मॉनसून सिर्फ़ पेड़ पौधों ही नहीं सूखी हुई नदियों में भी जान भरता है। यह एक ऐसा मौसम है जिसमे हम नदियों, तालाबों, झीलों और झरनों का मज़ा खुल कर लेते हैं। आप देख सकते हैं की जल से लबालब नदियाँ भूमि के विभिन्न भागों में जा जाकर उनमें एक अलग ही जान डालती हैं। तो चलिए इस बारिश के मौसम में हम अपनी ऐसी ही नदियों के प्रति श्रद्धा प्रकट करते हैं जो हमारे जीवन का सबसे प्रमुख स्रोत है। यहाँ हम शुरू करने वाले हैं कर्नाटका के उन प्रसिद्ध क्षेत्रों से जो कावेरी नदी के किनारे फल फूल रहे हैं।

तालकावेरी
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तालकावेरी
खूबसूरत ब्रह्मागिरी पहाड़ों के बीच में सदा बहती कावेरी नदी कूर्ग के तालकावेरी से ही निकलती है। यह सच में ही देखने लायक आश्चर्य की बात होती है की कैसे इतनी बड़ी नदी छोटे सी जगह से उत्पन्न होती है। ऐसा कहा जाता है कि नदी के उत्पन्न होने की यह अवधि तालकावेरी से सिर्फ़ मॉनसून के समय देखी जा सकती है। तालकावेरी के पास ही भागमंडला स्थान कोड़ावासों का एक धार्मिक स्थान है और साथ ही साथ कर्नाटका के प्रसिद्ध क्षेत्रों में से एक भी।

निसर्गधाम
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कावेरी निसर्गधाम
कुशलनगर के समीप ही हरे भरे पेड़ पौधों और घास से भरा बाग पर्यटकों को हमेशा से ही अपनी ओर आकर्षित करता रहा है। कावेरी निसर्गधाम प्राचीन प्राकृतिक खूबसूरती है जो इस नदी की वजह से और भी खूबसूरत हो जाती है। तालकावेरी में बस एक बार तेज़ बारिश होने की देर है, फिर वह निसर्गधाम के नदी को पूरी तरह से भर देती है। यहाँ निसर्गधाम के ही किसी लकड़ी के झोपड़े में बैठ कर नदी को देखें जो आपके लिए आपके यात्रा का सबसे मत्वपूर्ण क्षण होगा।

श्रीरंगापट्ना
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श्रीरंगापट्ना
ऐतिहासिक श्रीरंगपट्ना कावेरी नदी का एक द्वीप है। भगवान रंगानाथस्वामी से आशीर्वाद लेकर, इस नगर की यात्रा आपके लिए सबसे महत्वपुर्णा और रोचक होगी। श्रीरंगपट्ना कर्नाटका के कावेरी नदी पर बसे प्रसिद्ध जगहों में से मुख्य जगह है। तो इस बारिश के मौसम में खुद ही गवाह बानिए, इस मंत्रमुग्ध कर देने वली नदी और विरासत का।

शिवानासमुद्र
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शिवानासमुद्र
बारिश का मौसम पानी के झरनों के नज़ारे का मज़ा लेने के लिए एक उत्तम समय होता है और हम ऐसे में कावेरी नदी के इस महान रचना को कैसे भूल सकते हैं? जी हाँ हम यहाँ बात कर रहे हैं शिवानासमुद्र झरने की जो मांड्या की सबसे ज़रूरी जगह है घूमने की। वो भी मॉनसून के मौसम में तो यहाँ ज़रूर ही जाएँ और खुद से बारिश के जादू का एहसास करें।

मेक़ेडाटू
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मेक़ेडाटू
मेक़ेडाटू वह जगह है जहाँ कावेरी नदी अरकावती नदी से मिलती है। इस संगम को ही मेक़ेडाटू का नाम दिया गया क्युंकी एक घटना के अनुसार, यह वह जगह है जहाँ बकरी ज़ोर की छलाँग लगा कर नदी के दूसरे किनारे पर जाती है। इसलिए इसका नाम मेक़ेडाटू पड़ा जिसका मतलब है बकरी की लंबी छलाँग। मेक़ेडाटू, बेंगलूरु से वीकेंड की छुट्टियाँ बिताने के लिए सबसे प्रसिद्ध और बेहतरीन जगह है।
तालकावेरी को छोड़ कर बाकी सारी जगहें बेंगलूरु से बस कुछ दूरी पर ही हैं। तो अब तक आपको समझ तो आ ही गया हो गया की आपको इस मॉनसून वीकेंड्स क्या करना है? जी हाँ निकल पड़िए कावेरी नदी के सुहाने सफ़र में।
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