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करना है वीकेंड में कुछ रोमांचक तो जरुर जाये भीमेश्वरी

By: Namrata Shatsri

कर्नाटक के मांड्या जिले में स्थित भीमेश्‍वरी, बैंगलोर शहर से 100 किमी दूर है। अगर आप एडवेंचर के शौकीन हैं और अपनी रोज़मर्रा की जिंदगी से बाहर आकर थोड़ी देर के लिए कुछ करना चाहते हैं तो आपको भीमेश्‍वरी जरूर आना चाहिए।

यहां पर स्थित कावेरी नदी महसीर मछली के लिए लोकप्रिय है जिस वजह से ये जगह ईकोटूरिज्‍म स्‍पॉट भी माना जाता है। महसी मछली दुनिया का सबसे बेहतर मछलियों का खेल माना जाता है। भीमेश्‍वरी फिशिंग कैंप के लिए भी लोकप्रिय है।

दोस्तों के साथ करनी है पागलपंती तो...एक बार यहां जरुर जायें

फिशिंग कैंप के अलावा भीमेश्‍वरी में आप कई तरह के एडवेंचरस जैसे व्‍हाइट वॉटर राफ्टिंग, ट्रैकिंग, कायकिग आदि। शिवानसमुद्रा झरने और मेकेदातु में तो ये सब जरूर करें। भीमेश्‍वरी में आपको अक्‍टूबर से फरवरी के बीच आना चाहिए।

बैंगलोर से भीमेश्‍वरी का रूट

बैंगलोर से भीमेश्‍वरी का रूट

रूट 1 : राजा राम मोहन राय रोड़ / मैसूर रोड़ - नाइस मैसूर - बैंगलोर एक्‍सप्रेसवे - एनएच 209 - बसावना बेट्टा जंगल - भीमेश्‍वरी (105 किमी - 3 घंटे)

रूट 2 : कस्‍तूरबा रोड़ - सांके रोड़ - सीएनआर अंडरपास / सीवी रमन रोड़ - एनएच 75 - एनएच 48 - एनएच 275 - बिल्‍लाकेंपनाहली - एनएच 209 - बसावना बेट्टा जंगल - भीमेश्‍वरी (126 किमी - 3 घंटे 30 मिनट)

रूट 3 : राजा राम मोहन राय रोड़/ मैसूर रोड़ - नाइस मैसूर - बैंगलोर एक्‍सप्रेसवे - एनएच 275 - चन्‍नापटना - मांड्या - मलावल्‍ली में एनएच 209 - बसावना बेट्टा जंगल - भीमेश्‍वरी (171 किमी - 4 घंटे)

कनकपुरा जाने वाला रूट 1 आपके लिए बढिया रहेगा। इस छोटे से शहर में कई झरने और नैचुरल स्‍पॉट हैं।

चन्‍नापटना

चन्‍नापटना

ये शहर तीसरे रूट पर पड़ेगा। खिलौनों के अलावा चन्‍नापटना नारियल के उत्‍पादों और कच्‍चे रेशम के लिए भी मशहूर है। ये सभी किफायती दाम पर यहां मिल जाता है। चन्‍नापटना एक छोटा सा धार्मिक स्‍थल भी है जहां आप अनेक मंदिरों के दर्शन कर सकते हैं। चन्‍नापटना से 3 किमी दूर है मल्‍लूर का अप्रामेया स्‍वामी मंदिर। इस मंदिर में भगवान कृष्‍ण की अंबेगलु कृष्‍ण मूर्ति स्‍थापित है। इसे श्री कृष्‍ण की दुर्लभ मूर्तियों में से एक माना जाता है।PC:Pratheepps

मद्दुर

मद्दुर

कर्नाटक के मंड्या जिले का छोटा सा शहर है मद्दुर जोकि बैंगलोर शहर से 82 किमी की दूरी पर स्थित है। लगभग 662 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है मद्दुर। ये शिमशा नदी के तट पर है। मद्दुर को भारत की कोकोनट कैपिटल के नाम से भी जाना जाता है। यहां से 300 ट्रकों से नारियल भरकर गोवा, हैदराबाद, अहमदाबाद, पंजाब और महाराष्‍ट्र तक पहुंचाया जाता है। लॉन्‍ग ड्राइव और बाइकिंग के लिए भी मद्दुर बहुत लोकप्रिय है। यहां पर आप जब चाहें अपने दोस्‍तों और परिवार के साथ आ सकते हैं। इस छोटे से शहर में ज्‍यादा कुछ तो नहीं है लेकिन घूमने के लिए आप इन जगहों पर जा सकते हैं।pc:Ashwin Kumar

कोकरे बेल्‍लूर पेलिकेनरी

कोकरे बेल्‍लूर पेलिकेनरी

मद्दुर से 13 किमी दूर स्थित है कोकरेबेल्‍लूर गांव जोकि कोकरे बेल्‍लूर पेलिकेनरी के लिए मशहूर है। इस पक्षी अभ्‍यारण्‍य में कई तरह की दुर्लभ प्रजातियों जैसे बिल्‍ड पेलिकन के साथ-साथ अन्‍य कई पक्षी देखने को मिलते हैं। इस गांव को ये नाम पेंटेड स्‍टोर्क्‍स से मिला है जिसे कन्‍नड़ में कोक्‍कारे और बेल्‍लूर कहा जाता है और इसका मतलब है गुड़ का गांव। इस गांव में गन्‍ने का बहुतायत में उत्‍पादन किया जाता है।

