पूरे साल कुत्ते-बिल्लियों की तरह लड़ने वाले भाई-बहन अगर किसी दिन बिना किसी के टोके सुबह खुद से उठकर तैयार हो गये हो और बड़े ही प्यार से एक-दूसरे के साथ पेश आ रहे हो, तो समझ जाइए कि वह रक्षा बंधन का दिन है। रक्षा बंधन के इस त्योहार को और भी खास बनाने और बहन के सामने यह जताने कि आप कितने शेरदिल हैं, के लिए क्यों ना उन्हें जंगल सफारी पर ले जाएं।

यकिन मानिए ना सिर्फ आपकी बहन काफी स्पेशल Feel करेगी बल्कि रक्षाबंधन पर यह ट्रिप आपको साल भर याद भी रह जाएगी। बता दें, इस साल रक्षाबंधन का त्योहार 30 और 31 अगस्त 2023 को मनाया जाएगा।
बांधवगढ़ नेशनल पार्क
मध्य प्रदेश में स्थित बांधवगढ़ नेशनल पार्क में वन्यजीवों की सबसे ज्यादा आबादी है। यह लगभग 100 वर्ग किमी के क्षेत्र में लगभग 50 बाघ रहते हैं। इसलिए इस नेशनल पार्क में बाघों के दिखने की संभावना भी होती है। इसके अलावा यहां आप कई और तरह के जानवर जैसे सांभर, चीतल, जंगली सूअर, लोमड़ी, तेंदुआ, नील गाय आदि भी देख सकते हैं। बांधवगढ़ नेशनल में जाने से पहले प्री-बुकिंग जरूर करवा ले।

नेशनल पार्क में घूमने जाने का सबसे अच्छा समय अप्रैल से अगस्त के बीच का होता है। सुबह 5.30 से 10 बजे तक और शाम को 4 से 7 बजे तक जंगल सफारी होती है। यहां आप हाथी की सफारी भी कर सकते हैं। हर बुधवार को बांधवगढ़ नेशनल पार्क बंद रहता है।
कान्हा नेशनल पार्क
जंगल बुक के मोगली का असली घर देखना चाहते हैं तो चले आइए मध्य प्रदेश के कान्हा नेशनल पार्क में। रुडयार्ड किपलिंग की पुस्तक जंगल बुक में इस नेशनल पार्क का काफी अच्छी तरह से वर्णन किया गया है। यह नेशनल पार्क एक बड़े से क्षेत्र में घास के खुले मैदानों से घिरा हुआ है। यहां बाघों के अलावा जिन जानवरों को आप अच्छी तरह से देख सकेंगे उनमें गिलहरी, धारीदार लकड़बग्घा, चिंकारा, हिरण की कई प्रजातियां शामिल है।

यहां हाथी की सफारी भी काफी लोकप्रिय है। अप्रैल से अगस्त के बीच का समय घूमने आने के लिए सबसे अच्छा होता है। कान्हा नेशनल पार्क में सूर्योदय के साथ ही सफारी शुरू हो जाती है जो सुबह 10 बजे तक चलता है। दोपहर में 3.30 बजे से सूर्यास्त तक जंगल सफारी की जा सकती है।
रणथंभौर नेशनल पार्क
राजस्थान का रणथंभौर नेशनल पार्क वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी के लिए सबसे ज्यादा लोकप्रिय है। यहां बाघों सबसे अच्छे अभ्यारण्यों में गिना जाता है। इस नेशनल पार्क में कई रिजॉर्ट हैं जो जंगल सफारी भी करवाते हैं। नेशनल पार्क का मुख्य आकर्षण बाघ तो है ही साथ में लोमड़ी, मगरमच्छ, तेंदुआ, भालू, सियार आदि जंगली जानवर भी देख सकते हैं।

चूंकि राजस्थान में गर्मी काफी ज्यादा पड़ती है, इसलिए अगस्त में यहां आपको उमस थोड़ी ज्यादा मिल सकती है। हालांकि गर्मी में बाघ तालाब, छांव में ज्यादा दिखाई देते हैं। एक्सपर्ट बताते हैं कि रणथंभौर नेशनल पार्क में कम से कम 2 रात रुकना चाहिए। इससे 3 या 4 सफारी मिलते हैं और बाघों के दिखने की संभावना भी बढ़ जाती है।
काजीरंगा नेशनल पार्क
बाघ देखने की जगहें तो कई हैं लेकिन एक सींग वाले गैंडे देखने हैं तो उसके लिए आपको असम के काजीरंगा नेशनल पार्क में आना पड़ेगा। यह सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया में एक सींग वाले गैंडों का एकमात्र घर है। यहां आपको गैंडों के अलावा वाइल्ड वॉटर बफेलो, दलदली हिरण, एशियाई हाथी, सांभर, भालू, गोल्डन सियार, नेवला भी देख सकते हैं।

दावा किया जाता है कि काजीरंगा नेशनल पार्क में हर 5 वर्ग किमी में एक बाघ का घर है। यहां गिद्धों की भी 3 प्रजातियां पायी जाती है। इसके अलावा कई अन्य पक्षियों की प्रजातियां इस नेशनल पार्क में दिखेंगी। इस नेशनल पार्क में हाथी की सफारी की सुविधा भी है। सफारी सुबह 7 से 9.30 बजे तक और दोपहर में 1.30 से 3.30 बजे तक होता है।
जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क
हिमालय की तलहटी में स्थित जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में जानवरों के लिए काफी अच्छा वातावरण मिलता है। इस पार्क में नेचर लवर बाघों के अलावा भालू, तेंदुआ, चीतल, हिरण देखने के लिए आते हैं। इस नेशनल पार्क का ढिकाला जोन सबसे अच्छा जोन माना जाता है। अगर आप जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में सफारी करना चाहते हैं तो बिजरानी सफारी, ढिकाला या फिर ढेला सफारी जोन चुन सकते हैं।

इस नेशनल पार्क में बाघों की संख्या सबसे ज्यादा बतायी जाती है। आप पार्क में जगह-जगह बने वॉच टावर से भी बाघ देख सकते हैं। यहां आप सुबह 6.30 से 10 बजे तक और दोपहर में 1.30 से 5.30 बजे तक सफारी कर सकते हैं।



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