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क्यों ना इन छुट्टियों की जाये इंडो-चाइना बॉर्डर की सैर

भारत देश की सीमाएं कई देशों से लगती हैं, जिन्हें बतौर यात्री घूमा जा सकता है, लेकिन इन सीमायों को घूमने से पहले यात्रियों और पर्यटकों केंद्र सरकार से एक परमिशन की आवश्यकता होती है, जिसके बाद आसानी से

विश्व के अन्य देशों के मुकाबले भारत एक बेहद ही अनुकूल और मैत्रीपूर्ण देश है, जिसकी सीमाएं कई देशों से लगती हैं। यह एक देश है, जो हमेशा से ही शालीनता और संस्कृति के चार्ट में सबसे ऊपर रहा है। भले ही भारत की पड़ोसी देशों से शत्रुता कितनी भी हो, लेकिन वह कठिन समय में हमेशा अपने पड़ोसियों के साथ खड़ा रहा है, और हमेशा दोस्ती का हाथ आगे बढ़ाया है।

जैसे की हमने बताया कि,भारत देश की सीमाएं कई देशों से लगती हैं, जिन्हें बतौर यात्री घूमा जा सकता है, लेकिन इन सीमायों को घूमने से पहले यात्रियों और पर्यटकों केंद्र सरकार से एक परमिशन की आवश्यकता होती है, जिसके बाद आसानी से इन बॉर्डर्स को घूमा जा सकता है।

तो अगर आप इन छुट्टियों कुछ न्य घूमने की तलाश में हैं, तो क्यों ना भारत के इन्टरनेशनल बोर्डर्स को घूमा जाये, और यहां की खूबसूरती के नजारों को अपने कैमरे में कैद किया जाये और यात्रा को रोमांचक बनाया जाए। हम आपको अपने लेख से बताने जा रहे हैं, भारत-चाइना के बोर्डर के बारे में, जो अमूमन पर्यटकों के लिए गर्मी के मौसम में ही खुलते हैं, तो क्यों ना इस चिलचिलाती गर्मी में हो जाए कंपकंपाती ठंड से मुलाकात

नाथू ला पास सिक्किम

नाथू ला पास सिक्किम

नाथू ला एक पहाड़ का दर्रा है, जो चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के साथ सिक्किम को जोड़ता है।समुद्र तल से 4310 मीटर की ऊंचाई पर स्थित, यह गंगटोक से करीब 54 किमी पूर्व में स्थित है। गंगटोक में पूर्व अनुमति के साथ केवल भारतीयों को बुधवार, गुरुवार, शनिवार और रविवार को दर्रा घूमने दिया जाता है। चीन और भारत के बीच प्रमुख व्यापारिक केंद्र होने के कारण, यह पीक सीजन के दौरान हजारों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है, पर्यटक यहां के बर्फ से उंचे ढके पहाड़ों को देख सकते हैं, साथ एडवेंचर स्पोर्ट्स का लुत्फ भी उठा सकते हैं।Pc:Shayon Ghosh

कब जायें नाथुला पास

कब जायें नाथुला पास

शिपकी ला पास, हिमाचल प्रदेश

शिपकी ला पास, हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में स्थित हिमालय की तलहटी में बसा शिपकी ला पास पास पर्यटक के बीच आज भी खासा लोकप्रिय नहीं है। भारत-तिब्बत के बॉर्डर पर स्थित शिपकी ला पास की यात्रा करना थोड़ा सा मुश्किल है। इस बॉर्डर को घूमने के लिए पर्यटकों को सरकार से स्पेशल परमिट लेने की जरूरत होती है।

अनुमति मिलने के बाद जब आप इस पास में दाखिल होंगे तो आप खुद को प्राकृतिक सौंदर्य और उंचे उंचे बर्फ से ढके पहाड़ों के बीच पाएंगे। इस दर्रे पर आप सतलज नदी की सैर भी कर सकते हैं, सतलुज नदी इस दर्रे के पास ही एक तंग घाटी से गुज़रकर तिब्बत से भारत में दाख़िल होती है।

शिपकी ला पास

शिपकी ला पास

सर्दियों के दौरान शिपकी ला पास में भारी बर्फबारी होती है, जिससे पर्यटकों के लिए इस क्षेत्र को घूमना थोड़ा मुश्किल होता है। इतना ही नही शिपकी ला पास घूमने की अनुमति आपको सरकार द्वारा तब ही दिया जायेगी, जब आपके पास बॉर्डर घूमने का उचित कारण होगा। अगर आपको घूमने की इजाजत मिल जाती है, तो आप भाग्यशाली हैं। आप इस पास की यात्रा अप्रैल से लेकर जुलाई के बीच कभी भी कर सकते हैं।

लिपुलेख पास, उत्तराखंड

लिपुलेख पास, उत्तराखंड

लिपुलेख दर्रा आने का सही टाइम

लिपुलेख दर्रा आने का सही टाइम

लिपुलेख दर्रा का दौरा करने का बेस्ट टाइम गर्मी का मौसम है (अप्रैल से लेकर जुलाई के अंत) है। इस समय के दौरान, जलवायु अनुकूल रहती है, जिससे आप लिपुलख पास के आसपास के क्षेत्रों को घूम सकते हैं।

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