Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »अयोध्या के अलावा इन जगहों पर भी हैं 'राम मंदिर', दर्शन करने से मिलता है दिल को सुकून

अयोध्या के अलावा इन जगहों पर भी हैं 'राम मंदिर', दर्शन करने से मिलता है दिल को सुकून

अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन में 10 दिनों से भी कम का समय रह गया है। इस समय पूरी दुनिया की नजरें अयोध्या में रामजन्म भूमि पर बने भव्य राम मंदिर पर ही टिकी हुई हैं। 22 जनवरी को उद्घाटन के बाद जब राम मंदिर के द्वार आम भक्तों के लिए खोल दिये जाएंगे।

lord rama

उस समय हजारों की तादाद में श्रद्धालुओं की भीड़ रामलला के दर्शन करने के लिए राम मंदिर का रूख करने की संभावना है। लेकिन क्या आप जानते हैं, अयोध्या के अलावा भारत में कई ऐसी जगहों पर भगवान राम के मंदिर हैं, जहां सालों से लोग श्रद्धा से अपना सिर नवाते आ रहे हैं।

हम आपको भारत के कुछ प्रसिद्ध राम मंदिरों के बारे में बता रहे हैं :

1. रघुनाथ मंदिर, जम्मू

raghunath temple jammu katra

जम्मू का रघुनाथ मंदिर उत्तर भारत में भगवान राम के प्रमुख मंदिरों में से एक है। इस मंदिर परिसर में करीब 7 अन्य मंदिर भी हैं, जहां विभिन्न देवी-देवताएं स्थापित हैं। जम्मू का रघुनाथ मंदिर मुगलकालिन वास्तुकला से प्रेरित नजर आता है। जानकारी के मुताबिक इस मंदिर का निर्माण 1853-1860 के बीच महाराजा गुलाब सिंह और उनके पुत्र महाराजा रणबीर सिंह ने करवाया था।

2. सीता रामचंद्रस्वामी मंदिर, तेलंगाना

sitha ramchandraswamy temple telangana

तेलंगाना के भद्रद्री कोठगुडम जिले में मौजूद सीता रामचंद्रस्वामी मंदिर में हर साल लाखों भक्त दर्शन करने आते हैं। इस मंदिर सबसे अधिक भीड़ राम नवमी और माता सीता व श्रीराम की विवाह की तिथि पर उमड़ती है। गोदावरी नदी के किनारे स्थित इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि भगवान श्रीराम जब माता सीता को रावण के चुंगल से मुक्त करवाने लंका जा रहे थे, तब उन्होंने इसी जगह से गोदावरी नदी पार की थी।

3. राम राजा मंदिर, मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश के ओरछा में बेतवा नदी के किनारे स्थित राम राजा मंदिर भारत के उन चुनिंदा मंदिरों में से एक है, जहां श्रीराम की पूजा न सिर्फ बतौर भगवान बल्कि एक राजा के तौर पर भी पूजा की जाती है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार ओरछा की रानी भगवान राम की बड़ी भक्त थी। एक बार वह अयोध्या जाती है और भगवान राम को अपने साथ ओरछा चलने के लिए कहती है।

raja ram temple orchha madhya pradesh

श्रीराम उनके साथ चलने को राजी हो जाते हैं लेकिन वह एक शर्त भी रखते हैं। भगवान की शर्त थी कि वह एक मंदिर से दूसरे मंदिर में नहीं जाएंगे। उन्हें एक बार जहां बैठाया जाएगा वह वहीं स्थापित हो जाएंगे। ओरछा की रानी इस बात पर राजी हो जाती है। इसके बाद श्रीराम के लिए एक मंदिर का निर्माण भी किया जाता है लेकिन वह ओरछा के महल से निकलने के लिए राजी नहीं होते। इसके बाद धीरे-धीरे ओरछा का महल ही मंदिर में परिणत हो गया। यहां भगवान राम को तोपों की सलामी भी दी जाती है।

4. त्रिप्रयार श्रीराम मंदिर, केरल

thriparayar temple kerala

केरल के त्रिशुर जिले में मौजूद है त्रिप्रयार राम मंदिर। मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर में श्रीकृष्ण भगवान राम की पूजा किया करते थे। श्रीकृष्ण के स्वर्गारोहण के बाद मंदिर की मूर्ति भी समुद्र में डूब गयी थी। बाद में यह मूर्ति कुछ मछुआरों को चेट्टुवा क्षेत्र में मिली। स्थानीय राजा वक्कयील कैमाल ने त्रिप्रयार मंदिर का निर्माण किया और उसमें इन मूर्तियों की स्थापना की। मंदिर में भगवान राम के 4 हाथ हैं, जिसमें वह एक शंख, एक चक्र, एक धनुष और एक माला धारण करते हैं।

