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जैसलमेर का वह भारत-पाक बोर्डर...जहां पाकिस्तान की हुई थी बुरी तरह हार

By Goldi

राजस्थान भारत का एक ऐसा राज्य है. जो पर्यटकों को सिर्फ देश से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी खींच लाता है। इसीलिए आज हम आपको बताने जा रहें है..राजस्थान के एक छोटे से शहर जैसलमेर के बारे में। जैसलमेर,'गोल्डन सिटी' राजस्थान के शाही महलों और लड़ने वाले ऊंटों के साथ एक रेतीले रेगिस्तान के आकर्षण का प्रतीक है।यह विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल महान थार रेगिस्तान के बीच में स्थित है। जैसलमेर जिले के प्रशासनिक मुख्यालय के रूप में सेवारत होने के साथ, यह पाकिस्तान, बीकानेर, बाड़मेर और जोधपुर की सीमाओं से लगा है। यह सुनहरा शहर राज्य की राजधानी जयपुर से सिर्फ 575 किमी दूर है।

जैसलमेर का इतिहास

जैसलमेर की स्थापना लगभग 840 वर्ष पूर्व भाटी राजपूत रावल जैसल ने सन् 1156 में की। जैसलमेर पूर्व में वल्ल मण्डल के नाम से जाना जाता था और इसकी राजधानी लौद्रवा थी तथा वहाँ पवार राजा राज्य करते थे। तब इस नगर का नाम भावनगर था। सदियों से अपनी परम्परा, कला और संस्कृति को संजोता आ रहा जैसलमेर आज देशी-विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केन्द्र बन गया है।

जैसलमेर कैसे पहुंचे

जैसलमेर वायु, रेल और सड़क द्वारा आसानी से पहुंच सकते हैं। जैसलमेर का सबसे निकतम एयरपोर्ट जोधपुर है..जोकि जैसलमेर से 300 किमी की दूरी पर है। यह हवाई अड्डा नियमित उड़ानें के द्वारा नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से अच्छी तरह से जुड़ा है। यह कोलकाता, चेन्नई, मुंबई और बेंगलुरु जैसे प्रमुख भारतीय गंतव्यों के लिए दैनिक उड़ानों के द्वारा जुड़ा हुआ है। प्री - पेड टैक्सियाँ जोधपुर हवाई अड्डे से जैसलमेर के लिए उपलब्ध हैं।

रेलवे

जैसलमेर रेलवे स्टेशन कई गाड़ियों द्वारा जोधपुर और अन्य प्रमुख भारतीय शहरों से जुड़ा है।

बस

जैसलमेर के लिए डीलक्स और सेमी-डीलक्स बसें भी जयपुर, अजमेर, बीकानेर, और दिल्ली से उपलब्ध हैं। जैसलमेर की मुख्य शहरों से दूरी

दिल्ली-793 किमी

जयपुर-585 किमी

जोधपुर-294 किमी

उदयपुर-522 किमी

जैसलमेर में ठहरने की जगह

राजस्थान में छुट्टियां बिताने गए हैं तो ठहरने की समस्या नहीं है। कई विकल्प उपलब्ध हैं। कई श्रेणियों के होटल आपको राज्य में मिल जाएंगे। टॉप-एंड से लेकर डीलक्स और उससे लेकर बजट होटल्स, लॉज तक आपको हर तरह की आवासीय सुविधा यहां मिलेगी। राजस्थान के होटल्स अपने अतिथि-सत्कार और सेवाओं के लिए पूरी दुनिया में पहचाने जाते हैं, जो इस राज्य में छुट्टियां मनाने का एक आधार भी बन सकता है।

जैसलमेर आने का उचित

राजस्थान की यात्रा करने का अक्टूबर मध्य से मार्च मध्य तक का वक्त सबसे अच्छा होता है। इस समय बहुत ज्यादा गर्मी नहीं होती और यात्री गर्मी से परेशान हुए बिना नजारों का लुत्फ उठा सकते हैं। देशी-विदेशी पर्यटकों की सबसे ज्यादा पसंदीदा जगहों पर भी आप गए तो कम से कम 10 दिन तो आपको इस राज्य में लग ही जाएंगे। इसमें आप सिर्फ बड़े शहरों और पर्यटन केंद्रों तक ही पहुंच सकेंगे।

आइये स्लाइड्स में देखतें है जैसलमेर में घूमने की जगह.........

अमर सागर

अमर सागर

अमरसागर महल जैसलमेर से लगभग सात किलोमीटर पश्चिम दिशा में स्थित है जो पर्यटकों के बीच खासा प्रसिद्ध है।यह 17 वीं सदी का महल राजा महारावल अखाई सिंह द्वारा अमर सिंह के सम्मान में बनवाया गया था।इस महल में मंडप है जहाँ से सीढ़ियाँ अमर सागर झील की ओर जाती हैं। पर्यटक इस पांच मंजिला इमारत की दीवारों पर आकर्षक भित्ति चित्र देख सकते हैं। इमारत के परिसर के अंदर कई तालाब, कुयें और एक शिव मंदिर हैं।

