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रोमांच से है प्यार तो जरुर जायें असम

Written By: Goldi

असम राज्‍य, अपनी विविध संस्‍कृति और हरे - भरे जंगलों के कारण जाना जाता है। असम ही एक ऐसा राज्‍य है जो हर मायने में प्रकृति के बेहद करीब है। जो लोग वन्‍यजीव पर्यटन के चहेते है, वह असम की ओर जरूर रूख करें। यह उत्‍तरपूर्वी राज्‍य, उत्‍तर में भूटान और अरूणाचल प्रदेश से, पूर्व में नागौलैंड और मणिपुर से और दक्षिण में मिजोरम की सीमाओं से जुड़ा हुआ है।

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अगर आप रोमांच से प्‍यार करते है तो असम ऐसी जगह है जहां आप कभी बोर नहीं हो सकते है। असम पर्यटन, कई प्रकार की साहसिक गतिविधियां जैसे - रिवर क्रूज, रिवर राफ्टिंग, एंगलिंग, पर्वतारोहण, ट्रैकिंग, माउंटेन बाइकिंग, पैरासैलिंग और हैंग ग्‍लाइडिंग आदि प्रदान करता है। यहां कई प्रकार के गोल्‍फ कोर्स भी स्थित है जहां आप अपने हुनर को परख सकते है और इस शाही खेल का लुत्‍फ उठा सकते है।

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बेहतरीन वन्‍य जीवन के अलावा, असम पर्यटन , मंदिरों और स्‍मारकों के लिए भी जाना जाता है। विभिन्‍न जातियों और संस्‍कृति के लोग, देश के विभिन्‍न हिस्‍सों से असम के लिए चले गए है, यही कारण है कि असम कई संस्‍कृतियों का नतीजा है। राज्‍य के महत्‍वपूर्ण धार्मिक केंद्रों में से कामाख्‍या मंदिर, उमानंदा मंदिर, नवग्रह मंदिर और सतरस प्रमुख है। आइये जानते हैं असम में घूमने वाली खास जगहों के बारे में

तेजपुर

तेजपुर

गुवाहाटी से 180 किलोमीटर की दूरी पर स्थित तेजपुर सोनितपुर जिले में स्थित है।तेजपुर का असम के इतिहास में प्रमुख स्थान है। यह असम के खूबसूरत शहरों में से एक गिना जाता है।तेजपुर असम का वह छोर है जिस के आगे से अरुणाचल प्रदेश आरंभ हो जाता है। यहां का अग्निगढ़ किला सब से सुंदर पर्यटन स्थल है।भोमोरागुरी में एक विशाल पत्थर पर उकेरा हुआ शिलालेख देखा जा सकता है।यहां से 65 किलोमीटर दूर ओरंग राष्ट्रीय उद्यान स्थित है जो 72 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है, जहां पूर्वोत्तर के मानसूनी मौसम का पर्यटक पूरा फायदा उठा सकते हैं।PC:Kunal Dalui

काजीरंगा राष्ट्रीय पार्क

काजीरंगा राष्ट्रीय पार्क

काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान भारत के असम राज्य का एक राष्ट्रीय उद्यान है।काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना 1905 में हुई थी। यह उद्यान 430 वर्ग किलीमीटर तक फैला हुआ है। काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान एक सींग वाले गैंडे के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का प्राकृतिक परिवेश वनों जैसा है यहाँ उबड़-खाबड़ मैदान, लम्बी-ऊँची घास, मोटे वृक्ष, दलदली जमीन और उथले तालाब मिलेंगे। सर्दियों में यहाँ कई पक्षी साइबेरिया से भी आते हैं, काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों पाई जाती है जैसे कि बाज, चीलें और तोते आदि।PC:Diganta Talukdar

हाफलांग

हाफलांग

680 मीटर की ऊंचाई पर स्थित हाफलांग एक पहाड़ी पर्यटन स्थल है। हाफलांग गुवाहाटी से 345 किलोमीटर दूर है।यहां बेहद खूबसूरत हाफलांग झील है। इस झील की खूबसूरती के कारण हाफलांग को असम का स्काटलैंड कहा जाता है। झील में नौकाविहार करना पर्यटकों को लुभाता है।हाफलांग में पैराग्लाइडिंग, ग्लाइडिंग और ट्रैंकिग की प्रमुख गतिविधियां भी चलाई जाती हैं।PC:Thoiba Paonam

दीफू

दीफू

असम राज्य का छोटा सा शहर दीफू कार्बी आंगलोंग जिले का मुख्यालय है। जो कि अपने शांत और शांतिपूर्ण पिकनिक स्थानों के लिए जाना जाता है...दीफू प्राकृतिक आकर्षण के कारण पर्यटकों को खूब भाता है यहाँ अकसर छुट्टियों का आनंद लेने के लिए दूर दूर से लोग आते हैं। चारों ओर हरियाली से घिरा ये शहर मन को शांति देता है साथ ही बच्चे खेलने से लेकर इनमे प्रकृति से प्रेम का भी एक नया अनुभव पा सकते हैं।

