं,अक्सर सभी यही जगह घूमने के लिए चुनते हैं, खैर अगर आप अपना नये साल का जश्न कहीं अनोखी और हटके वाली जगह पर मनाना चाहते हैं, तो हमारे पास आपके लिए सजेशन है। जी हां गोवा और हिल स्टेशन घूमने तो सभी जाते हैं, तो क्यों ना अप इस बार अपने नये साल का जश्न रेगिस्तान के बीच बनाये

जैसलमेर

जैसलमेर

जैसलमेर,'गोल्डन सिटी', राजस्थान के शाही महलों और लड़ने वाले ऊंटों के साथ एक रेतीले रेगिस्तान के आकर्षण का प्रतीक है। यह विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल महान थार रेगिस्तान के बीच में स्थित है। जैसलमेर अपने शाही किलों, हवेलियों, महलों, संग्रहालयों और मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। यहां पर्यटक जैसलमेर किला,सलीम सिंह हवेली,गोपा चौक आदि।करामाती महलों के अलावा, जैसलमेर शहर में कुछ संग्रहालय स्थित हैं। डेजर्ट सांस्कृतिक केंद्र और संग्रहालय जातीय उपकरणों, दुर्लभ जीवाश्मों, प्राचीन शास्त्रों, मध्ययुगीन सिक्कों और पारंपरिक कलाकृतियों के दुर्लभ संग्रह को दर्शाती है। पर्यटक यहां ऊंट की सवारी और जीप सफारी का मजा भी ले सकते हैं।PC:Honzasoukup

जोधपुर

जोधपुर

जोधपुर अपनी अनूठी विशेषताओं के कारण इस शहर को दो उपनाम 'सन सिटी' और 'ब्लू सिटी' मिले हैं।'सन सिटी' नाम जोधपुर के चमकीले धूप के मौसम के कारण दिया गया है, जबकि 'ब्लू सिटी' नाम शहर के मेहरानगढ़ किले आसपास स्थित नीले रंग के घरों के कारण दिया गया है। जोधपुर को 'थार के प्रवेश द्वार' के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि यह शहर थार रेगिस्तान की सीमा पर स्थित है। यह शहर 1459 ई0 में राठौड़ परिवार के नेता राव जोधा द्वारा स्थापित किया गया था। अपने दामन में राजसी गौरव को समेटे जोधपुर बड़ी संख्या में पर्यटक को अपनी ओर लुभाता है। यहां आप नीले भवन से लेकर जगमग करते महल और कई ऐतिहासिक किले देख सकते हैं। चमक दमक से भरपूर इस शहर में घूमने पर आप राजस्थान के मरुभूमि के कुछ बेहतरीन पर्यटन स्थल घूम उमैद भवन महल,मेहरानगढ़ किला,जसवंत थाडा आदि देख सकते हैं।PC:Kroisenbrunner

पुष्कर

पुष्कर

अजमेर से 14 किमी दूर स्थित पुष्कर राजस्थान की धार्मिक नगरी के नाम से विख्यात है। इस छोटे से शहर में 400 से अधिक मंदिर और 52 घाट हैं। पुष्‍कर में स्थित ब्रहमा मंदिर, भारत में भगवान ब्रहमा को समर्पित कुछ मंदिरों में से एक है। पुष्‍कर के अन्‍य प्रसिद्ध मंदिरों में वारह मंदिर, अप्‍टेश्‍वर मंदिर और सावित्री मंदिर हैं।इस जगह, पवित्र पुष्‍कर झील एक और धार्मिक आकर्षण है,जिसमे आप डुबकी भी लगा सकते हैं।PC:Bernard Gagnon

