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खूबसूरत प्राचीन झील से सजा है पुलीकट शहर

Posted By: Namrata Shatsri

दक्षिण भारत स्थित चेन्नई लंबे समय से अपनी प्राकृतिक सौंदर्यता के लिए जाना जाता रहा है। यहां मौजद झीलें, एक कतार से खड़ी पहाड़ियां, देश-विदेश से आने वाले सैलानियों के लिए किसी सौगात से कम नहीं। दक्षिण भारत के इस खूबसूरत कोने में प्राकृतिक संपदाओं से लेकर मानव निर्मित कई शानदार स्‍थल हैं, और इन्‍हीं में से एक है 'पुलीकट', जो कि चेन्नई से वीकेंड पर घूमने के लिए एक बेहतरीन विकल्प के तौर पर उभरा है। पुलीकट झील के आसपास का वातावरण बेहद शांत है और प्राचीन इमारतों के बीच इस झील का नज़ारा बेहद मनोरम है।

दक्षिण भारत के कोरोमंडल तट पर स्थित पुलीकट एक महत्‍वपूर्ण व्यापारिक केंद्र रह चुका है। पुराने समय में यह पुर्तगाली और डच का मुख्‍यालय हुआ करता था। हालांकि, आज ये समुद्र तट, पर्यटकों के बीच पुलीकट झील और पुलीकट पक्षी अभयारण्य के लिए बहुत मशहूर है।

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हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक इस झील के शानदार नज़ारों और अभ्‍यारण्‍य में प्रवासी पक्षियों की चहचहाहट को सुनने आते हैं। इसके अलावा हर साल पर्यटक यहां के प्राचीन मंदिर और ऐतिहासिक स्थल भी देखने आते हैं। अगर आप इतिहास और प्राकृतिक सौंदर्य का बेजोड़ मेल देखना चाहते हैं तो इस तटीय शहर का भ्रमण जरूर करें।

पुलीकट आने का सही समय

पुलीकट आने का सही समय

पुलीकट आने का सबसे सही समय नवंबर से मार्च तक है, इस दौरान यहां का तापमान और मौसम बड़ा सुहावना रहता है। इस बीच कई प्रजातियों के पक्षी भी यहां प्रवास करते हैं। गर्मी के मौसम में यहां बिलकुल ना आएं क्‍योंकि इस दौरान यहां भीषण गर्मी पड़ती है, और ऐसे में आप घूम भी नहीं पाएंगे।PC:Manvendra Bhangui

कैसे पहुंचे पुलीकट

कैसे पहुंचे पुलीकट

चेन्‍नई से 56 किमी की दूरी पर स्थित पुलीकट सड़क मार्ग के द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है। हालांकि, चेन्‍नई से पोन्‍नेरी के लिए लोकल ट्रेन भी चलती हैं, और इसके बाद आपको पुलीकट के लिए बस लेनी पड़ेगी। आपको पुलीकट सड़क मार्ग से जाना चाहिए क्‍योंकि ये रेल मार्ग की तुलना में कम समय और सुविधाजनक है। सड़क मार्ग से जाने के लिए आपको चेन्‍नई से सरकारी या प्राइवेट बस या टैक्‍सी किराए पर लेनी पड़ेगी। इस सफर में पुलीकट तक पहुंचने में आपको लगभग 2 घंटे का समय लगेगा। पेरिआमेत, एवरेस्‍ट और वेपेरी ऐसे कुछ बस स्‍टॉप हैं जहां से आपको आसानी से बस मिल जाएगी।

रूट 1 : चेन्‍नई - वल्‍लूर - कट्टूर - पुलीकट

रूट 2 : चेन्‍नई, विजयनल्‍लुर - पोन्‍नेरी - पुलीकट

दूसरे रूट की तुलना में पहले रूट में कम समय लगेगा इसलिए आपको पहले रूट से जाना चाहिए।

