Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »इस रेलवे स्टेशन पर बाबा के सजदे में सिर झुकाते हैं ड्राइवर, तब चलती है ट्रेन

इस रेलवे स्टेशन पर बाबा के सजदे में सिर झुकाते हैं ड्राइवर, तब चलती है ट्रेन

आपने अक्सर देखा होगा कि स्टेशन में प्रवेश करने से ठीक पहले ट्रेनों को कुछ देर के लिए रोक दी जाती है। ऐसा कई बार लाइन क्लीयर या प्लेटफार्म खाली नहीं होने की वजह से किया जाता है। लेकिन क्या आपने कभी किसी स्टेशन के बाहर तहज़ीब की वजह स्टेशन के बाहर ट्रेनों को रुकते हुए सुना है! वो भी कोई एक या दो नहीं बल्कि स्टेशन से होकर गुजरने वाली हर एक ट्रेन।

Charbagh station

सिर्फ इतना ही नहीं, इस स्टेशन पर लोगों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए एक खास त्योहार में जाने वाले लोगों से प्लेटफार्म टिकट भी नहीं लिया जाता है। जी हां, यह स्टेशन उत्तर प्रदेश में मौजूद है।

लखनऊ का चारबाग रेलवे स्टेशन की इमारत मुगल आर्किटेक्चर का शानदार नमूना है और जैसा कि आप जानते हैं कि गंगा-जमुनी तहज़ीब वाले इस शहर में मज़ारों पर हर धर्म के लोग मत्था टेकने जाते हैं। चारबाग रेलवे स्टेशन का प्लेटफॉर्म नंबर 1 और 2 से आगे जाने वाली पटरियों के ठीक बीच में बाबा खम्मन पीर की दरगाह है। पहले चारबाग रेलवे स्टेशन पर छोटी लाइन हुआ करती थी, तब दरगाह काफी दूरी पर थी। लेकिन जब बड़ी लाइन का स्टेशन बना, तब इस दरगाह का चमत्कार देख लोग हैरान रह गये।

Dargah outside charbagh station

बड़ी लाइन का प्लेटफॉर्म की जब प्लानिंग हुई, तब देखा गया कि बीच में दरगाह आ रही है। तो रेलवे ने प्लेटफॉर्म की लंबाई पूर्व की ओर कम करके पश्चिम की ओर बढ़ा दी। जब स्टेशन बन कर तैयार हुआ, तब पाया गया कि एक नंबर और दो नंबर से कोई भी ट्रेन जब निकलती, तो आगे जाकर खुद-ब-खुद रुक जाती और कोई न कोई तकनीकी गड़बड़ी हो जाती। तब रेलवे ने दरगाह के चारों ओर साज सज्जा की और यह नियम बना लिया कि जब-जब यहां से ट्रेन निकलेगी, तब ड्राइवर स्‍वयं दरगाह पर ट्रेन को रोक कर बाबा को सलाम करेंगे।

Charbagh station lucknow

बस तभी से यह प्रथा चली आ रही है, कि इलाहाबाद रूट की ओर जाने वाली जितनी भी ट्रेनें हैं, जो लखनऊ से बनकर चलती हैं, वो चंद मिनटों के लिए दरगाह पर रुकती हैं, फिर आगे बढ़ती हैं।

आज भी हर गुरुवार दरगाह पर मेला लगता है, दरगाह पर हर साल उर्स मनाया जाता है। मेले में आने वाले लोग प्लेटफॉर्म नंबर - 1 से होकर ही जाते हैं, लेकिन फिर भी रेलवे उन्हें प्‍लेटफार्म टिकट लेने को बाध्‍य नहीं करता। अपने से ज्यादा दूसरों के बारे में सोचने की यहीं खासियत हमारे देश को भीड़ में सबसे अलग खड़ा करती है। है ना...!

More News

Read more about: uttar pradesh lucknow
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+