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माउंट कलसुबाई की खुबसूरती में खोये आनंद महिंद्रा, जानिए महाराष्ट्र के इस 'माउंट एवरेस्ट' के बारे में

माउंट कलसुबाई...महाराष्ट्र में सह्याद्री पर्वत श्रृंखला का सबसे ऊंचा शिखर। कहा जाता है कि अगर आप माउंट कलसुबाई की चोटी पर चढ़ गये तो महाराष्ट्र में आपसे ऊपर कोई नहीं खड़ा हो सकता है। अपनी ऊंचाई की वजह से ही माउंट कलसुबाई को महाराष्ट्र का माउंट एवरेस्ट कहा जाता है।

हालांकि इसकी चोटी पर ट्रैक करना आसान नहीं है लेकिन यहां से दिखने वाले मनोरम दृश्यों को निहारने के लिए पर्यटक यहां आते रहते हैं। हाल ही में अपने X हैंडल पर आनंद महिंद्रा ने माउंट कलसुबाई का एक बहुत सुन्दर वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने यहां जल्द ही फिल से घुमने आने की इच्छा भी जाहिर की है।

mt kalsubai maharashtra

कहां और कितनी है ऊंचाई -

माउंट कलसुबाई महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में अलोका तालुका में मौजूद एक बेहद खुबसूरत पहाड़ है जो अपने चारों तरफ की शानदार प्राकृतिक परिदृश्यों की वजह से पर्यटकों द्वारा खुब पसंद किया जाता है। समुद्रतल से माउंट कलसुबाई की ऊंचाई लगभग 5400 फीट (1646 मीटर) है। पहाड़ की चोटी से नीचे देखने पर यहां आपको बर्फ तो नहीं दिखाई देंगे लेकिन हरियाली ऐसी मिलेगी जो आपका मन मोह लेंगी।

महाराष्ट्र में ट्रेकिंग करने वाली कम्यूनिटी के लिए माउंट कलसूबाई एक तीर्थ स्थान से कम नहीं है। पहले यहां सिर्फ ट्रेकिंग के जुनूनी ही आते रहते थे लेकिन पिछले कुछ समय में सोशल मीडिया का प्रचलन बढ़ने के बाद वीकेंड पर यहां आने वाले लोगों की तादाद काफी बढ़ गयी है।

सुन्दरता में खो गये आनंद महिंद्रा

माउंट कलसुबाई की सुन्दरता के दीवानों में हाल ही में आनंद महिंद्रा ने भी अपना नाम दर्ज करवाया है। X पर किये गये अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा, "यह महाराष्ट्र में इगतपुरी के पास मौजूद माउंट कलसुबाई है, हमारी इंजन फैक्ट्री के पास। मैं इगतपुरी कई बार आया लेकिन इस जगह और इसकी सुन्दरता के बारे में कभी नहीं सुना। इसे देखना तो दूर की बात है।" उन्होंने आगे लिखा कि हमें जीवन में निश्चित रूप से समय निकालने की जरुरत है, "थोड़ा रुककर इन छोटे गुलाबों की खुशबू लेने के लिए"।

सिर्फ दिन ही नहीं, रात को भी लोग करते हैं ट्रेकिंग

माउंट कलसुबाई की सबसे बड़ी खासियत है कि यहां लोग सिर्फ दिन में ही नहीं बल्कि रात में भी ट्रेकिंग करने के लिए आते हैं। रात के समय ट्रेकिंग के बाद कलसुबाई की चोटी पर पहुंचकर सुबह सूरज को उगता हुआ देखना ऐसा अनुभव होता है, जिसे लोग सालों साल याद रखना पसंद करते हैं।

माउंट कलसुबाई तक पहुंचना मुंबई और पुणे दोनों जगहों से ही आसान है। बात अगर माउंट कलसुबाई पर ट्रेकिंग की कठिनाई की श्रेणी की करें तो यह कुछ जगहों पर कम तो कुछ जगहों पर ज्यादा होती है। यहां चढ़ाई के लिए बेसिक स्तर का स्वास्थ्य का होना जरूरी माना जाता है।

कब है ट्रेकिंग का बेस्ट समय

महाराष्ट्र के वेस्टर्न घाटों की तरह ही माउंट कलसुबाई मानसून के समय हरियाली से भर जाता है। अगर आप प्रोफेशनल ट्रेकर हैं और मानसून के समय ही माउंट कलसुबाई पर चढ़ाई करना चाहते हैं तो जुलाई से सितंबर का समय बेस्ट हो सकता है। लेकिन माउंट कलसुबाई पर चढ़ाई करना मानसून के बाद ही सबसे अच्छा माना जाता है। अक्टूबर या नवंबर का महीना मानसून के बाद चढ़ाई के लिए सबसे अच्छा होता है।

ठंडे-ठंडे मौसम में घने कोहरे के बीच पहाड़ों पर चढ़ाई करने का अनुभव ही कुछ अलग सा होता है। अगर आप भी यह अनुभव करना चाहते हैं तो दिसंबर से फरवरी के बीच का समय ट्रेकिंग के लिए चुने। मार्च से मई का समय नाइट ट्रेकिंग करने वालों के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। जब मौसम शाम के बाद ठंडा हो जाता है लेकिन बारिश की फिसलन नहीं होती।

कैसे पहुंचे माउंट कलसुबाई

मुंबई से माउंट कलसुबाई तक जाने के लिए आपको कसाला तक के लिए लोकल ट्रेन लेनी होगी। कसारा स्टेशन के बाहर आपको जीप खड़ी मिल जाएगी जो आपको बारी गांव पहुंचा देगी। इसके लिए 150-200 रुपए का किराया लग सकता है। इसके अलावा मुंबई से पैसेंजर ट्रेन पकड़कर इगतपुरी पहुंच जाएं। इगतपुरी से शेयरिंग वाली टैक्सी लेकर भी आप बारी गांव पहुंच सकते हैं, जिसे लिए 100 रुपए किराया हो सकता है। बता दें, बारी गांव माउंट कलसुबाई का बेस वीलेज है, जहां से ट्रेकिंग शुरू की जाती है।

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