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बेहद वैभवशाली है झारखंड के मंदिर, कैप्टन कूल भी नवाते हैं अपना शीश

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भारत मन्दिरों का देश है, जिन्हें देखने और घूमने हर साल लाखों की तादाद में भक्त और श्रद्धालु पहुंचते हैं। भारत में कई ऐसे मंदिर है, जो सिर्फ श्रधालुयों के बीच मंदिर के रूप में प्रसिद्ध नहीं है बल्कि अपने शांतिपूर्ण माहौल वातावरण प्रदान करने के साथ साथ, उस जगह के इतिहास आदि से भी रूबरू कराते हैं।

झारखंड के भारत के उन राज्यों मे से है, जो सैकड़ों प्राकृतिक और ऐतिहासिक चमत्कारों का घर होने के बावजूद आज भी पर्यटकों की बाट जोह रहा है। तो क्यों ना इन छुट्टियों में झारखंड के इतिहास और वहां के प्राचीन मन्दिरों कि खूबसूरती को जाना और समझा जाये?

तो आइये जानते हैं, झारखण्ड के सदियों पुराने मन्दिरों से लेकर नवनिर्मित मन्दिरों के बारे में, जिन्हें आपको बतौर यात्री बिल्कुल भी मिस नहीं करना चाहिए

मालुती मंदिर

मालुती मंदिर

Pc: Moongo.in
झारखंड की यात्रा के दौरान दुमका जिले में स्थित मालुती मंदिर आपको अवश्य देखना चाहिए। झारखंड के इस खास मंदिर की यात्रा के बाद आप इस राज्य के इतिहास के बारे में काफी कुछ सीख सकते हैं। ये मालुती टेराकोटा मंदिर आकार में भले ही छोटे हैं पर इनकी कलात्मकता देखते ही बनती है। हर मंदिर में हिन्दू धर्म की पौराणिक कथाओं जैसे रामायण और महाभारत को खोद कर दर्शाया गया है। यहाँ की मुख्य देवी मौलाक्षी के मंदिर के अलावा, यहाँ अन्य मंदिर भी स्थापित हैं जो भगवान शिव जी, विष्णु जी, माँ दुर्गा, माँ काली और कई अन्य देवी देवताओं को समर्पित हैं।

दुर्भाग्य की बात है कि आज ये मंदिर खतरे में पड़े विरासत स्थलों की सूचि में शामिल हैं। आज इनकी मरम्मत और देखभाल ठीक से न होने की वजह से 108 मंदिरों में से 36 मंदिर ध्वस्त हो चुके हैं। हालाँकि 72 मंदिर अभी भी मौजूद हैं पर इनमें से कई बुरी हालत और जीर्ण-शीर्ण अवस्था में मौजूद हैं। वास्तुकला के ऐसे शानदार नमूनों को देखना और इनकी सुंदरता को कैद करना अपने में ही एक उत्साहिक कार्य है। ऐसी आकर्षक और ऐतिहासिक जगह की सैर करना तो एक बार ज़रूरी ही है।

हरिहर धाम

हरिहर धाम

Pc:Vsvinaykumar2
झारखंड के गिरीडीह जिले में स्थित हरिहर धाम पर्यटकों और हिंदू भक्तों के बीच विशाल शिवलिंग के लिए प्रसिद्ध है, इस मंदिर में संसार का सबसे बड़ा शिवलिंग स्थापित है जिसकी ऊँचाई 65 फीट है। 25 एकड़ में फैला हुआ यह मंदिर नदी से घिरा हुआ है। इस बड़े शिवलिंग को पूरा करने में तीस साल लगे थे। पूरे देश से भक्त गण, श्रावण मास की पूर्णिमा को इस मंदिर में आते हैं इसके अलावा पर्यटक, साल भर यहाँ आते रहते हैं। यहां मनाए जाने वाले प्रमुख त्यौहारों में महा शिवरात्रि शामिल हैं।