बाड़मेर

बाड़मेर

राजस्थान में बाड़मेर एक प्राचीन शहर है..इस शहर को 13 वीं शताब्दी ईस्वी में बहाडा राव जिन्हें बार राव के नाम से भी जाना जाता है द्वारा स्थापित किया गया था। बाड़मेर शुरू से ही अपनी परंपरागत कला रूपों, शिल्प, कढ़ाई के कारण भारत के साथ साथ ही विदेशों में जाना जाता है। बाड़मेर की यात्रा के दौरान आप यहां ग्रामीण सौंदर्य, संस्कृति और राजस्थान की विरासत को निहार सकते हैं। यहाँ पर पर्यटकों के लिए कई सारे आकर्षण मौजूद हैं जिनमें बाड़मेर किला रानी भातिअनी मंदिर, विष्णु मंदिर, देवका सूर्य मंदिर, जूना जैन मंदिर, सफ़ेद अखाड़ा प्रमुख हैं।

बीकानेर

बीकानेर

राजस्थानी शहर बीकानेर, सुनहरी रेत के टीबों, ऊँटों और वीर राजपूत राजाओं के साथ रेगिस्तान के गहरे रोमांस की मिसाल है। यह खूबसूरत शहर राठौर राजकुमार, राव बीकाजी द्वारा वर्ष 1488 में स्थापित किया गया था। यह शहर अपनी समृद्ध राजपूत, संस्कृति स्वादिष्ट भुजिया नमकीन रंगीन त्योहारों, भव्य महलों, सुंदर मूर्तियों और विशाल रेत के पत्थर के बने किलों के लिए प्रसिद्ध है।PC:Last Emperor

कच्छ

कच्छ

अगर आप नमक के ढेर और दूर तक फैला रेत को देखना चाहते हैं और गुजरात के कच्छ भी जा सकते हैं... 'ग्रेट रण ऑफ कच्छ' को सफ़ेद रेगिस्तान के नाम से भी जाना जाता है। यहाँ नमक ही नमक होता है जो कि रण उत्सव के लिए मशहूर है। यहाँ अनोखी जैव विविधताओं, प्रवासी पक्षियों और जंगली गधे आदि के लिए भी प्रसिद्ध है। नये वर्ष के मौके पर आप यहां रण उत्सव को भी एन्जॉय कर सकते हैं,यहां आकर आप खुली हवा में कल्‍चरल प्रोग्राम का आनंद उठा सकते हैं। इस दौरान चांदनी रात में गुजरात के स्‍वादिष्‍ट रेसिपी का आनंद लेने का अपना मज़ा है, जिसे यहां आकर ही लिया जा सकता है। यहां से पाकिस्तान के सिंध क्षेत्र का नजारा भी देखने को मिलता है जो कच्‍छ से थोड़ी दूर पर ही स्थि‍त है।PC:Rahul Zota

चित्तोड़गढ़

चित्तोड़गढ़

चित्तौड़गढ़ शहर राजस्थान में स्थित है जो लगभग 700 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है और अपने शानदार किलों, मंदिरों, दुर्ग और महलों के लिए जाना जाता है। इस शहर का प्रमुख आकर्षण चित्तौड़गढ़ किला है, जो 180 मीटर ऊँची पहाड़ी पर स्थित है। इस किले में कई स्मारक है जिनमें से प्रत्येक के निर्माण के पीछे कुछ कहानी है। महाराणा फ़तेह सिंह द्वारा बनवाया गया फतेह प्रकाश महल एक सुंदर ऐतिहासिक स्थान है। प्रकृति का पूर्ण रूप से आनंद उठाने के लिए पर्यटक बस्सी वन्य जीवन अभ्यारण्य का भ्रमण कर सकते हैं जो 50 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। इसके अलावा सीतामाता अभ्यारण्य और भैन्स्रोगढ़ वन्य जीवन अभ्यारण्य भी अपनी जीवों और वनस्पतियों के लिए पर्यटकों में लोकप्रिय हैं। पर्यटक पुरातत्व संग्रहालय (आरर्कियोलॉजिकल म्यूज़ियम) का भ्रमण कर सकते हैं जहाँ सुंदर मूर्तियाँ, दुर्लभ चित्र मूर्तियाँ और प्राचीन काल के भित्ति चित्र देखे जा सकते हैं।PC:Tarun802

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