PC:Sardar Hironjyoti Beshra

पोबितरा वन्यजीव अभयारण्य

पोबितरा वन्यजीव अभयारण्य

भारत के पूर्वोत्तर राज्य के मारीगांव जिले में स्थित यह अभयारण्य गुवाहाटी से 50 किलोमीटर दूर नौगांव और कामरूप जिले की सीमा पर स्थित है। यहां जाने का सब से अच्छा समय नवंबर से मार्च के बीच है। पोबितरा मुख्य रूप से एक सींग वाले गैंडे के लिए प्रसिद्ध है. 30.8 वर्ग किमी में फैले इस अभ्यारण्य में 16 वर्ग किमी में सिर्फ गेंडे रहते हैं। चूंकि यहां बड़ी संख्या में गेंडें हैं, इसलिए ऐसा कहा जाता है कि गेंडे अभ्यारण्य से बाहर भी निकल आते हैं।गैंडे के अलावा अन्य जानवरों जैसे, एशियाई बफैलो, तेंदुए, जंगली भालू आदि भी यहां के निवासी हैं।

डिबरूगढ़

डिबरूगढ़

असम के डिबरूगढ़ को दुनिया में चाय की राजधानी के नाम से भी जाना जाता है। यह खूबसूरत शहर ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे बसा है। डिब्रूगढ़ को भारत का 'चाय का शहर' भी कहा जाता है। शहर भर में कई चाय के बागान हैं, जो ब्रिटिश के समय से हैं। डिब्रूगढ़ पर्यटन इन चाय के बागानों के बिना अधूरा है।PC: Akarsh Simha

कमाख्या मंदिर

कमाख्या मंदिर

कमाख्या मंदिर यह मंदिर गुवाहाटी की नीलाचल पहाड़ी पर समुद्र से 800 फीट की ऊंचाई पर बना है।इस पहाड़ी के उत्तर में ब्रह्मपुत्र नदी बहती है।यह मंदिर 2200 साल पुराना है और मां दुर्गा के शक्ति पीठों में से एक है।PC: Deeporaj

माजुली द्वीप

माजुली द्वीप

ब्रह्मपुत्र नदी के बीच में स्थित माजुली द्वीप विश्व में किसी भी नदी पर स्थित सबसे लंबा द्वीप है। माजुली में 15 से ज्यादा वैष्णव मठ या सत्र स्थित हैं। वन्य जीवन की समृद्धता के कारण असम में बहुत से पर्यटक आते हैं।PC:Kalai Sukanta

डिगबोई

डिगबोई

डिगबोई असम के इस शहर में एशिया की पहली और दुनिया की दूसरी ऑयल रिफाइनरी है। इसे तेल का नगर भी कहते हैं। इस जगह की सिर्फ यही खासियत नहीं है बल्कि यहां कई चाय के बागान भी हैं।आप डिगबोई के रिज पॉइंट से पूर्वी हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियां भी देख सकते हैं।

PC: পৰশমণি বড়া

कैसे पहुंचे असम

कैसे पहुंचे असम

हवाई मार्ग से
असम का मुख्य हवाई अड्डा गुवाहाटी का लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है। यह हवाई अड्डा दैनिक उड़ानों के साथ भारत के प्रमुख शहरों से जुड़ा है। असम के अन्य हवाई अड्डे जोरहाट, डिबरुगढ़, तेजपुर और सिल्चर में हैं। इन हवाई अड्डों से नियमित उड़ानें आती जाती हैं।PC: Diganta Talukdar

रेल से
भारतीय रेलवे का पूर्वोत्तर रेलवे ज़ोन असम के सबसे बड़े शहर गुवाहरटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है। गुवाहाटी पूर्वोत्तर भाग का रेलवे मुख्यालय है। यात्री आसानी से भारत के किसी भी शहर से रेल के ज़रिए असम पहुंच सकते हैं। राज्य के कुछ हिस्से भी रेल के जरिए गुवाहाटी से जुड़े हैं।PC: Diganta Talukdar

सड़क मार्ग से

सड़क मार्ग से

भारत के पूर्वोत्तर भाग का गेटवे होने के नाते असम का राष्ट्रीय राजमार्गों का बहुत अच्छा नेटवर्क है और राज्य के अलग अलग शहरों और कस्बों में भी अच्छी सड़कें हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 37, 31, 40, 38 और 52 असम को भारत के अन्य हिस्से से जोड़ते हैं। राज्य परिवहन और अन्य निजी आॅपरेटर रोज़ यात्रियों के लिए बस सेवाएं चलाते हैं। राज्य के भीतर घूमने के लिए टैक्सी और जीप भी किराए पर ली जा सकती है।

PC: Deeporaj