शानदार खबर! गुजरात के भुज में स्थित स्मृतिवन भूकम्प संग्रहालय ने आखिरकार UNESCO का Prix Versailles 2024 वर्ल्ड टाइटल पुरस्कार जीत लिया है। इस बात की पुष्टि स्मृतिवन भूकम्प संग्रहालय के आधिकारिक X हैंडल पर की गयी है। स्मृतिवन भूकम्प संग्रहालय को यह पुरस्कार अपने शानदार आंतरिक साज-सज्जा की वजह से दिया गया है।
फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राज्य के मंत्री जगदीश विश्वकर्मा और गुजरात के डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (GSDMA) के सीईओ अनुपम आनंद को UNESCO की ओर से Prix Versailles पुरस्कार सौंप दिया गया। इस कार्यक्रम का वीडियो भी फ्रांस में भारतीय दूतावास की ओर से X हैंडल पर शेयर किया गया है।
बता दें, इस साल के शुरुआत में ही स्मृतिवन भूकम्प संग्रहालय को दुनिया भर के 7 सबसे शानदार म्यूजियमों में चुना गया था, जिनमें से एक को UNESCO का Prix Versailles पुरस्कार दिया जाना था। UNESCO से पुरस्कार प्राप्त करने के बाद इस म्यूजियम की ख्याति सिर्फ देश के अंदर ही नहीं बल्कि विदेशों में भी फैल गयी है। इस म्यूजियम का निर्माण साल 2001 में गुजरात के भुज में 26 जनवरी की सुबह आए तेज भूकम्प में मारे गये लोगों की याद में किया गया था।
रिक्टर स्केल पर उस भूकम्प की तीव्रता 7.6 मापी गयी थी। सुबह 8.46 बजे आए इस भूकम्प ने कई गांवों को पूरी तरह से तबाह कर दिया था और इसमें लगभग 30 हजार से भी ज्यादा लोगों की जान चली गयी थी। जानकारी के मुताबिक करीब 3 मिनट तक आए इस भूकम्प ने पूरे के पूरे भुज शहर को मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया था। भूकम्प के बाद कई दिनों तक राहत व बचाव कार्य चलाया गया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर भुज में स्मृतिवन भूकम्प संग्रहालय बनाया गया था। 28 अगस्त 2022 को पीएम मोदी ने ही इसका उद्घाटन भी किया था। गौरतलब है कि जिस समय गुजरात के भुज में भूकम्प से तबाही मची थी, उस समय पीएम मोदी गुजरात की राजनीति में सक्रिय थे।
वर्ष 2001 से 2014 तक वह गुजरात के मुख्यमंत्री बने रहे। इस म्यूजियम को इस तरह के डिजाइन किया गया है कि यहां आने वाले हर व्यक्ति को उस भुकम्प से मची तबाही का मंजर अपनी आंखों के सामने दिखाई दिया। GSDMA के समर्थन से स्मृतिवन भूकम्प संग्रहालय की देखरेख कच्छ कलेक्टोरेट की ओर से की जाती है।
स्मृतिवन भूकम्प संग्रहालय की विशेषताएं
- कच्छ जिले के भुज में भुजियो हिल पर 470 एकड़ के क्षेत्र में फैला एक शानदार म्यूजियम है।
- इस म्यूजियम दुनिया का सबसे बड़ा जंगल मियावाकी फॉरेस्ट 30,00,000 पेड़ समेत दिखाया गया है।
- म्यूजियम की एक दीवार पर भूकम्प में मारे गये करीब 12,932 लोगों के नाम लिखी हुई तख्ती है।
- म्यूजियम के अन्य आकर्षणों में एक सन प्वाएंट, 8 किमी लंबी सड़क, 1.2 किमी लंबी आंतरिक सड़क, सोलर पावर प्लांट आदि है।
- म्यूजियम में 300 साल पुराना एक किला है, जिसकी मरम्मत की गयी है।
- यहां आने वाले 3000 दर्शकों के लिए पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध है।
- स्मृतिवन म्यूजियम का सबसे शानदार जगह इसका थिएटर सिमुलेटर है, जहां वाइब्रेशन, साउंड और लाइट के जरिए साल 2001 में आए भूकम्प को अनुभव करवाने की कोशिश की जाती है।
- इसके अलावा यहां 360 डिग्री प्रोजेक्शन के माध्यम से दर्शकों को उस तबाही की छोटी सी झलक भी दिखाने की कोशिश की जाती है।
क्या है स्मृतिवन भूकम्प संग्रहालय की Timing?
यह स्मृतिवन मेमोरियल हर दिन सुबह 5 से रात 11 बजे तक खुला रहता है। मंगलवार से शुक्रवार तक स्मृतिवन म्यूजियम सुबह 10 से शाम 6 बजे तक और सप्ताहांत में शनिवार व रविवार को सुबह 10 से रात 8 बजे तक खुला रहता है। सोमवार को संग्रहालय को बंद रहता है। म्यूजियम के लिए टिकट ऑनलाइन बुक की जा सकती है जिसके लिए आप स्मृतिवन भूकम्प संग्रहालय के आधिकारिक वेबसाइट www.smritivanearthquakemuseum.com पर जा सकते हैं।
क्या है Prix Versailles पुरस्कार?
Prix Versailles पुरस्कार UNESCO की तरफ से दिया जाने वाला एक वैश्विक पुरस्कार है, जिसे मुख्य रूप से आर्किटेक्चर और डिजाइन के क्षेत्र में दिया जाता है। यह पुरस्कार जिन श्रेणियों में दिया जाता है उनमें शामिल हैं -
- म्यूजियम
- एयरपोर्ट
- कैम्पस
- यात्री स्टेशन
- स्पोर्स्ट्स फेसिलिटी
- एम्पोरियम
- होटल
- रेस्तरां
बता दें, पिछले साल भी UNESCO का Prix Versailles पुरस्कार भारत ने ही अपने नाम किया था। Prix Versailles 2023 का पुरस्कार बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (KIA) के टर्मिनल 2 को मिला था। KIA को यह पुरस्कार शानदार इंटीरियर की वजह से दिया गया था। KIA भारत में UNESCO का पुरस्कार जीतने वाला एकमात्र एयरपोर्ट है।



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