Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »होयसल वास्तुकला का नायाब नमूना व बेलूर का अमूल्य धरोहर है चेन्नाकेशव मंदिर

होयसल वास्तुकला का नायाब नमूना व बेलूर का अमूल्य धरोहर है चेन्नाकेशव मंदिर

वाकई में दक्षिण भारत का कोई जवाब नहींं है। इसका खास उदाहरण है यहां का धार्मिक स्थल, जिसके ऊंचे-ऊंंचे गोपुरम, अद्भुत नक्काशी व वास्तुकला का नायाब नमूना पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। कुछ ऐसा ही है कर्नाटक के बेलूर में स्थित चेन्नाकेशव मंदिर, जिसकी नक्काशी और वास्तुकला पूरी दुनिया में मशहूर है। यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित एक हिंदू मंदिर है, जो करीब 1000 साल पुराना है।

103 साल में बनकर तैयार हुआ था यह मंदिर

जब कभी भी आप बेलूर की यात्रा पर निकले तो आप एक बार चेन्‍नाकेशव स्‍वामी के दर्शन जरूर करें। इस मंदिर का निर्माण नरम सोपस्‍टोन से हुआ है और यह चेन्‍नाकेशव स्वामी को समर्पित है, जिन्‍हें भगवान विष्‍णु का अवतार माना जाता है। यह मंदिर होयसल काल में बना हुआ है। यही कारण है कि इस मंदिर में होयसल वास्तुकला की झलक देखने को मिलती है। तलक्‍कड़ के युद्ध के दौरान साल 1117 में बने इस मंदिर को बनकर तैयार होने में 103 साल लगे थे। इस मंदिर का निर्माण होयसल राजवंश के राजा विष्णुवर्धन द्वारा करवाया गया था।

chennakeshava temple, चेन्नाकेशव मंदिर

मंदिर की दीवारों पर पौराणिक पात्रों का चित्रांकन

यह मंदिर होयसाल वंशजों का मंदिर हुआ करता था। यह मंदिर 178 फीट लंबा और 156 फीट चौड़ा है। इसमें कुल 48 नक्‍काशीदार खंभे है, जिनमें भिन्‍न - भिन्‍न प्रकार की डिजाइन बनी हुई है। इस मंदिर की दीवारों पर पौराणिक पात्रों का चित्रांकन किया गया है। इस मंदिर की संरचना इतनी भव्य है कि इसे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा मान्यता दी गई है। इसके तीन प्रवेश द्वारों में से पूर्वी प्रवेश द्वार सबसे अच्छा और सुंदर माना जाता है। यहां पर रामायण और महाभारत काल से संबंधित कई चित्र चित्रित हैं।

मूर्तिकला का अनोखा नमूना

चेन्नाकेशव मंदिर में माता सरस्वती की एक मूर्ति है। इस मूर्ति को होयसल राजवंश के वास्तुकारों द्वारा गुरुत्वाकर्षण को खास ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसे कुछ इस तरह बनाया गया है कि अगर मूर्ति के सिर पर पानी डाला जाए तो पानी नाक के नीचे बाईं ओर होता हुआ बाएं हाथ की हथेली में आकर गिरता है। इसके बाद पानी की धारा दाएं पैर के तलवे से होता हुआ बाएं पैर पर गिर जाता है, जो देखने में काफी अद्भुत लगता है। पत्थरों से बनाई गई यहां की मूर्तियां सजीव मालूम होती है।

कैसे पहुंचे चेन्नाकेशव मंदिर

चेन्नाकेशव मंदिर पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी हवाई अड्डा मैंगलोर है, जो यहां से करीब 180 किमी. की दूरी पर स्थित है। वहीं, यहां का नजदीकी रेलवे स्टेशन हसन जंक्शन है, जो यहां से करीब 25 किमी. की दूरी पर स्थित है। इसके अलावा यहां सड़क मार्ग से भी पहुंचा जा सकता है।

More News

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+