Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »ताले और शेरवानी के अलावा भी बहुत कुछ है अलीगढ़ में, जानें एक ट्रैवलर के लिए क्यों ख़ास है अलीगढ़

ताले और शेरवानी के अलावा भी बहुत कुछ है अलीगढ़ में, जानें एक ट्रैवलर के लिए क्यों ख़ास है अलीगढ़

By Syedbelal

अलीगढ़, भारत के सर्वाधिक आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में स्थित एक प्राचीन और ऐतिहासिक शहर है। यह शहर अध्ययन का एक महत्वपूर्ण केंद्र है तथा प्रसिद्ध अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय सहित कई अन्य शिक्षण संस्थानों के लिये जाना जाता है। अलीगढ़ का एक लंबा इतिहास रहा है यहीं पर फ्रेंच और ब्रिटिश के बीच अली घुर की लड़ाई लड़ी गयी थी। अलीगढ़ पहले ‘कोल' के नाम से जाना जाता था। सम्भवतः इसका यह नाम यहां रहने वाली मूल जनजाति के नाम पर पड़ा था। हालांकि, यह भी माना जाता है कि इसका यह नाम एक पहाड़ या एक ऋषि या दानव के नाम पर रखा गया था। अलीगढ एक प्रमुख शिक्षा केंद्र होने के अलावा उत्तर भारत का एक प्रसिद्ध व्यावसायिक केन्द्र भी है।

यह ताला विनिर्माण उद्योग का केंद्र है- एक ऐसा उद्योग जिसकी जड़े मुगलकाल से जुड़ी हुई हैं। शहर अपने पीतल उत्पादों और 'अलीगढ़ी पजामा' के लिए भी प्रसिद्ध है। यदि बात इस शहर में पर्यटन के आयामों पर हो तो आपको बता दें कि अलीगढ़ का किला शहर का प्रमुख आकर्षण है। डोर का किला इसका साथ देता दिखाई पड़ता है, वर्तमान में यह जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है, परन्तु यह अपने निर्माणकाल की अवधि पर प्रकाश डालता है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय भारत में अग्रणी शैक्षिक संस्थानों में से एक है।

यहाँ आने वाले पर्यटक सर सैयद अकादमी संग्रहालय, चाचा नेहरू ज्ञान पुष्प, जामा मस्जिद, शिवराजपुर में स्थित खेडेश्वर मंदिर तीर्थधाम मंगलायतन जैसे स्थानों की यात्रा करना न भूलें। आइये इस लेख के जरिये जानें कि अपनी अलीगढ यात्रा पर ऐसा क्या है जो आपको अवश्य देखना चाहिए।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय

पूर्व में मोहम्मडन एंग्लो ओरिएंटल कॉलेज (माओ कॉलेज) के नाम से प्रसिद्ध अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय 18 और 19 वीं सदी में शिक्षा और अनुसंधान का एक प्रमुख केंद्र माना जाता था। सर सैयद अहमद खान द्वारा स्थापित इस प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में देश का सबसे बड़ा पुस्तकालय है तथा यह विदेशी तथा देशीय छात्रों को 300 से अधिक शैक्षिक पाठ्यक्रमों की शिक्षा प्रदान करता है। शुरू में विश्वविद्यालय की स्थापना मुसलमानों को प्रशिक्षित करने और उन्हें एक बेहतर भविष्य प्रदान करने के लिए स्थापित किया गया था।

बाद के वर्षों में, इसका प्रयोग प्रत्येक जाति, रंग, राष्ट्रीयता या धर्म के छात्रों को बिना भेदभाव के उच्च गुणवत्ता वाली अंग्रेजी शिक्षा देने के लिए किया जाने लगा। विश्वविद्यालय को भारत में सबसे अच्छे अनुसंधान संस्थानों में से एक माना जाता है तथा एशिया में भी इसको अच्छा स्थान प्राप्त है।

जामा मस्जिद

जामा मस्जिद साबित खान द्वारा 1724 में बनवाई गयी थी, तथा यह अलीगढ़ में सबसे पुरानी और भव्य मस्जिदों में से एक है। इसको बनने में 14 साल लगे थे। मस्जिद बलाई किले के शिखर पर स्थित है तथा यह स्थान शहर का उच्चतम बिंदु है। अपने स्थिति की वजह से, इसे शहर के सभी स्थानों से देखा जा सकता है।

