आज अपने इस आर्टिकल में हम आपको अवगत कराएंगे दक्षिण भारत के एक ऐसे गांव से जो उनके लिए हैं जिन्हें प्रकृति की कद्र है और उससे प्रेम करते हैं। जी हां आज अपने इस लेख में हम बात कर रहे हैं बिंदूर की। उडपी जिले के कुंदापुर तालुक में स्थित बिंदूर एक छोटा सा गाँव है जो अपने खूबसूरत बीचों और मंत्र मुग्ध कर देने वाले सूर्यास्त के लिए प्रकृति प्रेमियों के बीच हमेशा ही आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा है। धर्म की दृष्टि से भी आज बिंदूर का शुमार दक्षिण भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों में होता है। बिंदूर बीच पर स्थित और भगवान शिव को समर्पित सोमेश्वर मंदिर पर यहां के स्थानीय लोगों की विशेष आस्था है। इस मंदिर में स्थापित लिंग और सुन्दर मूर्तियाँ अपनी सुन्दरता से आपको मंत्र मुग्ध कर देंगी।

ये गाँव जितना खूबसूरत है उससे कहीं ज्यादा दिलचस्प इसके नामकरण की कहानी है पौराणिक कथा के अनुसार बिंदूर गाँव का नाम संत बिंदु के नाम पर रखा गया है। कहा जाता है कि उन्होंने ओटिनिनी नामक पहाड़ी पर निरंतर और कठिन तपस्या की, जिसके कारण इस गाँव का नाम बिद्नुर रख दिया गया। इस पहाड़ी की चोटी से आप पूरे समुद्र, समुंद्री तट और सूर्यास्त को देख सकते हैं। आइये जानें क्या क्या है बिंदूर के आस पास
बिंदूर बीच
बिंदूर तट, बिंदूर का प्रमुख आकर्षण का केंद्र है। यह मरवंती तट से 45 कि.मी की दूरी पर है। बिंदूर से सूर्यास्त बहुत सुंदर दिखता है। कहा जाता है कि बिंदूर के निकट ओटिनिनी नामक पहाड़ी पर संत बिंदु ने घोर तपस्या की, जिसके कारण इस गाँव का नामबिंदूर रख दिया गया।इस तट पर बसी शांति पर्यटकों को आपनी तरफ खिंच लाती है।
बेलक तीर्थ झरना
बेलक तीर्थ झरना ओटिनिनी से थोडा दूर है। यह स्थान प्रसिद्ध है अपनी झूलती हुई चट्टाने और सुन्दर सूर्यास्त के लिए।
क्षितिजा निस्र धाम
क्षितिजा निस्र धाम उडपी से 29 कि.मी दूर ओटिनिनी में है। यह स्थान अपनी प्राकृतिक सौन्दर्यता के लिए प्रसिद्ध है। यह एक छोटी सी पहाड़ी पर स्थित है जहाँ से आप पूरा अरब सागर देख सकते हैं। यहाँ पर पाये जाने वाले लम्बे लम्बे नारियल के पेड़ों को देकने से ऐसा लगता है जैसे वे अपने हाथों से आकाश को छूने की कोशिश कर रहे हैं।
सनेश्वर मंदिर
बिंदूर का सनेश्वर मंदिर बहुत प्राचीन है। मंदिर में दर्शन के लिए पूरे साल भक्तों की भीड़ लगी रहती है।
महाकाली मंदिर
बिंदूर का महाकाली मंदिर लग बैग 300 साल पुराना है। इस मंदिर की देख रेख चितरपुर सारस्वत परिवार करता है।

सोमेश्वर मंदिर
सोमेश्वर मंदिर बिंदूर के प्राचीन मंदिरों में से एक है। यह शिव मंदिर है मंदिर के अन्दर शिव लिंग है और कई मूर्तियाँ हैं। यह मंदिर बिंदूर नदी और अरब सागर के काफी करीब है।
श्री रामचंद्र मंदिर
बिंदूर का रामचंद्र मंदिर भगवन राम को अर्पित है, जिन्हें भगवन कृष्ण का अवतार माना जाता है। इस मंदिर के दर्शन के लिए हर साल हजारों श्रद्धालु आतें हैं। यह, यहाँ का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है।
कैसे जाएं बिंदूर
यह बैंगलोर से 140 कि.मी दूर है। बैंगलोर और मंगलौर जाने के लिये कई बसों कि सेवा उपलब्ध है। आप कोंकण रेलवे मार्ग के द्वारा भी बिंदूर जा सकते हैं।



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