खारडुंग ला का नाम सुनते ही अगर आप यह सोच रहे होंगे की हम भी स्कूटी ज़ेस्ट का विज्ञापन करने वाले हैं, तो घबराईए मत ऐसा कुछ नहीं है। हाँ, पर हम आपको इस जगह से ज़रूर वाकिफ़ कराना चाहेंगे जिसे आप टी वी ऑन करते ही साथ किसी ने किसी चैनल के विज्ञापन में ज़रूर देखते हैं।

खारडुंग ला
Image Courtesy: John Hill
खारडुंग ला को आप खारडुंग पास भी कह सकते हैं क्युंकी टिबटन्स की भाषा में ला का मतलब होता है पास(गुज़रने वाला रास्ता)। खारडुंग ला पहाड़ी पास है जो जम्मू और कश्मीर के लद्दाख क्षेत्र में स्थित है। वहाँ के बोलचाल में लोकल निवासी इसे खार्डज़ाँग ला कहते हैं।
लद्दाख सीमा का यह रास्ता यहाँ की राजधानी लेह के उत्तर दिशा में है जो श्योक और नुब्रा पहाड़ी इलाक़ों का द्वार भी है। इसके उत्तरार्द्ध में सियाचिन ग्लेशियर स्थित है। सन् 1976 में बनाए गये इस पास को सन् 1988 में आम लोगों के लिए खोला गया। तब से कई गाड़ियों, मोटरसाइकल्स, पहाड़ी बाइकिंग की रैलियों को यहाँ से गुज़रते हुए देखा जा सकता है।

खारडुंग ला से श्योक और नुब्रा पहाड़ी की ओर का मूल नक्शा
Image Courtesy: E2v
बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइज़ेशन की देख रेख में यह पास भारत के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है क्युंकी इस पास के ज़रिए ही सियाचिन ग्लेशियर तक सामानों को ले जाया जाता है।
खारडुंग ला की उँचाई 5359 मीटर दर्ज है, पर वहाँ के लोकल शिखर सम्मेलन और वहाँ के दर्जन भर दुकानों के लोगों द्वारा दावा किया जाता है कि इसकी उँचाई 5602 मीटर के आस पास है जो दुनिया में सबसे उँचा, गाड़ियों के गुजरने का रास्ता है।

खारडुंग ला की उँचाई बताता साइन बोर्ड
Image Courtesy: vaidyanathan
खारडुंग ला ऐतिहासिक रूप से मत्वपूर्ण है क्युंकी यह भारत के मुख्य कारवां जो लेह से काशगर(मध्य एशिया) को जाते हैं, का रास्ता है। साल में एक बार यहाँ पर लगभग 10000 घोड़ों और ऊंटों के कारवां को गुज़रते हुए देखा जा सकता है। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इस रास्ते से युद्ध के सामानों को भी चीन तक पहुँचाया गया था।
खारडुंग ला पहुँचें कैसे ?
खारडुंग ला के समीप सबसे बड़ा शहर लेह, लद्दाख की राजधानी है। मनाली और श्रीनगर के रास्ते लेह तक पहुँचा जाता है या फिर दिल्ली से रोज़ाना हवाई यात्रा भी लेह तक उपलब्ध है। फिर वहाँ से बस की सुविधा नुब्रा वैली तक के लिए उपलब्ध है जो खारडुंग ला से होकर जाती है। यहाँ आप लेह से निजी गाड़ी या मोटरसाइकल बुक करा कर भी जा सकते हैं।

खारडुंग ला के ऑफिस और दुकान
Image Courtesy: John Hill
यहाँ जाने से पहले आपको लद्दाख के ही डी सी ऑफिस से इनर लाइन पर्मिट की ज़रूरत पड़ेगी जो आपको हर चेकिंग पॉइंट पर मिलिट्री वालों को दिखानी होगी।
तो अगर आप अभी ही कोई रोमांच से भरी जगह की यात्रा करना चाहता हैं तो सामान उठाइए और निकल पड़िए अपने दोस्तों के साथ खारडुंग ला के लिए। अगर आप खुद ही यहाँ मोटरसाइकल चलाने का अनुभव लेना चाहते हैं तो दिल्ली में इसका भी इंतज़ाम है, जहाँ से आप किराए पर मोटरसाइकल बुक करा कर अपने सफ़र पर निकल सकते हैं।

ठंड के मौसम में खारडुंग ला हिमांक साइन बोर्ड के साथ
Image Courtesy: Y.Shishido
अपनी यात्रा को यादगार बनाने के साथ साथ अपनी तबीयत का भी यहाँ ख्याल रखना ना भूलें। उँचाई से संभंदित बीमारियाँ यहाँ पर यात्रियों के लिए आम है क्युंकी यात्री यहाँ इस उँचे स्थान के वातावरण के आदि नहीं होते हैं।
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