मस्जिद के भीतर छह स्थल हैं जहां लोग नमाज अदा कर सकते हैं। मस्जिद का जीर्णोद्धार कई दौर से गुजरा तथा यह कई वास्तु प्रभावों को दर्शाता है। सफेद गुंबद वाली संरचना तथा खूबसूरती से बने खम्भे मुस्लिम कला और संस्कृति की खास विशेषताएं हैं।

डोर किला

डोर किला अलीगढ़ के सिटी सेंटर में खंडहर में निहित है।18 वीं सदी तक अलीगढ़ को कोल या कोइल नाम से जाना जाता था। हालांकि इसके नाम का मूल अस्पष्ट है। कुछ इतिहासकार मानते हैं कि "कोल" शहर मूल रूप से डोर जनजाति द्वारा बसाया गया था और किला का नाम राजा बुद्धसेन डोर के नाम पर है। उनके शासनकाल के दौरान सभी कानूनी कार्यवाहियां इस किले में आयोजित की जाती थीं। डोर किला प्राचीन काल में सबसे शानदार किलों में से एक माना जाता था।कोल के क्षेत्र का दौरा करने वाले यात्रियों की किताबों में कई संदर्भ मिलते हैं।

तीर्थधाम मंगलायतन

तीर्थधाम मंगलायतन अलीगढ़ में पूजा के कुछ गैर मुस्लिम स्थानों में से एक है तथा जैन संस्कृति और धर्म के लिए समर्पित है।वास्तव में, यह भारत में जैन संस्कृति को समर्पित सबसे बड़ी भूमि माना जाता है। परिसर 16 एकड़ में फैला हुआ है तथा एक प्रगतिशील सामाजिक, धार्मिक अवधारणा को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है तथा जिसमें प्रार्थना, भक्ति, समाज सेवा, शिक्षा और अनुसंधान शामिल हैं। यह तीर्थधाम मंगलायतन अलीगढ़, आगरा राजमार्ग पर स्थित है और दर्शकों के लिए आसानी से सुलभ है।

मौलाना आजाद लाइब्रेरी

मौलाना आजाद लाइब्रेरी किसी भी अन्य पुस्तकालय से अलग है।आधिकारिक तौर पर यह प्रतिष्ठित अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का मुख्य पुस्तकालय है। इसमें एक केंद्रीय पुस्तकालय है तथा विभिन्न तलों पर फैले 80 से अधिक विभागीय पुस्तकालय हैं।इन पुस्तकालयों में पुस्तकों का बेहतर संग्रह है तथा स्नातकोत्तर छात्रों और पेशेवरों की जरूरतों को यह पूरा करती है। यह लाइब्रेरी भारत में सबसे बड़ी और एशिया में दूसरी सबसे बड़ी लाइब्रेरी मानी जाती है। यहां पुस्तकों का संग्रह न केवल छात्रों की जरूरतों को पूरा करता है ,बल्कि भारत के इतिहास और संस्कृति पर भी प्रकाश डालता है।

अलीगढ में क्या क्या है एक ट्रैवलर के लिए

कैसे जाएं अलीगढ़

फ्लाइट द्वारा : अलीगढ़ का निकटतम हवाई अड्डा 130 किलोमीटर दूरी पर स्थित नई दिल्ली हवाई अड्डा है। दिल्ली से, आप बस और ट्रेन से या निजी टैक्सी किराए पर लेकर अलीगढ़ पहुंच सकते हैं।

रेल द्वारा : अलीगढ़ दिल्ली कोलकाता ग्रैंड कॉर्ड लाइन पर स्थित है और अच्छी तरह से उत्तर प्रदेश और भारत के अधिकांश शहरों से जुड़ा हुआ है।अलीगढ़ में मुख्य रेलवे स्टेशन अलीगढ़ जंक्शन है जहां के लिये नई दिल्ली, आगरा, कानपुर, लखनऊ, बनारस, जयपुर, कोलकाता और मुंबई से सुपरफास्ट ट्रेनों की सेवा उपलब्ध है।

सड़क मार्ग द्वारा : राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों का नेटवर्क अलीगढ़ को जयपुर, आगरा, मथुरा, गाजियाबाद, नई दिल्ली, लखनऊ और वाराणसी सहित उत्तर प्रदेश और भारत के अन्य शहरों से जोड़ता है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम तथा निजी कंपनियां दोनों शहर को जाने तथा वापस आने के लिए बसें चलाते हैं।

More News

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+