साल में एकबार छुट्टियों मनाने बाहर जरुर जाना चाहिए खासकर कि उन जगहों पर जहां आप पहले कभी गये ना हो..ऐसा इसलिए क्योंकि इससे आपको एक तो नई जगह घूमने को मिलेगी साथ ही कुछ नया ज्ञान भी हासिल होगा।
हमारे यहां अगर घूमने की जगहों की लिस्ट खोजी जाये तो ढेरो जगह सामने आयेंगी..जिनमे से अधिकतर तो आप घूम चुके होते हैं। और फिर जब बात समुद्री इलाके के घूमने की आती है तो दिमाग में गोवा ही ठहरता है..अगर आप साफ़ पानी के समुद्र की तलाश में है तो आपके लक्षद्वीप से बेहतर कोई जगह नहीं हो सकती।
अरब सागर में स्थित लक्षद्वीप भारतीय उपमहाद्वीप का हिस्सा है और भारत के सबसे छोटे केंद्र शासित प्रदेश के तौर पर जाना जाता है। लक्षद्वीप का मलयालम और संस्कृत में मतलब होता है 'लाखों द्वीप'।
लक्षद्वीप में बेहद ही खूबसूरत लगून और खूबसूरत समुद्री तट देखे जा सकते हैं..यहां का पानी इतना साफ़ होता है कि..आप आसानी से पानी की सतह को देख सकते हैं।

अगत्ती द्वीप
अगत्ती द्वीप को लक्षद्वीप के प्रवेश द्वार के नाम से भी जाना जाता है साथ ही ये यहाँ आने वालों के लिए एक बहुत ही लोकप्रिय स्थल है, ये द्वीप इतना खूबसूरत है की अगर आप लक्षद्वीप आएं और यहाँ न घूमें तो आपकी यात्रा आधूरी होगी । 4 वर्ग किलोमीटर से कम, अगाती द्वीप सिर्फ 2 सैरगाहों के साथ एक छोटा सा द्वीप है। एक संकरी सड़क पर्यटकों को द्वीप के आसपास जाने में काफी मदद करती है साथ ही यहाँ जाने के लिए किराए की मोटर बाइक एक अच्छा विकल्प है।

बंगाराम
बंगाराम परिवार के साथ छुट्टियाँ मनाने के साथ साथ हनीमून मनाने के लिए भी एकदम परफेक्ट जगह है..यहां के समुद्र भी काफी साफ़ है साथ ही यहां आपको अन्य जगहों के मुकाबले की पर्यटकों की भी कम भीड़ देखने को मिलेगी..जिससे आप अपनी छुट्टियों को अच्छे से एन्जॉय कर सकते हैं। बंगाराम में पर्यटक ढेर सटर स्पोर्ट्स का भी लुत्फ उठा सकते हैं..जिनमे कायाकिंग,फिशिंग, स्कूबा डाइविंग आदि शामिल है।

कवरत्ती
कवरत्ती यहाँ की प्रशासनिक राजधानी है। यह सबसे अधिक विकसित भी है साथ ही यहाँ द्वीपवासियों के अलावा अन्य लोग भी बड़ी संख्या में रहते हैं। पूरे द्वीप में 52 मस्जिद हैं, सबसे खूबसूरत मस्जिद है उज्र मस्जिद। कहा जाता है कि यहाँ के पानी में चमत्कारी शक्ति है।

मलिकु द्वीप
मलिकु द्वीप जिसे मिनिकॉय या मलिकु एटोल के नाम से भी जाना जाता है, लक्षद्वीप द्वीप समूह का दक्षिणी द्वीप है। ऐतिहासिक दृष्टि से आज एक अलग राष्ट्र के रूप में जाने जाना वाला मालदीव का एक हिस्सा है, मिनिकॉय दोनों तरह से जैसे सांस्कृतिक और भाषायी समानताएं मालदीव के साथ रखता है।यह जगह पूरी तरह नारियल के पेड़ो से ढकी हुई सुंदर रेतीले स्थान पर छुट्टी मनाने का एक मजा ही अलग है..साथ ही यहां मिलाने वाला खाना भी बेहद लाजवाब है।

