• Follow NativePlanet
Share
» »गर्मियों की छुट्टियों में इस बार उत्तराखंड-शिमला नहीं बल्कि ये खास जगहें घूमे

गर्मियों की छुट्टियों में इस बार उत्तराखंड-शिमला नहीं बल्कि ये खास जगहें घूमे

Written By:

उम्र चाहे कोई भी हो , छुट्टी का नाम सुनते ही सभी की बांछे खिल जाती है, और फिर अब तो छुट्टियों सीजन आ चुका है, हर कोई छुट्टियों की प्लानिंग में व्यस्त है, आखिर इस बार गर्मियों की छुट्टियां कहां बितायी जाए।

उत्तर भारत में अमूमन गर्मी की शुरुआत हो चुकी है, और इस दौरान सभी गर्मी की तपन और चिपचिपाहट से बचने के लिए ठंडी जगहें घूमने का चुनाव करते हैं, जिनमे सबसे पहले लोग हिमाचल या फिर उत्तराखंड जाने की प्लानिंग करते हैं।

लेकिन बदलते दौर के साथ अब लोग इन जगहों के अलावा पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण भारत घूमने के तलबगार हो चुके हैं। खास बात यह है कि, आप यहां धार्मिक, एडवेंचर ,और मौजमस्ती के साथ छुट्टियां बिता सकते हैं, और सबसे खास बात यह कि, आप इन जगहों को घूमने के साथ यहां की संस्कृती और कल्चर को जान और समझ सकते हैं, तो क्यों ना इन छुट्टियों कुछ नया और मजेदार किया जाये

कूर्ग

कूर्ग

कर्नाटक में स्थित कूर्ग को भारत का स्कॉटलैंड कहा जाता है, यहां मौजूद दिल मोह लेने वाले पहाड़ दूर से ही सैलानियों को अपनी ओर खींचते हैं। नज़ारे ऐसे हैं कि मानों जन्नत ज़मीन पर उतर आई हो। शहर की भीड़, धूल और शोर-शराबे से दूर कूर्ग एक शांत और सुंदर जगह है। यहां लोग हसीन वादियों के साथ-साथ अपने मन की शांति के लिए भी आते हैं। फोटोग्राफी के शौकीन लोगों के लिए तो यह परफेक्ट जगह मानी जाती है। यहां आकर पर्यटक पुराने मंदिरों, ईको पार्क, झरनों और सेंचुरी की खूबसूरती में रम जाते है। अगर आप कूर्ग की सैर पर आएं तो अब्‍बे फॉल्‍स, ईरपु फॉल्‍स, मदीकेरी किला, राजा सीट, नालखंद पैलेस और राजा की गुंबद की सैर करना कतई न भूले। कूर्ग में कई धार्मिक स्‍थल भी है जिनमें भागमंडला, तिब्‍बती गोल्‍डन मंदिर , ओमकारेश्‍वर मंदिर और तालाकावेरी प्रमुख है।Pc:Rameshng

मुन्नार

मुन्नार

मुन्नार सबसे लोकप्रिय हिल स्टेशन में से एक है। इसका बहुत ही खूबसूरत दृश्य पहाड़ी ढलानों से दिखता है जो हरी चाय खेतों से लगभग 80,000 मील की दूरी तक कवर किए हुए है। मुन्‍नार, उन सभी लोगों के घूमने के लिए कई विकल्‍प प्रदान करता है जो यहां अपनी खास छुट्टियां बिताने आते हैं। मुन्‍नार के पर्यटन स्‍थलों की सैर बहुत सुखद अनुभव प्रदान करने वाली होती है विशेषकर यहां के अच्‍छे और सुखदायक मौसम के कारण। बाइकर्स और ट्रैकर्स इस जगह को एंडवेचर गेम्‍स के लिए स्‍वर्ग मानते है इसीलिए काफी अच्‍छी संख्‍या में बाइकिंग और ट्रैकिंग ट्रेल्‍स के शौकीन लोग मुन्‍नार में आते हैं। पर्यटक यहां के दूर - दूर तक फैले मखमली घास के मैदानों और वृक्षों की कतारों में भी कैजुअली इधर - उधर टहल सकते हैं या विचरण कर सकते हैं। यहां पर चिडि़यों को देखना भी एक बेहद लोकप्रिय गतिविधि है क्‍यूंकि इस क्षेत्र में कई प्रकार की दुर्लभ प्रजातियों का घर भी है।Pc: Issacsam

