कुछ दिनों में गणतंत्र दिवस का महापर्व आने वाला है, जिसकी तैयारियां हर तरफ जोरों पर है। इस दिन छुट्टी होने के चलते सभी लोग कहीं न कहीं घूमने भी जाते हैं। ऐसे में हम आपके लिए कुछ ऐसे जगहों की लिस्ट लेकर आए हैं, जहां आप जाकर न सिर्फ गणतंत्र दिवस को सेलिब्रेट कर सकते हैं बल्कि इतिहास से रूबरू हो सकते हैं।
लाल किला, दिल्ली
लाल बलुआ पत्थर से बना यह किला लाल रंग होने के कारण लाल किला कहलाता है। यह अपनी भव्यता और आर्कषण के लिए पूरी विश्व में जाना जाता है। यह शाही किला अपनी बनावट व अनूठी वास्तुकला के लिए जानी जाती है। इस किले को साल 2007 में यूनेस्को की विश्व धरोहर लिस्ट में भी शामिल किया जा चुका है।

इंडिया गेट, नई दिल्ली
देश की राजधानी नई दिल्ली के राजपथ मार्ग पर स्थित इंडिया गेट उन जगहों में से एक है, जहां जाने पर अपने आप ही मन में देशभक्ति की भावना मन में जागृत हो जाती है। वैसे तो यहां हर रोज सैकड़ों लोग आते हैं लेकिन 26 जनवरी के दिन यहां का नजारा देखने लायक होता है।
जलियांवाला बाग, अमृतसर, पंजाब
जलियांवाला बाग भारत के उन जगहों में से एक है, जहां आजादी के पहले की यादों को ताजा किया जा सकता है। 13 अप्रैल 1919 को बैसाखी के दिन इस बगीचे में ब्रिटिश सरकार द्वारा कई हिंदुस्तानियों को खड़ा कराकर गोलियों से भून दिया गया था, जिसके निशान आज भी बगीचे की दीवारों पर देखने को मिलते हैं। बगीचे में एक शहीदी कुआं भी है, जिसमें हजारों भारतीय अपनी जान बचाने के लिए कूद गए थे।

वाघा बॉर्डर, अमृतसर, पंजाब
अमृतसर शहर से करीब 70 किमी. की दूरी पर स्थित 'वाघा बॉर्डर' भारत और पाकिस्तान की सीमा रेखा है। यहां हर साल 26 जनवरी और 15 अगस्त को भारतीय सिपाहियों द्वारा खास कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिन्हें देखने के लिए देशी और विदेशी दोनों पर्यटक पहुंचते हैं। इस कार्यक्रम के दौरान चारों तरफ भारत माता की जय-जयकार होती है और 'इंकलाब जिंदाबाद' व 'हिन्दुस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाए जाते हैं।
जैसलमेर बॉर्डर, राजस्थान
राजस्थान के जैसलमेर में स्थित लोंगेवाला एक छोटा सा गांव है, जहां भारत और पाकिस्तान का बॉर्डर है। यह भारत और पाकिस्तान का सबसे लंबा बॉर्डर माना जाता है, जो पाकिस्तान के साथ करीब 471 किमी. की भूमि साझा करता है। इस लोंगेवाला पोस्ट को 'इंडो-पाक पिलर 638' के नाम से जाना जाता है। साल 1997 में आई शनी देओल स्टारर फिल्म 'बॉर्डर' की शूटिंग भी यहीं हुई थी। आजादी का महोत्सव मनाने के लिए यह एक अच्छा डेस्टिनेशन है।
कारगिल वॉर मेमोरियल, लद्दाख
भारत और पाकिस्तान के बीच हुए कारगिल युद्ध में भारतीय सेना ने 26 जुलाई 1999 को कारगिल पर जीत हासिल की थी। इसमें शहीद हुए भारतीय वीर सपूतों को श्रद्धांजलि देने और पाक सेना पर हासिल की गई जीत को याद रखने के लिए कारगिल के द्रास सेक्टर में कारगिल वॉर मेमोरियल बनाया गया है। जहां इस गणतंत्र दिवस आप अपनों के साथ घूमने जा सकते हैं।

काला पानी जेल, अंडमान-निकोबार
अंडमान-निकोबार एक द्वीप समूह है, जो प्राकृतिक रूप से बेहद खूबसूरत है। यहां मौजूद 'काला पानी जेल' देशभक्ति के जज्बे को महसूस करने के लिए एक बेहतर स्थान है। यहां हर साल 26 जनवरी और 15 अगस्त को कई खास कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। वर्तमान में इसे एक म्यूजियम और स्मारक के रूप में तब्दील कर दिया गया है। यहां आप जाकर देशभक्तों के उस दर्द-यातनाओं को महसूस कर सकेंगे, जो यहां रहकर उन्होंने झेला था।



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