लोडुर्व

लोडुर्व

लोडुर्व जैसलमेर शहर से 15 किमी की दूरी पर स्थित है। भट्टी राजवंश ने यहाँ अपनी राजधानी की स्थापना वर्ष 1156 में किया था। एक प्राचीन जैन मंदिर इस जगह का मुख्य आकर्षण है। यह मंदिर 23वें जैन तीर्थंकर प्रभु पार्श्वनाथ को समर्पित है। हालांकि मंदिर अच्छी हालत में नहीं है, किन्तु पीले बलुआ पत्थर की संरचना और राजपुताना जाली का काम पर्यटकों का ध्यान आकर्षित करता है।

PC: wikicommon

डेजर्ट फेस्टिवल जैसलमेर

डेजर्ट फेस्टिवल जैसलमेर

डेजर्ट फेस्टिवल जैसलमेर का एक प्रसिद्ध पर्यटक आकर्षण है, जो शहर से 42 किमी दूर स्थित सैम रेत टिब्बा में, फरवरी में आयोजित होता है। पर्यटक विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, ऊंट दौड़, पगड़ी बांधने, और सबसे अच्छी मूँछ की प्रतियोगिता का आनंद ले सकते हैं। यह राजस्थान पर्यटन बोर्ड द्वारा आयोजित एक तीन दिवसीय त्योहार है।

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जैसलमेर किला

जैसलमेर किला

जैसलमेर किले को जैसलमेर की शान के रूप में माना जाता है और यह शहर के केन्द्र में स्थित है। यह 'सोनार किला' या 'स्वर्ण किले' के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि यह पीले बलुआ पत्थर का किला सूर्यास्त के समय सोने की तरह चमकता है। यह किला एक 30 फुट ऊंची दीवार से घिरा हुआ है। यह एक विशाल 99 बुर्जों वाला किला है। इस किले तक पहुंचने के लिए, आगंतुक जैसलमेर शहर से एक ऑटो रिक्शा या रिक्शा किराए पर ले सकते हैं। किला सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खुला रहता है।

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कुलधारा

कुलधारा

कुलधारा, जैसलमेर शहर से 25 किमी की दूरी पर स्थित एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक गांव है। यह एक डरावना गांव है जहाँ पर्यटकों को सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच ही जाने की अनुमति है। 200 वर्ष पुराने मिट्टी के घरों को यहाँ देखा जा सकता है। इतिहास के अनुसार, इस गांव में लगभग 500 वर्षों के लिए पालीवाल ब्राह्मण बसे थे। यहाँ के क्रूर शासकों द्वारा उन्हें इस गांव को छोड़ने पर मजबूर किया गया था। इसलिए लोगों का मानना है कि इस गांव को पालीवाल ब्राह्मण द्वारा शाप दिया गया था।

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लोंगेवाला

लोंगेवाला

लोंगेवाला जैसलमेर, राजस्थान में थार रेगिस्तान पर एक छोटा सा टाउन है। ये पाकिस्तान की बॉर्डर पर है। इस जगह का खास महत्व है, क्योंकि यहां 1971 में 4-5 दिसंबर को भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ था। इसमें पाकिस्तान ने भारत पर लगभग 3000

बस गिराए थे, लेकिन फिर भी जीत भारत की हुई थी। लोंगेवाला पोस्ट आज 'इंडो-पाक पिलर 638' के नाम से जाना जाता है। 1971 में पाकिस्तान ने भारत की लोंगेवाला चेकपोस्ट पर अटैक कर दिया था। 1997 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'बॉर्डर' की शूटिंग यहीं हुई थी और फिल्म में इसी युद्ध को दिखाया गया है।

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खाभा

खाभा

खाभा, जैसलमेर शहर से 35 किमी की दूरी पर स्थित एक छोटा सा पुरवा है। खाभा फोर्ट और भूवैज्ञानिक संग्रहालय इस गांव के मुख्य पर्यटक आकर्षण हैं। यहाँ आने वाले पर्यटक राजस्थान की ग्रामीण जीवन शैली की एक झलक देख सकते हैं। यहाँ टेंट, झोपड़ियों और शिविरों के रूप में आवास के विकल्प उपलब्ध हैं।

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सैम रेत टिब्बा

सैम रेत टिब्बा

सैम रेत टिब्बा जैसलमेर शहर से 42 किमी की दूरी पर स्थित है। सूर्यास्त का समय रेगिस्तान के सिल्हूट दृश्य का आनंद लेने के लिए यह सबसे अच्छा है। पर्यटक रेत के टीलों में शिविर के अलाव, ऊंट और जीप की सफारी का आनंद ले सकते हैं। रेगिस्तान त्योहार यहां फरवरी और मार्च के महीने में आयोजित किया जाता है उस समय यह जगह एक सांस्कृतिक केंद्र में बदल जाती है। कठपुतली शो, लोक नृत्य, ऊंट दौड़, और सांस्कृतिक शो त्योहार के मुख्य आकर्षण हैं।

PC: wikipedia

शॉपिंग

शॉपिंग

जैसलमेर में आने वाले पर्यटक यहां से राजस्थानी चूडियाँ,लकड़ी का सामान,राजस्थानी साड़ी,आदि खरीद सकते हैं। जैसलमेर के प्रसिद्ध बाजारों में है, सदर बाजार, पंसारी बाजार,सीमा ग्राम, गाँधी दर्शन आदि। यहाँ आने वाले पर्यटकों को मोलभाव में काफी पक्का होना चाहिए वरना आपको चपत लग जाये आपको खबर भी नहीं होगी।

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