बांदीपुर नेशनल पार्क

बांदीपुर नेशनल पार्क

बांदीपुर नेशनल पार्क दक्षिण भारत का सबसे प्रसिद्ध नेशनल पार्क है..यह क्षेत्र एशियाई हाथियों का प्राकृतिक आवास और कई लुप्तप्राय प्रजातियों का घर है। यह उद्यान 800 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है जो घाना जंगल होने के साथ साथ प्राकृतिक सुंदरता से भी घिरा हुआ है।Pc: Genie.prinks

माजुली आइलैंड

माजुली आइलैंड

माजुली असम का सबसे लोकप्रिय पर्यटन आकर्षण है। माजुली न सिर्फ नदी से बना विश्व का सबसे बड़ा द्वीप है, बल्कि यह असम में नए वैष्णव धर्म का केन्द्र भी है। माजुली पर्यटन थोड़ा छोटा हो सकता है, पर यह बेहद जीवंत है। एक ओर जहां ब्रह्मपुत्र नदी इसकी प्राकृतिक सुंदरता में बढ़ोत्तरी करती है, वहीं दूसरी ओर सतरा इसे सांस्कृतिक पहचान दिलाता है।Pc:PP Yoonus

अरक्कल झरना

अरक्कल झरना

अगर आप बिन बादल बारिश का मजा लेना चाहते हैं तो अरक्कल झरना आपके लिए बेस्ट प्लेस है। स्‍थानीय लोगों के बीच पिकनिक मनाने के लिए ये जगह बहुत लोकप्रिय है। मॉनसून के दौरान इस जगह की खूबसूरती को निहारना बेहद अद्भुत रहता है। ये एरनाकुलम शहर से 35 किमी दूर स्थित है।

महाबलीपुरम

महाबलीपुरम

महाबलीपुरम के मंदिर अपनी नक्काशियों के लिए खासा जाने जाते हैं। इन मंदिरों में वाराह मंडपम, कृष्णा मंडपम, पांच रथ और शोर टेम्पल मुख्य रूप से दर्शनीय है। यहाँ पत्थरों को काटकर बनाई गई चट्टानें भी देखने योग्य हैं। तो क्यों न इस वेकेशन मंदिरों के नगर महाबलीपुरम की सैर की जाये। जो कि तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई से 55 किलोमीटर दूर है।Pc:Sai Sathish Vijayan

लिविंग ट्री रूट ब्रिज ऑफ़ चेरापूंजी

लिविंग ट्री रूट ब्रिज ऑफ़ चेरापूंजी

अगर आप कल्पना से परे कुछ देखना चाहते हैं..तो आपको पूर्वोत्तर भारत में स्थित चेरापूंजी चले आइये।यहां काफी घने पेड़ मौजूद है..इन पेड़ो की जड़े और तने काफी लम्बी है जो चारों और फ़ैल गये हैं..जिस से नदी के ऊपर एक बेहद ही खूबसूरत प्रकृति निर्मित पुल बन गया गया है। यह पुल काफी सालो पुराना है..इसपर आप आसानी से चल सकते हैं।Pc:Himanshu Tyagi

जीरो

जीरो

अरुणाचल प्रदेश में स्थित जीरो ईटानगर से तकरीबन 167 कि.मी की दूरी पर है। यह एक बेहद ही खूबसूरत जगह है...यहां अमूमन तापमान जीरो से कम ही रहता है।यहां आपको दूर दूर तक हरे भरे पहाड़ बर्फ से ढके हुए नजर आयेंगे।Pc:Ashwani Kumar

वर्कला

वर्कला

अगर आप गोवा के भीड़भाड़ वाले समुद्री तटों की जगह पहाड़ी समुद्री तट को देखना चाहते हैं, तो केरल स्थित वर्कला बेस्ट प्लेस है। तिरुवनंतपुरम से 51 मील की दूरी पर स्थित है। वर्कला अपनी प्राकृतिक आकर्षण और उच्च चट्टानों के साथ दुनिया भर से पर्यटकों को लुभाने के लिए अपील और क्षमता रखती है। यहां का समुंद्र तट अन्य देशों के लोगों के बीच प्रसिद्ध है और को रोमांचक बनाने के लिए कई रोचक गतिविधिया भी प्रदान करता है जैसे सूर्य स्नान , नाव की सवारी, सर्फिंग और आयुर्वेदिक मालिश।Pc:Shishirdasika