Pc: Manvendra Bhangui

चेन्‍नई से पुलीकट की यात्रा

चेन्‍नई से पुलीकट की यात्रा

अगर आप पुलीकट के सुहावने मौसम का मज़ा लेना चाहते हैं तो सुबह की सैर का प्लान बनाएं। सुबह ठंडी हवाओं के बीच सूरज की किरणों से छिटकती गुनगुनी धूप का आनंद अपने आप में सुहावना एहसास है। अगर आप चाहें तो पुलीकट के रास्‍ते में छोटे पहाड़ों के आसपास खूबसूरत नज़ारों का भी आनंद उठा सकते हैं। अगर आप रातभर रूक कर आसपास की सभी जगहों का लुफ्त उठाना चाहते हैं, तो आपको यहां स्थित प्राचीन मंदिर और इमारतों को देखने का मौका मिल जाएगा। इन्‍हें देखकर आपको इस समुद्र तटीय शहर के इतिहास के बारे में जानने का मौका मिलेगा। अगर आप चाहें तो यहां स्थित झील और अभयारण्य की भी सैर कर सकते हैं। पुलीकट के रास्‍ते में आप वल्‍लू और कट्टूर रूक कर स्थानीय व्यंजनों का मज़ा भी ले सकते हैं।

पुलीकट के दर्शनीय स्‍थल

पुलीकट के दर्शनीय स्‍थल

इस छोटे से ऐतिहासिक शहर में अनेक दर्शनीय स्‍थल हैं। इसके प्रमुख पर्यटन स्‍थलों में पुलीकट झील, पुलीकट अभ्‍यारण्‍य, आधी नारायण पेरुमल मंदिर आदि शामिल हैं।Pc:McKay Savage

पुलीकट झील

पुलीकट झील

पुलीकट झील खारे पानी की दूसरी सबसे बड़ी झील है और ये पर्यटकों के बीच बहुत लोकप्रिय भी है। यहां आकर पर्यटकों और शांति और सुकून का अहसास होता है। बहते पानी की आवाज़ भी मन को अच्‍छी लगती है। पुलीकट झील में जैव विविधता की प्रचुरता है और यहां पर वनस्‍पति और जीवों की कई प्रजातियां पाई जाती हैं और कई मछुआरों के लिए ये झील आय का प्रमुख स्रोत भी है। बंगाल की खाड़ी से इस झील को श्रीहरिकोटा अलग कर देता है और ये खूबसूरत झील हज़ारों एकड़ के क्षेत्रफल में फैली है और आप यहां पर कई प्रवासी पक्षियों को देख सकते हैं।Pc:రహ్మానుద్దీన్

पुलिकट पक्षी अभयारण्य

पुलिकट पक्षी अभयारण्य

पुलिकट में अन्‍य महत्‍वपूर्ण स्‍थल हैं, पुलीकट पक्षी अभयारण्य जहां पर आप एक साथ पक्षियों की कई प्रवासी प्रजातियों को देख सकते हैं। इस खूबसूरत जगह पर रंग-बिरंगे पक्षियों को देखना अद्भुत अनुभव रहता है। यहां पाई जाने वाली प्रमुख प्रजातियों में फ्लैमिंगों, पेलिकन और पेंटेड स्‍टोर्क आदि है। अगर आपको पक्षियों को चहचहाते हुए देखना पसंद है और आप अलग-अलग प्रजातियों के पक्षी देखना चाहते हैं तो आपको यहां जरूर आना चाहिए।Pc:McKay Savage

डच कब्रिस्‍तान

डच कब्रिस्‍तान

अगर आप इस समुद्र तटीय शहर के इतिहास को जानना चाहते हैं तो डच कब्रिस्‍तान जरूर आएं। सन् 1622 में बनी इस जगह को पुरातात्विक स्थल बनाया गया है, और अब इसे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा व्‍यवस्थित रखा जाता है। पुलीकट मार्केट के पीछे ही ये कब्रिस्‍तान बना है। इस खंडहर के नीचे पुलीकट शहर का इतिहास दफन है। इसके अलावा आप यहां सदियों पुराने खंडहर हो चुके मंदिर और डच बिल्डिंगें जैसे लाइटहाउस भी देख सकते हैं।PC- McKay Savage

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