भारत के एक नये तीर्थ स्थल के रूप में विश्व मानचित्र पर अयोध्या उभर कर सामने आया है। 22 जनवरी को मंदिर के उद्घाटन के बाद से लेकर अभी तक में करीब 19 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन कर लिया है। हर दिन मंदिर में लगभग 2 लाख श्रद्धालु दर्शन करने पहुंच रहे हैं। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और भी चौकस किया जा रहा है।

इसके साथ ही रामलला के दर्शन करने अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त रहने-खाने की व्यवस्था करते हुए नयी टेंट सिटी भी बनायी गयी है।
मंदिर में लगाये जाएंगे AI आधारित कैमरे
हाल ही में हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र समन्वय समिति की बैठक में फैसला लिया गया कि राम मंदिर के सभी प्रवेश व निकास द्वारों पर सुरक्षा की दृष्टि से AI आधारित कैमरे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही दर्शन मार्ग पर आकर्षक डिजाइन वाली बैरिकेडिंग भी स्थापित होगी, लेकिन ये सभी आर्किटेक्ट के माध्यम से ही लगायी जाएंगी। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार सभी कैमरे 360° का व्यू प्रदान करेंगी।
ये कैमरे हर छोटी से छोटी वस्तु और गतिविधियों पर अपनी पैनी नजर बना कर रखेंगी। छोटी या दूर में रखी वस्तुओं को स्पष्टता के साथ देखने के लिए हाई-डेफिनेशन जूम-इन में सक्षम ये कैमरे भीड़ में भी चेहरों को पहचानने में सक्षम होंगी। मिली जानकारी के अनुसार पूरे अयोध्या में प्रमुख गली और चौराहों व राम मंदिर परिसर में कुल 500 AI आधारित कैमरे लगाए जाने वाले हैं।

टेंट सिटी का निर्माण हुआ पूरा
देश के विभिन्न हिस्सों से रामलला के दर्शन के लिए हर रोज लाखों की संख्या में अयोध्या पहुंचने वाले भक्तों के रहने की सुविधा के लिए अयोध्या में टेंट सिटी तैयार किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार टेंट सिटी का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और अयोध्या के कमिश्नर समेत अन्य प्रशासनीक अधिकारियों ने टेंट सिटी का जायजा भी लिया है। टेंट सिटी में एक बार में करीब 25000 श्रद्धालुओं के रुकने की सुविधा उपलब्ध होगी।
पूरी टेंट सिटी की नियमित रूप से साफ-सफाई की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यहां आने वाले मेहमानों के लिए साफ शौचालय और शुद्ध पेयजल की सुविधा उपलब्ध हो। टेंट सिटी के अंदर सड़कों पर रोलर चलाकर उन्हें गाड़ियों के आवाजाही करने लायक बनाया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार जो श्रद्धालुओं को मुफ्त में टेंट सिटी में रुकने की सुविधा उपलब्ध करवायी जाएगी।
इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए अयोध्या में विभिन्न स्थानों पर श्रीराम ट्रस्ट की तरफ से भोजन की मुफ्त में व्यवस्था भी की जा रही है।
फिर से शुरू हुआ मंदिर का निर्माण
भूतल के गर्भगृह में रामलला की प्रतिमा में प्राण-प्रतिष्ठा का अनुष्ठान होने की वजह से पिछले 10 जनवरी से ही राम मंदिर में निर्माण कार्य बंद कर दिया गया था। लेकिन फरवरी से ही मंदिर के प्रथम तल का निर्माण कार्य गति पकड़ने वाली है। बताया जाता है छुट्टी पर गये सभी मजदूर एक सप्ताह के भीतर ही काम पर वापस बुला लिये जाएंगे। प्राण प्रतिष्ठा समारोह की वजह से निर्माण कार्य पर लगी सभी मशीनों को हटा दिया गया था।

अब उन्हें फिर से लगाया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार राम मंदिर के प्रथम तल का 20% निर्माण अभी बाकी है। छत तो ढाल दी गयी है लेकिन उसकी शटरिंग खोलना बाकी है। इसके बाद फिनिशिंग का काम होगा। इस काम को पूरा करने में करीब 3 महीने का समय लग जाएगा। इसके बाद आखिरी शिखर बनाने का काम शुरू होगा और दूसरे तल का निर्माण भी शुरू किया जाएगा।
इस काम को पूरा होने में अगले कम से कम 6 महीने का समय लग जाएगा। राम मंदिर के तीनों तल का निर्माण कार्य दिसंबर 2024 तक पूरा होने की संभावना है। इसके बाद मंदिर परिसर की अन्य सुविधाओं व मंदिरों को तैयार किया जाएगा। दिसंबर 2025 तक राम मंदिर को पूरी तरह से तैयार कर लेने का लक्ष्य रखा गया है।
बता दें, राम मंदिर को तैयार करने में बंसी पहाड़पुर बलुआ पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है। इसमें कहीं भी लोहे का उपयोग नहीं हुआ है, जिससे राम मंदिर आयु ऐसे ही कम से कम 1000 साल की हो जा रही है। मंदिर का निर्माण 50 से अधिक कम्प्यूटर मॉडलों का अनुकरण कर बनायी गयी संरचनात्मक डिजाइन के आधार पर हुआ है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि नींव की डिजाइन, 3D संरचानात्मक विश्लेषण के आधार पर बना यह मंदिर इस बात को सुनिश्चित करता है कि 2500 सालों में आने वाले भीषणतम भूकम्प भी इस मंदिर का बाल भी बांका न कर सकें। मिली जानकारी के अनुसार राम मंदिर को तैयार करने की कुल लागत करीब 1800 करोड़ रुपए आंकी गयी है, जिसमें से अभी तक 1100 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं।
मंदिर के निर्माण में आम से लेकर खास लोगों तक ने लगभग 3200 करोड़ रुपए का दान दिया है।



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