पक्षियों को निहारने का शौक है तो आपको कोक्‍करेबेलुर पक्षी अभ्‍यारण्‍य जरूर आना चाहिए। दिसंबर और मार्च के बीच यहां घूमने आ सकते हैं। इस समय पक्षी यहां पर घोंसला बनाकर रहते हैं। यहां पर प्रवासी और स्‍वदेशी पक्षियों की 500 से ज्‍यादा प्रजातियां देखने को मिलेंगीं।PC:Koshy Koshy

मंड्या

मंड्या

मंड्या जिले में स्थित मद्दुर, भीमेश्‍वरी से 19 किमी दूर है। मंड्या, कृष्‍ण राज सागर बांध के लिए लोकप्रिय है। अस बांध पर तल में वृंदावन बाग भी है। इसके अलावा गोविंदानाहल्‍ली, अदिचुंचानागिरी पर्वत और मेलुकोटे भी दर्शनीय हैं। हालांकि, इन जगहों पर घूमने के लिए आपको पूरा एक दिन लगेगा इसलिए मंड्या में एक दिन रूकने की तैयारी करके आएं।

pc:Sree.cet

शिवानसमुद्रा झरने

शिवानसमुद्रा झरने

कावेरी नदी से यहां पर दो झरने गंगनचक्‍की और बाराचक्‍की बहते हैं। ये दोनों ही मुख्‍य धाराएं हैं। कावेरी नदी दो भागों में बंटकर यहां पर एक द्वीप के दोनों तरफ बहती है और इन दो जगहों को गगनचक्‍की और बाराचक्‍की कहा जाता है। ये दोनों ही शानदार झरने शिवानसमुद्र में बहते हैं। मॉनसून के दौरान यहां का नज़ारा बेहद मनोरम होता है।pc:Hareey3

मुथाथी

मुथाथी

इसे मुतट्टी के नाम से भी जाना जाता है। मलावल्‍ली गांव में ये कावेरी नदी के तट पर बसा है। मुथाथी से कोवरी नदी का मनोरम दृश्‍य दिखाई देता है। इस नदी के आसपास कई पेड़, जलाशय और हरियाली है। पानी का बहाव यहां काफी तेज होता है इसलिए यहां पर तैराकी बिलकुल ना करें।

pc: Aravindb21

कावेरी वन्‍यजीव अभ्‍यारण्‍य

कावेरी वन्‍यजीव अभ्‍यारण्‍य

मुथाथी से महज़ एक घंटे की दूरी पर स्थित है कावेरी वन्‍यजीव अभ्‍यारण्‍य जिसे कभी भीमेश्‍वरी वन्‍यजीव अभ्‍यारण्‍य के नाम से भी जाना जाता है। इस जंगल में कावेरी नदी बहती है। यहां पर पेड़ों और पशुओं की कई प्रजातियां पाई जाती हैं जैसे मालाबार जाइंट स्‍कैवरी और ग्रिजल्‍ड जाइंट स्‍कवैरल आदि। इसके अलावा इस अभ्‍यारण्‍य में पक्षियों की 280 प्रजातियां भी पाई जाती हैं जोकि दुर्लभ प्रजातियां मानी जाती हैं। इस जंगल में बसावन बेट्टा पर्वत भी है।pc:Palmfly

भीमेश्‍वरी

भीमेश्‍वरी

मंड्या जिले में स्थित है भीमेश्‍वरी कैंप। प्रकृति की गोद में बसी इस जगह पर आप खूब सारे एडवेंचर कर सकते हैं। यहां पर आप कायकिंग, राफ्टिंग, जिपलिंग और रोप वॉकिंग का मज़ा ले सकते हैं। इन जंगलों का वन्‍यजीवन, पशु और पक्षियों की 200 प्रजातियों को देख सकते हैं।

यहां पर स्थित कावेरी नदी महसीर मछली के लिए लोकप्रिय है जिस वजह से ये जगह ईकोटूरिज्‍म स्‍पॉट भी माना जाता है। महसी मछली दुनिया का सबसे बेहतर मछलियों का खेल माना जाता है। भीमेश्‍वरी फिशिंग कैंप के लिए भी लोकप्रिय है।

बैंगलोर से 100 किमी की दूरी पर स्थित मंड्या जिले में है छोटा सा शहर भीमेश्‍वरी। ये शहर एडवेंचर स्‍पोर्ट्स और फिशिंग के लिए मशहूर है। यहां पर स्थित कावेरी नदी पर आप दुनियाभर का मशहूर खेल महसीर फिश खेल सकते हैं। पश्चिमी घाट की पृष्‍ठभूमि पर बसे भीमेश्‍वरी में आपको रोमांच के लिए कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। यहां आप फिशिंग, ट्रैकिंग, कैंपिंग, नेचर कैंप और कोरेकल राइड और कायकिंग आदि का मज़ा ले सकते हैं।PC:Anne Roberts