मुनरो आईलैंड

मुनरो आईलैंड

अगर आप इन छुट्टियों अपनी छुट्टियाँ किसी द्वीप पर बिताना चाहते हैं, तो केरल स्थित मुनरो आइलैंड चले आइये, जहां आप दुनिया की नजरों से दूर प्रकृति के करीब अपनी छुट्टियां बिता सकते हैं। मुनरो द्वीप पर पहुंचते हुए आप आसपास के ग्रामीण जीवन को भी निहार सकते हैं..जोकि बहुत ही खूबसूरत घरों और सुंदर परिदृश्य को प्रस्तुत करता है। मुनरो द्वीप, उस बिंदु पर स्थित है जहां ऐशतामुडी बैकवॉटर, कल्‍लादा नदी के साथ मिल जाती है।Pc:Kerala engineer

ऊटी

ऊटी

पहाड़ों की रानी के नाम से मशहूर ऊटी अपने मनोरम दृश्यों के लिए विश्व विख्यात है। दूर तक फैली हसीन वादियां और उन वादियों में ढके आकर्षण वृक्ष ऐसे सुकून देते हैं जैसे कोई बच्चा नींद के की गोद में सुकून व आनंद महसूस करता हो। ऊटी कुदरत का खूबसूरत जीता जागता उदाहरण है जो अपने सौंदर्य के लिए तो जाना जाता ही है साथ ही यह हिन्दुस्तान फोटो फिल्म के कारखाने के लिए पर्यटकों के बीच खासा मशहूर है।Pc:Mayuri88

काजीरंगा नेशनल पार्क

काजीरंगा नेशनल पार्क

काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान असम के गर्व में से एक है। यह उल्लेख करना जरूरी है कि यह लुप्तप्राय भारतीय एक सींग वाले गैंडे का घर है। यह राष्ट्रीय उद्यान भारत के उत्तर-पूर्व क्षेत्र में सबसे बड़ा वन्यजीव अभ्यारण्य है। यह पार्क बड़ी संख्या में बाघों और अन्य वन्यजीव प्रजातियों के लिए भी प्रसिद्ध है; इसे वर्ष 2006 में बाघ आरक्षित घोषित किया गया है।Pc: Whoisagoodgirl

दजुको घाटी

दजुको घाटी

दजुको घाटी नागालैंड दजुको का मतलब अंग्मानी भाषा में होता है ठंडा पानी। दजुको घाटी के बारे में यूं तो ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन ये नागालैंड का छुपा हुआ पर्यटक स्थल है। यह घाटी अपनी खूबसूरती के लिए लोगो के बीच लोकप्रिय होती जा रही है।Pc:Dhrubazaanphotography

लोकतक झील

लोकतक झील

अगर आपने तैरती हुई झील के बारे में सुना या फिर पढ़ा है, तो इन छुट्टियों इस झील की सैर अवश्य करिये। यह झील कहीं और नहीं बल्कि उत्तर पूर्व भारत की सबसे बड़ी पानी की झील है, जो छोटे-छोटे भूखंड या द्वीप पर तैरती है। इन द्वीपों को फुमदी के नाम से जाना जाता है। ये फुमदी मिट्टी, पेड़-पौधों और जैविक पदार्थों से मिलकर बनते हैं और धरती की तरह ही कठोर होते हैं। इन्होंने झील के काफी बड़े भाग को कवर किया हुआ है। फुमदियों से बनी इस झील को देखना अपने आप में एक अनोखा अहसास है, जो की पूरे विश्व में केवल यहीं अनुभव किया जा सकता है। इतने से भी मन न भरे तो फुमदी पर ही बने टूरिस्ट कॉटेज में रह भी सकते हैं।Pc:Sharada Prasad CS

भारत की इन जगहों पर भूलकर भी ना जाएँ घूमने...

यात्रा पर पाएं भारी छूट, ट्रैवल स्टोरी के साथ तुरंत पाएं जरूरी टिप्स