22 जनवरी को राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी। उससे पहले मंदिर के उद्घाटन का समारोह शुरू हो चुका है। राम मंदिर को लेकर सिर्फ पूरी दुनिया की नजरें ही अयोध्या पर नहीं टिकी हुई है, बल्कि देश के कोने-कोने से पैदल चलकर लोग अयोध्या पहुंच रहे हैं, रामलला की बस एक झलक देखने के लिए।

देश भर के कोने-कोने से राम मंदिर को तरह-तरह के भेंट भी भेजी जा रही है। यूं कहा जा सकता है कि देश का हर कोना राम मंदिर के उद्घाटन समारोह की भव्यता में अपना योगदान दे रहा है।
हम राम मंदिर को मिले कुछ चुनिंदा मगर अनोखे भेंट के बारे में यहां बता रहे हैं :
उज्जैन से भेजे गये 5 लाख लड्डू
महाकाल की नगरी उज्जैन से रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर 5 लाख लड्डूओं का उपहार भेजे गये हैं। मिली जानकारी के अनुसार महाकालेश्वर मंदिर परिसर में लड्डू प्रसाद निर्माण इकाई में ही शुद्ध देसी घी से 5 लाख लड्डूओं को तैयार किया गया है। इन लड्डूओं का वजन करीब 250 क्विंटल बताया जाता है। इन लड्डूओं को तैयार करने में लगभग 80 क्विंटल घी, 90 क्विंटल चीनी, 70 क्विंटल चना दाल, 20 क्विंटल रवा, 5 क्विंटल किशमिश और 1 क्विंटल इलायची का इस्तेमाल किया गया है। 16 जनवरी को तीन ट्रकों पर लादकर इन लड्डूओं को अयोध्या भेजा गया।
हैदराबाद के भक्त ने बनाया भीमकाय लड्डू
हैदराबाद के रहने वाले एक रामभक्त नागभूषण रेड्डी ने अयोध्या के राम मंदिर के लिए 1265 किलो का लड्डू बनाया है जिसे 22 जनवरी को प्रसाद के रूप में रामलला को चढ़ाया जाएगा। 17 जनवरी को इसे हैदराबाद से अयोध्या लाया जा रहा है। इस लड्डू को तैयार करने में 30 लोगों को लगातार 24 घंटों तक काम करना पड़ा है। लड्डू को सड़कमार्ग से रेफ्रिजरेटेड बॉक्स में हैदराबाद लाया जाएगा।

56 किस्म का आगरा का पेठा
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए आगरा से खासतौर पर 56 किस्मों का पेठा अयोध्या भेजा गया है। इनमें से कुछ किस्म के पेठे तो ऐसे हैं, जिनको पहली बार सिर्फ भगवान राम के लिए बनाया गया है। इन पेठों का कुल वजन 560 किलो है। 22 जनवरी को इन पेठों का भोग रामलला को लगाया जाएगा। रामलला के लिए जो पेठे भेजे गये हैं उनमें मिनट पेठा, आम पापड़ पेठा, गुजिया पेठा, शाही अंगूरी पेठा, पेठे के गजक, डोडा पेठा, केसर ड्राई अंगूर पेठा, तिल का लड्डू पेठा, सुपारी पेठा, काजू कतली पेठा, शुगर फ्री पेठा, दिलखुश पेठा आदि भेजा गया है।
राजस्थान से 2100 पीपे सरसो तेल
राजस्थान के जयपुर से सरसो तेल के 2100 पीपे अयोध्या भेजे गये हैं। इस तेल को बनाने में देशभर से कच्ची सरसो मंगवाई गयी थी। वहीं सीता रसोई में बनने वाला प्रसाद जयपुर के चांदपोल स्थित गंगा माता मंदिर से भेजे गये तेल व घी से बनेगा। इस तेल का इस्तेमाल रामलला का दर्शन करने आये भक्तों में बांटने के लिए प्रसादी बनाने के लिए किया जाएगा।

तिरुपति से आएंगे 1 लाख श्रीवरी लड्डू
तिरुमला तिरूपति देवस्थानम (TTD) ने रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में 1 लाख श्रीवरी लड्डू भेजने की घोषणा की है। यह लड्डू 22 जनवरी को भक्तों में वितरित किये जाएंगे। यह वहीं लड्डू है जिसका इतिहास करीब 309 साल पुराना है और तिरुमला तिरूपति मंदिर में दर्शन करने आने वाले भक्तों में वितरित किया जाता है। अयोध्या में भेजे जाने वाले हर लड्डू का वजन 25 ग्राम है।
अलीगढ़ का ताला
अलीगढ़ के एक बुजूर्ग कारीगर सत्यप्रकाश शर्मा ने राम मंदिर को 400 किलो वजन का ताला भेंट किया है। 4 क्विंटल वजन वाले इस ताला को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा हस्तनिर्मित ताला है। कई महीनों की कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने इसे तैयार किया है। इस ताला के लिए बनायी गयी चाभी की लंबाई 4 फीट है। ताला 10 फीट ऊंचा, 4.5 फीट चौड़ा और 9.5 इंच मोटा है। मिली जानकारी के अनुसार इस ताला को तैयार करने में करीब 2 लाख रूपए का खर्च आया है। वहीं अलीगढ़ के कारोबारी उमंग मोंगा ने 50 किलो वजन का ताला अयोध्या में राम मंदिर को भेंट किया है। यह ताला भी हस्तनिर्मित है।
गुजरात से पहुंची 108 फीट लंबी अगरबत्ती

गुजरात के वडोदरा से 108 फीट लंबी अगरबत्ती अयोध्या पहुंच चुकी है। इस अगरबत्ती के अयोध्या पहुंचने के बाद इसे जला दिया गया है। दावा किया जा रहा है कि अगर इसे मशाल की तरह न जलाकर अगरबत्ती की तरह जलाया गया तो यह डेढ़ महीने तक लगातार जलेगी। इस अगरबत्ती को बनाने में गाय का गोबर, घी, फुल और धुप जैसी देसी सामग्रियों का इस्तेमाल किया गया है। अगरबत्ती का वजन 3,610 किलो है। इसकी सुगंध 50 किमी के दायरे में फैलेगी।



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