श्रीरामजन्म भूमि में निर्माणाधिन राम मंदिर की तस्वीरें अक्सर सोशल मीडिया पर शेयर होती रहती हैं। इन तस्वीरों को देखकर ही पता चलता है कि यह मंदिर कितना भव्य होने वाला है। हाल ही में सोशल मीडिया पर राम मंदिर के पहले तल के गर्भगृह में उस स्थान की फोटो काफी वायरल हुई जहां प्राण प्रतिष्ठा के बाद रामलला विराजमान होने वाले हैं।

22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के समारोह में मुख्य यजमान का दायित्व खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी निभाने वाले हैं। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का धार्मिक अनुष्ठान 16 जनवरी से ही शुरू हो जाएगा, जिसमें देशभर से विभिन्न क्षेत्रों के लगभग 7-8 हजार प्रभावशाली व्यक्तित्व शामिल होंगे। राम मंदिर के उद्घाटन से पहले आइए आपको बताते हैं, कैसी चल रही है इस भव्य समारोह की तैयारियां...
3 दिनों तक रामलला के नहीं मिलेंगे दर्शन
अयोध्या में पिछले लगभग 500 सालों से चले आ रहे संघर्ष के बाद आखिरकार रामजन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। राम मंदिर के पहले तल का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। 16 जनवरी 2024 से प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम शुरू होगा, जिसे 121 विद्वानों का समूह पूरा करवाएगा। इस समूह में काशी से 40 विद्वान भी होंगे, जिनमें से लक्ष्मीकांत दीक्षित प्राण प्रतिष्ठा समारोह में मुख्य पुरोहित होंगे।
क्या आप जानते हैं राम मंदिर के उद्घाटन से छत्रपति शिवाजी महाराज का क्या कनेक्शन है?
3 मिनट में जानने के लिए पढ़े हमारी Visual Story :
क्या है शिवाजी के राज्याभिषेक का राममंदिर कनेक्शन?
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को संपन्न होगी। लेकिन उससे पहले 3 दिनों तक यानी 20 जनवरी से ही भक्तों को रामलला के दर्शन मिलने बंद हो जाएंगे। 3 दिन बाद 23 जनवरी 2024 से फिर से रामलला के द्वार आम जनता के लिए खोल दिए जाएंगे। हालांकि शुरुआती दिनों में मंदिर में अत्यधिक भीड़ होने की वजह से संभव है कि आपको थोड़ा इंतजार करना पड़ जाए। श्रीरामजन्मभूमि सेवा ट्रस्ट का अनुमान है कि राम मंदिर में प्रतिदिन दर्शन के लिए 2 लाख श्रद्धालु पहुंच सकते हैं।

30 फुट दूर से कर सकेंगे रामलला के दर्शन
राम मंदिर में भक्तों को रामलला के दर्शन 30 फुट की दूरी से करने की अनुमति होगी। दर्शन के लिए श्रद्धालु पूर्व दिशा से प्रवेश करने के बाद सिंह द्वार से आगे बढ़ेंगे। यहां से आगे बढ़ने ही सामने रामलला विराजमान नजर आएंगे। हर रोज लगभग 1.5 से 2 लाख श्रद्धालुओं के राम मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचने की संभावना है, जिन्हें 4 पंक्तियों में मंदिर के अंदर प्रवेश करवाने की योजना है।
रामलला के दर्शन करने के जब भक्त परकोटे के पास पहुंचेंगे तो उन्हें वहां प्रसाद मिलेगा। अगर आप रामलला के दर्शन के बाद कुबेर टीला भी जाना चाहते हैं, तो उसके लिए आपको अनुमति पत्र लेने की जरुरत होगी। कुबेर टीला से वापस लौटकर भक्त चाहे तो अपना सामान लेकर मंदिर परिसर से बाहर निकल सकते हैं।

नोट :- एक बात का ध्यान राम मंदिर जाने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को रखनी होगी कि राम मंदिर पूरी तरह से सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगा। यानी आपकी हर एक हरकत पर कैमरे की नजर जरूर होगी। इसलिए अपनी तथा अपने साथी श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखने हुए कोई भी संदिग्ध हरकत करने का प्रयास बिल्कुल ना करें।
सोने के तार वाली पोशाक करेंगे धारण

प्राण प्रतिष्ठा के दिन रामलला सोने के तार वाली पोशाक धारण करने वाले हैं। लेकिन वो कहां बनी पोशाक धारण करेंगे, इसका निर्धारण अभी तक नहीं हो पाया है। सोने के धागों से पुणे में रामलला के लिए पोशाक तैयार की जा रही है। इसके अलावा गुजरात समेत अन्य 3 जगहों पर भी रामलला के लिए खास पोशाक बनायी जा रही है। 22 दिसंबर तक रामलला के वस्त्र तैयार कर लिये जाएंगे।
राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी का कहना है, "उस समय (प्राण प्रतिष्ठा के समय) रामलला का जो वस्त्र सबसे अधिक अच्छा लगेगा, वहीं वह धारण करेंगे।" वस्त्र बनाने वाले को उचित मुल्य भी चुकाया जाएगा।
रामलला की नित्य पूजा के लिए पुजारी नियुक्त
गाजियाबाद के रहने वाले मोहित पांडे को अयोध्या में राम मंदिर के पुजारी के रूप में चुना गया है। मंदिर में पुजारी बनने के इच्छुक 3,000 आवेदकों में मोहित पांडे भी शामिल थे। मोहित पांडे दूधेश्वर वैदिक विश्वविद्यालय के छात्र हैं जो पिछले 23 सालों से छात्रों को वैदिक शिक्षा प्रदान कर रहा है।

इस विश्वविद्यालय में मोहित पांडे ने 7 साल तक अध्ययन किया। मोहित पांडे ने शुरुआत में सामवेद का अध्ययन करने के बाद वेंकटेश्वर वैदिक विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा ग्रहण की। अब आचार्य की डिग्री प्राप्त करने के बाद वह वर्तमान में पीएचडी की तैयारी कर रहे हैं। नियुक्ति से पहले मोहित को 50 अन्य लोगों के साथ प्रशिक्षण से गुजरना पड़ेगा।



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