अमृतसर घूमने जाने वालों की लिस्ट में कुछ चीजें शामिल होती हैं, जिसमें स्वर्ण मंदिर और जालियांवाला बाग देखने जाना, वर्ल्ड फेमस अमृतसरी कुल्चे ट्राई करना और वाघा-अटारी बॉर्डर पर भारतीय BSF जवानों की रिट्रीट परेड देखने जाना शामिल होता है। यह कोई आम परेड नहीं, इस परेड में भारत के जवानों के साथ-साथ बॉर्डर पार पाकिस्तानी सेना के जवान भी परेड करते हैं।

ऐसे में परेड में मौजूद भारतीयों का उत्साह सातवें आसमान पर पहुंचना तो जायज सी बात है...है ना। अगर आप भी अमृतसर और वाघा बॉर्डर पर घूमने के लिए जाने का प्लान बना रहे हैं तो यह आर्टिकल आपके काम का है। हम आपको वाघा बॉर्डर पर होने वाली परेड के बारे में सारी जानकारियां देने वाले हैं। और हां, वाघा बॉर्डर पर जाते समय कुछ बातों का ख्याल रखने की भी जरूरत है, वर्ना कहीं ऐसा ना हो कि आप बॉर्डर तक तो पहुंचे लेकिन बिना इस शानदार परेड को देखे और अनुभव किये ही बैरंग वापस लौट आएं।
पास रखें कौन से सामान
वाघा बॉर्डर पर होने वाली परेड एक ओपन स्टेडियम की तरह होती है। यहां आपको बैठने के लिए सीट तो मिलेगी लेकिन हो सकता है कि सिर के ऊपर कोई छत नहीं हो, क्योंकि सिर्फ आधे स्टेडियम में ही सिर के ऊपर छत है। इसलिए यहां बारिश और तेज धूप से बचने के लिए हमेशा अपने बैग में छाता या रेनकोट और टोपी जरूर रखें। अगर आपको परेड देखते हुए हल्का-फुल्का खाना और पानी की जरूरत महसूस होने वाली है तो उसे ढोकर ले जाने और अपने बैग का वजन बढ़ाने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।

वाघा बॉर्डर के आसपास चिप्स, आईसक्रीम और स्नैक्स समेत पीने के पानी की बोतलें आसानी से उपलब्ध होती हैं। खास बात यह है कि यहां पानी की बोतलों के लिए आपको ज्यादा पैसे नहीं चुकाने पड़ते हैं बल्कि MRP पर ही यहां पानी की बोतलें मिलती हैं।
ध्यान दें, अगर ऑटो या रिक्शावाले आपको यह कहकर डराने की कोशिश करते हैं कि वाघा बॉर्डर पर आपको पानी की बोतल या खाने के लिए हल्के-फुल्के स्नैक्स नहीं मिलेंगे तो उनकी बातों में मत आएं। परेड स्टेडियम पर अपनी सीट पर बैठकर ही आप इनका आनंद उठा सकते हैं।
बॉर्डर पर मत ले जाएं बैग
वाघा बॉर्डर पर निर्धारित सीमा के अंदर लेडीज पर्स या बड़े बैग ले जाने की अनुमति नहीं होती है। इसलिए बेहतर होगा कि महिलाएं कोई बड़ा बैग या पर्स नहीं सिर्फ वॉलेट लेकर ही जाएं। बॉर्डर पर मोबाइल ले जाने की अनुमति तो है लेकिन दूसरे किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट जैसे स्मार्ट वॉच, हेडफोन, इलेक्ट्रॉनिक कीज आदि ले जाने की अनुमति नहीं है। इसलिए इन्हें साथ में नहीं ले जाने में समझदारी है।

अगर आप गलती से अपना बैग लेकर चले जाते हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है। वाघा बॉर्डर के आसपास कई दुकानें मिल जाएंगी जहां किराए के लॉकर में आप अपना सामान सुरक्षित रख सकते हैं।
गाड़ियां कैसे और कहां से मिलेंगी
आप जिस दिन वाघा बॉर्डर जाने की योजना बना रहे हैं, अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के पास चले आएं। यहां से आपको वाघा बॉर्डर तक के लिए ऑटो मिल जाएंगे जो प्रति व्यक्ति करीब ₹150 रुपया किराया लेते हैं। अगर आपने किराए पर गाड़ी लेने का सोचा है तो बॉर्डर तक के लिए गाड़ियां भी आपको इसी क्षेत्र में मिलेंगी जिनका किराया लगभग ₹1500 होता है।

कुछ खास बातें जिनका रखें ध्यान
- वाघा-अटारी बॉर्डर पर परेड करीब 30 से 45 मिनट तक चलती है लेकिन सामने की तरफ अच्छी सीट लेने के लिए लोग दोपहर से ही भीड़ जमाना शुरू कर देते हैं। इसलिए वाघा बॉर्डर के लिए आपको हमेशा 2.30 से 3 बजे तक के लिए निकल पड़ना चाहिए। परेड शाम को 6.15-6.30 बजे के बीच शुरू होती है।
- बॉर्डर पर कोई एंट्री फीस नहीं ली जाती है। यहां एंट्री निःशुल्क होती है।
- परेड शुरू होने से पहले BSF के जवान लोगों का मनोरंजन करने के लिए ड्रम और ढोल की ताल पर खुद भी नाचते हैं और दूसरों को भी बुलाते हैं। यहां आपको भारतीय सेना के जवानों का अलग ही अंदाज अनुभव करने का मौका मिलेगा।
- अगर आपको अच्छी सीट मिली तो बॉर्डर के पार पाकिस्तान में भी चल रहे कार्यक्रमों की झलक आपको दिख सकती हैं (ये अलग बात है कि जब सामने हमारे देश के जवान खड़े हो तो कहीं और हमारी नजर कहां जा सकती है)।
- वाघा बॉर्डर वाले इलाके में आपको वॉशरुम की सुविधा नहीं मिलेगी। इस क्षेत्र में सिर्फ एक रेस्तरां है, जिसे आप भारत का पहला या आखिरी रेस्तरां कह सकते हैं। सिर्फ वहीं वॉशरुम की सुविधा मिलेगी।
- वाघा बॉर्डर पर आपको LoC (Line of Control) की वह कंटिली तार भी दिखेगी, जिससे हमारे देश की हर सीमा को निर्धारित किया जाता है।



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