दक्षिण भारत का खूबसूरत राज्य कर्नाटक को आईटी सिटी के नाम से भी जाना जाता है। यूं तो बेंगलुरु में घूमने की असंख्य जगह है..लेकिन आज हम आपको बताने जा रहे हैं यहां स्थित नेशनल पार्क बनरगट्टा के बारे में।
इसकी स्थापना 1971 में हुई थी और तब से यह बाघ, शेर और मगरमच्छों का भी घर है। विभिन्न प्रजाति की वनस्पतियाँ भी इस उद्यान की विशेषता है जिसके अंतर्गत चन्दन, जलारी, आलूबुखारा, इमली और चुज्जुल्लू आते हैं। बनरगट्टा राष्ट्रीय उद्यान का प्रमुख आकर्षण साँप उद्यान है। इस पार्क के अंतर्गत अनेकल श्रेणी के दस संरक्षित वन आते हैं जिनकी देखरेख बैंगलोर वन विभाग के द्वारा की जाती है।

इस पार्क में पर्यटक देश का सबसे पहला तितली पार्क भी देख सकते हैं...जोकि करीबन 7.5 एकड़ के विस्तृत क्षेत्र में फैला हुआ है। इस पार्क की स्थापना कर्नाटक के चिड़ियाघर प्राधिकरण, कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय और पारिस्थितिकी और पर्यावरण के क्षेत्र में अनुसंधान के लिए अशोक ट्रस्ट(एटीआरईई) के द्वारा 2006 में की गई।

इस उद्यान में एक संग्रहालय, तितली संरक्षिका और एक दृश्य श्रव्य कमरा है। तितली की लगभग 20 प्रजातियों का घर , तितली उद्यान पॉलीकार्बोनेट की छत से घिरा हुआ है जो उष्णकटिबंधीय, आद्र और कृत्रिम जलवायु का निर्माण करते हैं।
पर्यटक इस पार्क में जंगली जानवरों को देखने के लिए जंगल सफारी का भी लुत्फ उठा सकते हैं.. सफारी का प्रबंधन KSTDC द्वारा किया जाता है, जो आरक्षित निधि के लिए भी सहायता करता है। पार्क के बाघ आरक्षित को भारत के वन विभाग ने मान्यता दी है।

पार्क में घूमने के दौरान पर्यटकों को जानवरों को दूर से देखने की सलाह दी जाती है।प्रकृति प्रेमी इस पार्क का दौरा पैदल भी कर सकते हैं।
कैसे पहुंचे बेंगलुरु
वायु द्वारा: निकटतम हवाई अड्डा बेंगलुरु में केपेगौडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जो यहां से करीब 70 किमी दूर है।
ट्रेन से: निकटतम प्रमुख रेलवे स्टेशन या बेंगलुरु सिटी जंक्शन है, जो यहाँ से लगभग 28 किमी है। स्टेशन राज्य के सभी प्रमुख शहरों और शहरों के साथ-साथ ही पूरे देश में कनेक्टिकटिविटी प्रदान करता है।
रोड से: नेशनल पार्क बनरगट्टा तक पहुंचने का सबसे अच्छा तरीका सड़क मार्ग से है। जगह सड़कों से अच्छी तरह से जुड़ी हुई है और नियमित बसें हैं जो बेंगलुरु से मनोरंजन पार्क तक चलती हैं।



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