5. श्रीराम तीर्थ मंदिर, अमृतसर

sri ram tirath temple amritsar

अमृतसर से करीब 12 किमी दूर चोगवान रोड पर यह मंदिर मौजूद है। मान्यताओं के अनुसार यहीं वह स्थान है, जहां देवी सीता को महर्षि वाल्मीकि के आश्रम में रहने के लिए आश्रय मिला था। इसी जगह पर उन्होंने लव और कुश को जन्म दिया था। यहां एक कुंआ भी हैं, जिसमें सीढ़ियां भी बनी हुई है। कहा जाता है कि माता सीता इसी कुएं के पानी से स्नान किया करती थी। भारत के सबसे पवित्र और प्रमुख राम मंदिरों में से यह एक मंदिर है।

6. कोदंदा रामा मंदिर, कर्नाटक

यह मंदिर कर्नाटक के चिकमंगलुर जिले में हिरमंगलुर में मौजूद है। इस मंदिर का नाम भगवान राम और उनके भाई लक्ष्मण के धनुष और बाण के नाम पर रखा गया है। मंदिर के गर्भगृह में भगवान राम, लक्ष्मण, माता सीता और उनके चरणों के पास बैठे हनुमान की मूर्तियां स्थापित हैं।

kodandarama temple karnataka

दूसरे मंदिरों से अलग इस मंदिर में माता सीता भगवान राम की दायी ओर विराजमान हैं। मान्यताओं के अनुसार एक भक्त पुरुषोत्तम की इच्छा थी कि वह माता सीता और भगवान राम को ठीक विवाह के समय जैसे ही देखे और उसकी इच्छा की पूरी भी की गयी थी। जैसा कि हम सभी जानते हैं, विवाह के मंडप में वधु हमेशा वर के दायीं ओर बैठती हैं। उसी तरह इस मंदिर में भी माता सीता भगवान राम के दायीं ओर ही विराजमान हैं, जबकि अन्य सभी जगहों पर भगवान राम के बायीं ओर होती हैं।

7. कालाराम मंदिर, नासिक

महाराष्ट्र के नासिक के पंचवटी क्षेत्र में स्थित है कालाराम मंदिर। इस मंदिर में भगवान श्रीराम की 2 फीट ऊंची काले रंग के पत्थर से बनी मूर्ति स्थापित है। इस मंदिर का नाम काले रंग के पत्थर से बनी श्रीराम की इसी मूर्ति के कारण पड़ा है। मंदिर में माता सीता और लक्ष्मण की मूर्तियां भी स्थापित हैं। माना जाता है कि जब श्रीराम 14 वर्षों का वनवास काट रहे थे, तब वे माता सीता और भाई लक्ष्मण के साथ पंचवटी में गोदावरी नदी के किनारे रहने आए थे।

बताया जाता है कि इन मंदिर का निर्माण सरदार रंगारू ओधेकर ने करवाया था। उन्होंने सपने में गोदावरी नदी में बहकर जाती श्रीराम की काले रंग की एक मूर्ति देखी थी। अगले दिन वह नदी तट पर गये तो उन्हें यह मूर्ति मिली जो वर्तमान में इस मंदिर के गर्भगृह में स्थापित है।

8. हरिहरनाथ मंदिर, बिहार

बिहार के सारण और वैशाली जिले की सीमा पर गंगा और गंडक नदी के संगम पर हाजीपुर में मौजूद हरिहरनाथ मंदिर का निर्माण राजा मानसिंह ने करवाया था। माना जाता है कि भगवान विष्णु को समर्पित इस मंदिर का निर्माण भगवान श्रीराम ने त्रेतायुग में करवाया था। इस मंदिर का निर्माण उन्होंने तब करवाया था, जब वह माता सीता के स्वयंवर में शामिल होने के लिए जनकपुर जा रहे थे। बताया जाता है कि वर्तमान मंदिर का जीर्णोद्धार तत्कालीन राजा राम नारायण ने करवाया था।

9. राम मंदिर, चित्रकूट

14 वर्षों का वनवास मिलने के बाद अयोध्या से चलकर श्रीराम अपने भाई लक्ष्मण और पत्नी सीता के साथ प्रयाग पहुंचे थे। यहां संगम के पास से ही उन्होंने यमुना नदी पार की और चित्रकूट पहुंच गये। बताया जाता है कि चित्रकूट में माता अनुसूया के आश्रण में उन्होंने कई महीनों का समय व्यतित किया था। चित्रकूट में कई ऐसे स्थान हैं, जिनको श्रीराम, लक्ष्मण और सीता के जुड़ा हुआ माना जाता है। इनमें से एक प्रमुख स्थान है चित्रकूट का राम मंदिर।

More News

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+