पिछले लंबे समय से देश और दुनिया भर की सूर्खियों में अयोध्या और राम मंदिर छाया हुआ है। 22 जनवरी 2024 को भव्य राम मंदिर के भूतल का उद्घाटन और मंदिर में रामलला की स्थापना होगी। इस समारोह की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि खास इस समारोह के लिए आनन-फानन के लिए अयोध्या के मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम इंटरनेशनल एयरपोर्ट को तैयार किया गया है और...

30 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करने वाले हैं। इस दिन प्रधानमंत्री अयोध्या में पूनर्विकसित रेलवे स्टेशन का भी उद्घाटन करने वाले हैं।
अयोध्या में अमृत भारत योजना के तहत रेलवे स्टेशन का विकास किया गया है। इसके साथ ही अयोध्या स्टेशन की सजावट को भी पूरी तरह से बदल दिया गया है। वह जमाना बीत चुका है जब स्टेशनों में छोटे प्लेटफार्म और टूटी से छनकर धुप और बारिश का पानी आता था। अयोध्या के रेलवे स्टेशन को स्मार्ट स्टेशन के तौर पर न सिर्फ विकसित किया गया है बल्कि इसे देखकर ऐसा लगता है मानो कोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट हो। अयोध्या रेलवे स्टेशन को अब 'अयोध्या धाम जंक्शन' के नये नाम से जाना जाएगा।

अमृत भारत योजना के तहत उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में कुल 149 स्टेशनों का चुनाव किया गया है, जिन्हें स्मार्ट स्टेशन के तौर पर विकसित किया जाएगा। सम्पूर्ण लिस्ट जानने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लीक करें :-
वास्तुकला पर दिया गया सबसे अधिक जोर
अयोध्या में भगवान श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा के मद्देनजर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रेलवे स्टेशन को स्मार्ट रेलवे स्टेशन में परिवर्तित किया गया है। स्टेशन का विकास कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अयोध्या के नये स्टेशन के बारे में जो जानकारियां मिल रही हैं, उनके मुताबिक नये स्टेशन की वास्तुकला पर सबसे अधिक जोर दिया गया है।
स्टेशन को बाहर से दिखने में राम मंदिर के तर्ज पर ही तैयार किया गया है। वहीं अंदर से यह स्टेशन भव्यता में राम मंदिर के समान ही दिख रहा है। स्टेशन को दो फेज में तैयार किया जाना है, जिसमें से फेज 1 का काम सम्पन्न होने वाला है। इसके बाद फेज 2 का काम शुरू किया जा सकता है।
पौराणिक कथाओं के आधार पर हुई सजावट
अयोध्या रेलवे स्टेशन को सजाने के लिए पौराणिक कथाओं को आधार बनाया गया है। मिली जानकारी के अनुसार स्टेशन की दिवारों को भगवान श्रीराम की तस्वीरों से सजाया गया है। स्टेशन के पूनर्निर्माण में इस बात का खास ख्याल रखा गया है कि इस स्टेशन से अयोध्या की पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व और भी निखर कर सामने आए। छत की डिजाइन को कमल की पंखुरियों जैसी बनायी गयी है। स्ट्रीट लाइट को तीर-धनुष की डिजाइन में बनाया गया है। पहले फेज में इस स्टेशन पर 3 प्लेटफार्म बनाए गये हैं। दूसरे फेज में 2 और प्लेटफार्म बनाए जाएंगे।
कितनी आयी लागत
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार अयोध्या रेलवे स्टेशन के आधुनिकिकरण और पूनर्विकास के लिए करीब 240 करोड़ रुपए की लागत आयी है। इसे तैयार करने में करीब 4 सालों का समय लगा है। 10 हजार वर्गमीटर के क्षेत्र में फैले स्टेशन परिसर में कर्मचारियों का आवास, रेलवे पुलिस कार्यालय, लिफ्ट, एस्केलेटर, फूड प्लाजा, एसी वेटिंग रूम, वीआईपी लाउंज जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं को विकसित किया गया है। इस टर्मिनल को लगभग 1 लाख यात्रियों की क्षमता वाला तैयार किया जा रहा है।

पहले चरण में इसे 50-60 हजार यात्रियों की क्षमता वाला बनाया जा रहा है। टर्मिनल का दक्षिणी हिस्सा राष्ट्रीय राजमार्ग 27 से सीधा जुड़ा होगा। स्टेशन पर पर्यटकों के लिए सूचना कार्यालय, डॉरमेट्री आदि भी तैयार किये गये हैं ताकि यहां आने वाले देसी और विदेशी पर्यटकों को थोड़ी भी तकलीफ ना हो। इस फेज का उद्घाटन 30 दिसंबर को पीएम मोदी द्वारा करने के बाद 430 करोड़ रूपए की लागत से स्टेशन के दूसरे फेज का निर्माण शुरू होगा।



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