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ये हैं यूपी की शान, देखना ना भूलियेगा

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उत्तर प्रदेश सिर्फ राजनीति के कारण ही नहीं बल्कि अपने कई विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के चलते भी खासा लोकप्रिय है। आगरा का ताजमहल, वराणसी के गंगा घाट, लखनऊ का इमामबाड़ा, इलाहाबाद का संगम आदि हमेशा ही देशी विदेशी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।

उत्तर प्रदेश में कई ऐतिहासिक इमारते हैं, जिनका निर्माण कई सदियों पहले कराया गया, लेकिन आज भी इन इमारतों की वास्तुकला, साज सुन्दरता लोगों को आश्चर्यचकित करती हैं। इस राज्य में कई ऐसी जगहें हैं, जिन्हें अक्सर पर्यटक देखने के बाद भी अनदेखा कर देते हैं, जिनमे शामिल है, उत्तर प्रदेश के कई बुलंद दरवाजे,जैसे लखनऊ की शान रूमी दरवाजा, फतेहपुर सिकरी की शान बुलंद दरवाजा आदि। तो अपनी अगली उत्तर प्रदेश की ट्रिप पर यहां के खास दरवाजों की सैर अवश्य करें-

रूमी दरवाजा

रूमी दरवाजा

पुराने लखनऊ में इमामबाड़े से थोड़ी ही दूरी पर स्थित रूमी दरवाजा लखनऊ की शान के रूप में स्थित है, जिसका निर्माण वाब आसफउद्दौला ने यह दरवाजा 1783 ई. में अकाल के दौरान बनवाया था ताकि लोगों को रोजगार मिल सके। अवध वास्तुकला के प्रतीक इस दरवाजे को तुर्किश गेटवे कहा जाता है। मजे की बात यह है कि इसका नाम इटली के रोम शहर पर रूमी पड़ा था जबकि इसकी वास्तुकला पूरी तरह से तुर्की स्टाइल से प्रभावित है।Pc:Faizhaider

बुलंद दरवाजा

बुलंद दरवाजा

बुलंद दरवाजे का निर्माण 17वीं सदी के आरंभ में सम्राट अकबर की गुजरात पर जीत के स्मारक के रूप में बनवाया गया था। यह विशाल पत्थर की संरचना पारंपरिक पारसी-मुगल डिज़ाइनों से प्रभावित है। 1601 में गुजरात पर अकबर की जीत को बुलंद दरवाज़े पर उकेरा गया है। बुलंद दरवाज़ा लाल बलुआ पत्थर से निर्मित है जिसके अंदरूनी हिस्सों में सफेद और काले संगमरमर की नक्काशी है। सममित योजना और मुंडेर शैली में बनी इस संरचना के ऊपर खंभे और छतरियाँ बनी हैं।
Pc: Souvikpriyamadhya

गुलाब बाड़ी

गुलाब बाड़ी

गुलाब बाड़ी का मतलब है गुलाब का बगीचा। यह विशाल बगीचा शुजाउद्दौला और उनके परिवार की कब्रों को घेरे पूरे क्षेत्र में फैला है। इस बगीचे को सन् 1775 में स्थापित किया गया था और इसमें कई प्रजातियों के गुलाब पाये जाते हैं। गुलाब बाड़ी एक ऐतिहासिक इमारत है, जिसे अवश्य देखना चाहिए।गुलाब बाड़ी परिसर में नवाब शुजा-उद-दौला की कब्र है और फैजाबाद के ऐतिहासिक शहर में स्थित है।
Pc: Amsinwala

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दरवाजा ई रौजा

दरवाजा ई रौजा

अच्छा क्या अपने ताजमहल देखा है? अगर देखा है तो क्या आपने कभी ताजमहल के विशाल गेट पर गौर किया? यकीनन नहीं किया होगा, तो अगर अगली बार ताजमहल की ट्रिप की प्लानिंग हो तो इस खूबसूरत गेट को देखना कतई ना भूले।

17 वीं शताब्दी के दौरान मुगल वास्तुकला में निर्मित, ताजमहल का मुख्य द्वार दरवाजा-ए-रज्जा या ग्रेट गेट के रूप में जाना जाता है। ज्यामितीय डिजाइनों और खूबसूरत आर्चवे के साथ, ग्रेट गेट भारत के विचित्र और बड़े गेटों में से एक है और संगमरमर का बना है।

अकबर का मकबरा

अकबर का मकबरा

यकीनन आपने कई बार अकबर का मकबरा देखा होगा, लेकिन क्या कभी कभी आपने ढंग से इस जगह का दौरा किया है।अकबर के मकबरे के गेटवे का निर्माण 17 वीं शताब्दी में हुआ था, जोकि अज भारत के खूबसूरत विशाल गेटों में से एक है, जोकि चारों कोने संगमरमर मीनार से सुसज्जित है।

ताजमहल की सुंदरता जैसा दिखने वाला वास्तुशिल्प निर्माण के कारण यह निश्चित रूप से घूमने के लिए एक परफेक्ट जगह है। कई डिजाइनों और सुंदर पैटर्नों से पूर्ण, अकबर के मकबरे का प्रवेश द्वार उत्तर प्रदेश के सबसे सुंदर फाटकों में से एक है। इसलिए, आपको इस मौसम में अकबर के मकबरे और उसके भव्य द्वार की सैर अवश्य करनी चाहिए।Pc:wikimedia

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