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अद्भुत : यहां मंदिर में अंडे फेंकने से पूरी होती है भक्तों की मनोकामनाएं

भारत सांस्कृतिक और आध्यात्मिक तौर पर एक उन्नत देश माना जाता है, जो विश्व स्तर पर अपनी एक अलग पहचान बनाने में सफल हो पाया है। यहां असंख्य देवी-देवताओं और उनसे जुड़े धार्मिक स्थलों की कमी नहीं है। खासकर भारत का हिन्दू समाज अपनी धार्मिक व परंपरागत रीति रिवाजों का पालन करने में ज्यादा सक्रिय है। यहां गरीब हो या अमीर, समाज का बड़ा तबका हो या निचला धार्मिक कर्मकांड से ये काफी गहराई से जुड़े हुए हैं।

इसके अलावा भारत में देवी-देवताओं के साथ कई मान्यताएं भी जुड़ी होती है जिसका पालन समाज के हर वर्ग द्वारा अनिवार्य रूप से किया जाता है। अगर आप गहराई से इन मान्यताओं और परंपराओं को देखेंगे तो आपको कुछ विचित्र मान्यताओं से भी सामना होगा। आज ऐसे ही एक मंदिर के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं जहां भक्तों द्वारा मंदिर में अंडे फेंकने की मान्यता है, जानिए ऐसा क्यों और कैसे किया जाता है।

 फिरोजाबाद का बिलौना गांव

फिरोजाबाद का बिलौना गांव

यह अद्भुत मंदिरउत्तर प्रदेशके जिरोजाबाद शहर में है, जहां भक्तों द्वारा अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए दीवार पर अंडे मारे जाते हैं। सुन कर अजीब जरूर लग रहा होगा लेकिन यह हकीकत है। धार्मिक मान्यता के अनुसार हर साल बैशाख माह यानी अप्रैल के महीने यहां एक भव्य मेले का आयोजन किया जाता है।

इस मेले के दौरान भक्त अपने पूजा के थाल के साथ अंडे भी लेकर आते हैं और मंदिर के अंदर दीवार और मंदिर के देवता जो कोई बाबा बताए जाते हैं उनपर फेंकते हैं। यह मंदिर बाबा नगर सेन का बताया जाता है। यहां मन्नत मांगने और पूरी होने पर अंडा फेंकने की परंपरा है।

3 दिन तक चलता है मेला

3 दिन तक चलता है मेला

वैशाखी के दिन आयोजित होने वाला यह मेला तीन दिन तक चलता है। इन तीन दिनों में भारत के आसपास वे दूर-दूर से भी श्रद्धालु यहां तक का सफर तय करते हैं। यहां आने वाला हर भक्त कोई न कोई मनोकामनाएं लेकर पहुंचता है। अब आप सोच सकते हैं कि इन तीन दिनों में कितने अंडे इस मंदिर में फेंके जाते हैं होंगे। सैकड़ों की तादाद में भक्तों का प्रवेश और उनके द्वारा अंडे फेंकने की परंपरा वाकई दिमाग पर कुठाराघात करती है।

भक्त यहां मन्नत मांगते वक्त अंडा फेंकते हैं और जब उसकी मुराद पूरी हो जाती है वो फिर इस मंदिर में हाजरी लगाते हैं और इस बार भी इन्हे अंडे दीवार पर फेंकने होते हैं।

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आस्था ने नाम पर धांधली

आस्था ने नाम पर धांधली

इस आस्था का एक चौकाने वाला पहलू भी है, अंडे चढ़ाने की इस प्रक्रिया में यहां के व्यापारियों को बड़ा लाभ होता है। अगर आप बाजार में अंडा खरीदने के लिए जाएं तो अंडा आपको अपनी सामान्य कीमत 5 रूपए में मिलेगा, लेकिन मंदिर के आसपास अगर आप अंडे खरीदेंगे तो ये दुकाने वाले अपनी मर्जी से कीमल वसूलते हैं। मेले के दौरान या सामान्य दिनों में आपको एक अंडा 20 रूपए से ज्यादा कीमत का मिलेगा। और यहां आने वाला हर एक श्रद्धालु कम से कम दो अंडे तो खदीदता ही है।

अब आप सोच सकते हैं कि आस्था के नाम यहां किसी प्रकार की धांधली होती है। खासकर मेले के दौरान यहां के अंडे व्यापारियों की चांदी कटती हैं। और इसलिए यहां अंडे आपको ज्यादातर दुकानों पर मिल जाएंगे।

अजीबोगरीब धारणाएं

अजीबोगरीब धारणाएं

अंडे फेंकने की इस मान्यता से कई अजीबोगरीब धारणाएं भी जुड़ी हैं, भक्तों का मानना है कि यहां अंडा चढ़ाकर मांगी गई मन्नत अवश्य पूरी होती है। उनका कहना है कि जिनके बच्चे बीमार होते हैं वे अगर यहां आकर मंदिर में अंडा फेंके तो बीमार बच्चे जल्द ठीक हो जाते हैं।

इसलिए इस मंदिर में दूर-दूर से लोग आते हैं। इन सब धारणाओं के कारण मंदिर की लोकप्रियता बढ़ने पर है। खास मौकों पर आप यहां भक्तों का अच्छा-खास जमावड़ा देख सकते हैं। भक्त यहां अपनी अलग-अलग इच्छाओं को लेकर आते हैं।

अंडे के साथ नारियल - कैसे पहुंचे फिरोजाबाद

अंडे के साथ नारियल - कैसे पहुंचे फिरोजाबाद

ऐसा नहीं है कि यहां सिर्फ अंडा ही फेंका जाता है, भक्त यहां अंडे के साथ-साथ नारियल, लड्डू भी चढ़ाते हैं। जानकारों का मानना है कि यह परंपरा बरसों से चली आ रही है। यहां के बाबा नगर सेन के साथ-साथ बाबा सैयद पर भी अंडा फेंका जाता है। हालांकि अंडे फेंकने की परंपरा कहां से शुरू हुई और किसने यह शुरू की इसके विषय में सटीक कुछ जानकारी हासिल नहीं होती है।

लेकिन आधुनिक युग में भी इन सब प्रथाओं को देख यह जरूर कहा जा सकता है कि भारत में अंधविश्वास की पकड़ आज भी बहुत मजबूत है। अगर आप इस मंदिर के दर्शन करना चाहते हैं तो उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद शहर के बिलौना गांव जरूर आएं। लखनऊ और दिल्ले के रास्ते आप यहां तक पहुंच सकते हैं। हवाई अड्डे और रेलवे की सुविधा आपको इन दो बड़े शहरों से अवश्य मिल जाएगी। आप चाहें तो बस से भी यहां तक का सफर तय कर सकते हैं।

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