नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है। बस कुछ दिनों का और इंतजार और देश के लगभग हर शहर में षष्ठी-सप्तमी से मां दुर्गा के भव्य पंडालों के पट खोल दिये जाएंगे। लेकिन दूसरे शहरों के मुकाबले कोलकाता में दुर्गा पूजा की शुरुआत एकम् या प्रथमा से ही हो चुकी है। डिज्नीलैंड के तर्ज पर बने भव्य दु्र्गा पूजा पंडाल को देखने के लिए लोग 3 घंटों का लाइन लगाना भी शुरू कर चुके हैं।

यूं तो कोलकाता में भी मूल से दुर्गा पूजा की शुरुआत षष्टी से ही होती है लेकिन घुमने के शौकिनों को इंतजार करना कहां पसंद है। इसलिए दुर्गा पूजा आयोजक भी नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही पूजा पंडालों में उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पूरी तरह से तैयार रहते हैं। वहीं दूसरी तरफ कोलकाता में बनने वाले लगभग हर दुर्गा पूजा पंडाल और वहां स्थापित मां दुर्गा की पहली झलक भी अब सामने आ चुकी है।
Native Planet साल 2023 में कोलकाता की दुर्गा पूजा के चुनिंदा और बेस्ट पंडालों से मां दुर्गा की प्रतिमाओं की पहली झलक Exclusive आपके लिए लेकर आया है।
1. चलता बागान सार्वजनिन

थीम : स्पर्श
सिर्फ हाथों से ही नहीं कई बार शब्दों से भी छुआ जा सकता है। शब्दों से ही बनती है धुन और धुन निकलता है विभिन्न वाद्ययंत्रों से। इसलिए इस पूजा पंडाल को विभिन्न प्रकार के वाद्ययंत्रों से सजाया गया है।
2. लेकटाउन श्रीभूमि

थीम : डिज्नीलैंड
पेरिस का डिज्नीलैंड घुमना और देखना कई लोगों के लिए संभव नहीं है। ऐसे लोगों के लिए डिज्नीलैंड को अनुभव करने का गोल्डन मौका श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब दे रही है।
3. श्यामबाजार पल्ली संघ

थीम : सरोगेसी
आजकल के व्यस्त जीवन में बांझपन एक सामान्य समस्या बन गयी है। ऐसे ही दंपत्तियों के लिए सरोगेसी एक वैज्ञानिक वरदान बनकर आया है।
4. एटलांटा क्लब, टॉलीगंज

थीम : दिशारी
कैच लाइन : युद्ध नहीं, बुद्ध चाहिए
अफगानिस्तान के शहर बामयान में तालिबानियों द्वारा नष्ट किये गये गौतम बुद्ध की विशाल प्रतिमा का प्रतिरूप यहां तैयार किया गया है। इसकी ऊंचाई करीब 80 फुट है।
5. हरिदेवपुर आदर्श समिति

थीम : जय हे!
इस दुर्गा पूजा पंडाल में कश्मीर से कन्याकुमारी तक मिनी भारतवर्ष को बनाने का प्रयास किया गया है। यहां मां दुर्गा अस्त्रहीन हैं। वह यहां मातृस्वरूपा हैं।
6. हरिदेवपुर अजेय संहति

थीम : इच्छेडाना
शहरों से गायब हो रहे पक्षियों के साथ-साथ आम व्यक्ति भी आसमान में पंख फैलाने की इच्छा खत्म होती जा रही है। इस पंडाल में प्रवेश करने के साथ ही आपको ऐसे-ऐसे पक्षियों की चहचहाहट सुनने को मिलेगी, जो अब कोलकाता शहर के अंदर दिखाई भी नहीं देते हैं।
7. बेहला फ्रेंड्स क्लब

थीम : मार्गदर्शन
जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को मार्गदर्शन की जरूरत पड़ती है, वर्ना वह अपने रास्ते से भटक जाता है।
8. बेलियाघाटा सन्धानी क्लब

थीम : आमी के? (मैं कौन?)
हम भगवान या देवी मां को अपनी मां के रूप में तो देखते हैं लेकिन क्या हमें वास्तव में पता है कि देवी हैं कौन? क्या हमें पता है कि एक इंसान वास्तव में कौन है?
9. टाला प्रत्यय

थीम : कहन - द नैरेशन
महालया (14 अक्टूबर) के दिन देवी दुर्गा की प्रतिमा में चक्षुदान करता शिल्पकार।
10. कुम्हारटोली सार्वजनीन दुर्गा पूजा समिति

थीम : सुबल पाल
हस्तशिल्पकारों के साथ यंत्र कलाकारों की लड़ाई। पूरे पंडाल में करीब 24 जोड़ी हाथ हैं, जो काइनैटिक हैं यानी जो अपने स्थान पर हिलती-डुलती है।
11. चेतला अग्रणी

थीम : जे जेखाने दांड़िये (जो जहां खड़ा है)
मां दुर्गा यहां अस्त्र-शस्त्र से तो सज्जित हैं, लेकिन वह महिषासुर से यहां युद्ध नहीं बल्कि शांति स्वरूपा दिखाई दे रही हैं।
12. नाकतल्ला उदयन संघ

थीम : हृदयपुर
एक ऐसा काल्पनिक शहर जहां, हर कोई शांति के साथ रहता है।
13. सॉल्टलेक सी ई ब्लॉक मैदान

थीम : सेव द सुन्दरवन
सुन्दरवन की खुबसूरती को निहारने के लिए पर्यटक तो हमेशा वहां जाते रहते हैं लेकिन दुनिया के इस विशाल मैनग्रोव जंगल को बचाने, यहां के वन्य प्राणियों को बचाने और वन्य प्राणियों के हमले से स्थानीय लोगों को बचाने के बारे में कितने ही लोग सोचते होंगे। इसलिए जागरुकता जगाने की जरूरत है।
14. नलीन सरकार स्ट्रीट सार्वजनिन

थीम : संभावना
हम वर्तमान में चाहे जैसे जितना भी परेशान हो, लेकिन हमेशा कुछ अच्छा होने की संभावना और उम्मीद पर ही जीते हैं। खासतौर पर देवी मां से हम हमेशा कुछ अच्छा ही मांगते हैं।
15. न्यूटाउन क्लॉक टावर सार्वजनिन

थीम : राजस्थानी थीम पर मां दुर्गा और पंडाल की भव्य सजावट
यहां दूसरे साल इस स्थान पर दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है। पूजा पंडाल को चारों तरफ से खुला रखा गया है ताकि किसी भी तरफ से आने वाले दर्शकों को देवी दुर्गा की शानदार प्रतिमा के दर्शन हो सकें। लाइन लगाकर अंदर प्रवेश करने की जरूरत ना हो। हालांकि श्रद्धालु अगर पंडाल में प्रवेश नहीं करते हैं तो उन्हें राजस्थानी हवेली की सजावट का आनंद नहीं उठा सकेंगे।



Click it and Unblock the Notifications