 बैद्यनाथ मंदिर

बैद्यनाथ मंदिर

Pc:Ravishekharojha
भारत में बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक ज्योतिर्लिंगों झारखंड के देवघर में स्थापित है, जोकि पर्यटकों के बीच बैद्यनाथ मंदिर के नाम से जानी जाती है। इस तीर्थस्थल के परिसर में कुल 21 मंदिरें हैं, जिनमें से मुख्य मंदिर वैद्यनाथ को समर्पित है। हिंदू मास श्रावण के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। तो क्यों ना इन छुट्टियों इस खास धार्मिक स्थल की जाए और अपने पापों से मुक्ति पायी जाये।

जगन्नाथ मंदिर

जगन्नाथ मंदिर

Pc:Ms Sarah Welch

झारखंड की राजधानी रांची में स्थित जगन्नाथ मंदिर हिंदुयों के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जिसका निर्माण करीबन 17 शताब्दी में हुआ था। एक उंची छोटी सी पहाड़ी पर स्थित जग्गनाथ मंदिर से आसपास की खूबसूरती को अच्छे से निहारा जा सकता है, जो मंदिर की शांति और मजबूती को बनाए रखने में मदद करती है।

भगवान विष्णु के रूप में भगवान जगन्नाथ को समर्पित, मंदिर की स्थापत्य शैली ओडिशा राज्य के पुरी जगन्नाथ मंदिर जैसी है। यदि आप इस स्थान के समृद्ध इतिहास की खोज करना और अपने गौरवशाली अतीत के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं, तो इस मंदिर को अवश्य देखें।

दिउड़ी मंदिर

दिउड़ी मंदिर

Pc:TribhuwanKumar
झारखंड के रांची जिले में तामार में स्थित, दिउड़ी मंदिर क्षेत्र के सबसे पुराने मंदिरों में से एक है और देवी दुर्गा को समर्पित है। इस मंदिर में देवी दुर्गा की मूर्ति के अलावा भगवान शिव की मूर्ति भी स्थापित है। 2 एकड़ में फैले इस मंदिर की एक और खास बात यह है कि, जहां आदिवासी पुजारी पहन के रूप में जाने जाते हैं, और ब्राहमण पुजारी के साथ देवी की पूजा करते हैं। आपको बता दें, इस मंदिर कैप्टन धोनी में अपना मत्था टेकने पहुंचते हैं।

किंवदंतियों के अनुसार, ऐसा माना जाता है कि जो भी मंदिर के वास्तुकला को बदलने की कोशिश करता है, वह निश्चित रूप से देवताओं और देवी द्वारा दंडित किया जाएगा। तो क्यों ना इस बार मां दिउड़ी मंदिर का दौरा करने और इसकी किंवदंतियों और संरचनात्मक गठनके बारे में में जाना जाये।

बिंदुधाम

बिंदुधाम


बिंदुधाम झारखंड का प्रसिद्ध मंदिर है, जोकि देवी दुर्गा, देवी लक्ष्मी और देवी सरस्वती,को समर्पित मंदिर है, मंदिर के उपरी छोर पर हनुमान की बड़ी मूर्ति स्थापित है। मंदिर के प्रमुख द्वार पर, सूर्य देव की प्रतिमा स्थापित है। नवरात्र के अवसर पर इस मंदिर में पर्यटकों की अच्छी खासी भीड़ को देखा जा सकता है। यह झारखंड के एक प्राचीन मंदिर है, जिसे आपको अपनी यात्रा के दौरान बिल्कुल भी मिस नहीं करना चाहिये।

श्री श्री कलिका महारानी मंदिर

श्री श्री कलिका महारानी मंदिर

Pc: ashiyan Estate Developers
झारखण्ड के बोकारो में में स्थित और देवी काली को समर्पित, श्री श्री कालिका महाराणी मंदिर राज्य के सुंदर डिजाइन किए गए मंदिरों में से एक है। यह झारखंड का नवनिर्मित मंदिर है, जहां त्यौहार और पर्व के दौरान पर्यटकों का तांता लगा रहता है। बोकारो की यात्रा के दौरान इस मंदिर को अवश्य निहारे, इस मंदिर की वास्तुकला सभी को अपनी ओर आकर्षित करती है।

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