सुहेली
सुहेली पर एक द्वीप समूह है जिसमे सुहेली वलियाकारा और सुहेली चेरियाकारा, दो छोटे द्वीप शामिल हैं, जो अगट्टी द्वीप के लगभग 75 किलोमीटर दक्षिण में स्थित हैं। इन दो द्वीपों के परिभाषित विशेषता ये है की इनमें से एक बड़ा अंडाकार आकार का लैगून है जो हरे रंग के अपरिवर्तित समुद्री जीवन को दुनिया के समक्ष दिखाता है। अगर सच में आप तनहाई और सुकून को खोज रहे हैं तो यहाँ एक बार आइये जरूर, यहाँ की सफ़ेद सुन्दर रेत पर बैठे हुए समुन्द्र को निहारना आने वाले पर्यटक को एक अलग ही प्रकार का दैवीय सुख देता है।

कदमात
यह धूप सेंकने और जलीय खेलकूद के लिए आदर्श स्थान है। समुद्री संपत्ति के लिहाज से यह द्वीप बहुत समृद्ध है। कदमात में पर्यटकों के लिए स्कूबा डाइविंग, स्नॉर्कलिंग और तैराकी के कई विकल्प उपलब्ध हैं।

क्रूज से लक्षद्वीप
लक्षद्वीप क्रूज इन दिनों बहुत लोकप्रिय हो रहा है। इस क्रूज पर विलासिता की सभी सुविधाएं मौजूद हैं, जो इस यात्रा को खूबसूरत और खुशनुमा यात्रा में तब्दील कर देती हैं। 1962 से पहले तक, इस द्वीप से मुख्य धरती को जोड़ने के लिए कोई जहाज नहीं था। पहला जहाज 1962 में एमवी सी फॉक्स नाम से चला। इसके बाद तीन और जहाज शुरू हुएः एमवी अमीनदीवी (1974), एमवी भारतसीमा और एमवी टीपू सुल्तान (1988)। इसके कुछ ही वक्त बाद एमवी मिनिकॉय भी टीम में शामिल हुआ। पर्यटन इन खूबसूरत द्वीपों पर आय का एक मुख्य स्रोत है और क्रूज यहां के लोगों को अन्य अवसर प्रदान करते हैं।

लक्षद्वीप कैसे पहुंचें
लक्षद्वीप
लक्षद्वीप छोटे द्वीपों का एक समूह है, जो भारत के दक्षिण-पश्चिमी तटीय इलाके से 200 से 400 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। लक्षद्वीप के द्वीपों पर जाने के लिए पर्यटकों को पहले परमिट हासिल करना होता है।
हवाई मार्ग से
इस केंद्रशासित प्रदेश में अगट्टी में एयरपोर्ट है। केरल के शहर कोच्चि (कोचीन) से नियमित उड़ानें लक्षद्वीप जाती हैं। कोच्चि में एक अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट है, जो भारत के करीब-करीब सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। अगट्टी और कोच्चि के बीच उड़ान का वक्त सिर्फ एक घंटा और 30 मिनट है। इन द्वीपों पर पहुंचने के लिए पवन हंस हेलिकॉप्टर सर्विस भी उपलब्ध है। अगट्टी से आप (क्षेत्र के एक महत्वपूर्म शहर) कवराट्टी और मानसून में बंगारम पहुंचने के लिए हेलिकॉप्टर सेवा ले सकते हैं।
समुद्री मार्ग से
लक्षद्वीप पहुंचने के लिए जहाज से यात्रा करना भी एक अच्छा विकल्प है। कोच्चि (कोचीन) से लक्षद्वीप के लिए कई यात्री जहाज जाते हैं। यह यात्रा 18 से 20 घंटे की है। इन जहाजों पर कई तरह की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। हालांकि, मानसून के दौरान जहाज सेवा बंद रहती है।
कोच्चि से लक्षद्वीप जाने के लिए अनुमानित यात्रा खर्च 500 से 1000 रुपए आता है। यह भारतीय सैलानी के लिए है। विदेशी पर्यटक के लिए 2000 रुपए तक लग जाते हैं।

यात्रा के लिए सलाह
-लक्षद्वीप द्वीप समूह की यात्रा के लिए प्लानिंग जरूरी है। बिना यात्रा परमिट के आप लक्षद्वीप नहीं जा सकते और यह परमिट बनने में कम से कम दो दिन तक लग जाते हैं।

यात्रा के लिए सलाह
-यदि आप पीक सीजन में यात्रा की योजना बना रहे हैं तो लक्षद्वीप में रुकने की व्यवस्था करना दुष्कर हो सकता है। इस वजह से यात्रा शुरू करने से पहले ही अपने आवास की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित कर लें।

यात्रा के लिए सलाह
-इस द्वीपसमूह पर रात को यात्रा न करें क्योंकि यह निर्जन द्वीप हैं। आप गुम हो सकते हैं या चोरों या लुटेरों के हत्थे चढ़ सकते हैं।



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