मंदिर देखते ही लोग अपनी आदतों के अनुसार उनके सामने सिर झुकाते हैं और हाथ बढ़ाकर प्रसाद भी लेते हैं। कुछ मंदिरों में प्रसाद के तौर पर सिर्फ मिश्री मिलता है। कुछ मंदिरों के प्रसाद इतने स्वादिष्ट होते हैं कि उनकी ख्याति देश और विदेशों में भी फैली होती है। ये मंदिर अपने आध्यात्मिक महत्व और वास्तुकला के साथ-साथ यहां मिलने वाले प्रसाद की वजह से भी दुनियाभर से लोगों को आकर्षित करते हैं।

मंदिरों में मिलने वाले इन स्वादिष्ट प्रसाद को खाकर लोग अपनी ऊंगलियां चाटे बिना नहीं रह पाते हैं।
1. तिरुमाला तिरुपति बालाजी मंदिर
आंध्रप्रदेश के तिरुमाला तिरुपति मंदिर के भगवान तिरुपति जितने अधिक प्रसिद्ध हैं, उतना ही प्रसिद्ध मंदिर में मिलने वाला लड्डू प्रसादम भी है। पिछले 308 सालों से मंदिर में मिलने वाला यह लड्डू प्रसादम यहां आने वाले भक्तों का मुख्य आकर्षण है।

हर साल मंदिर प्रबंधन लाखों की संख्या में लड्डू प्रसादम की बिक्री करता है। इस लड्डू को श्रीवारी लड्डू के नाम से भी जाना जाता है। मंदिर में आने वाले एक भक्त को 300 ग्राम का लड्डू बतौर प्रसाद दिया जाता है। इस लड्डू को तैयार करने के लिए सभी सामग्रियां बिल्कुल नपी-तुली मात्रा में ही होती है।
2. स्वर्ण मंदिर, अमृतसर

जब भी कोई सैलानी अमृतसर के स्वर्ण मंदिर जाने के बारे में सोचता है तो वहां के शांत वातावरण के साथ-साथ मंदिर का लंगर खाना भी उसकी लिस्ट में जरूर शामिल होता है। स्वर्ण मंदिर भारत के मेग किचन में से एक है जहां हर रोज करीब 50,000 लोगों के लिए खाना बनाया जाता है। स्वर्ण मंदिर में बिल्कुल सादा लेकिन इतना स्वादिष्ट भोजन मिलता है कि उसे खाकर इंसान का मन तृप्ति से भर जाता है।
3. गुरुवायूर मंदिर, केरल

दक्षिण भारतीय मंदिरों में भगवान को एक या दो नहीं बल्कि कई तरह के पकवानों का भोग चढ़ाया जाता है जिन्हें बाद में भक्तों के बीच वितरित भी किया जाता है। केरल के गुरुवायूर मंदिर में भगवान को खास तौर पर अर्पित किया जाने वाला पलपायसम काफी लोकप्रिय होता है। चावल, दुध और चीनी मिलाकर उत्तर भारतीय खीर की तरह बनाया जाने वाली यह स्वादिष्ट भोग पहले भगवान को अर्पित की जाती है और बाद में उसे भक्तों के बीच वितरित किया जाता है। इस खीर का स्वाद चखने के लिए लोग लंबी कतार में इंतजार करने से भी नहीं हिचकिचाते हैं।
4. जगन्नाथ मंदिर, ओडिशा

ओडिशा के पुरी में स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में मिलने वाले प्रसाद को महाप्रसाद कहा जाता है। जगन्नाथ मंदिर के मेगा किचन में 56 भोग पकाकर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और उनकी लाडली बहन सुभद्रा को समर्पित किया जाता है। इस महाप्रसाद की सबसे बड़ी खासियत है कि यहां हर भोजन को सिर्फ भाप द्वारा ही पकाया जाता है। कहा जाता है कि जगन्नाथ मंदिर में हर रोज करीब 80,000 लोगों के लिए भोजन पकता है। मंदिर में हर 50 क्विंटल चावल पकाया जाता है। भगवान को चढ़ाये जाने वाले भोग में खिचड़ी, दाल, सब्जियां और मिठाईयां शामिल होती है।
5. सिद्धिविनायक मंदिर, मुंबई

मुंबई घूमने जाने वाले हर सैलानी की बकेट लिस्ट में सिद्धिविनायक मंदिर में भगवान गणपति का दर्शन करना जरूर शामिल होता है। इस मंदिर में भगवान गणेश को प्रसाद के तौर पर मोदक चढ़ाया जाता है। यह चावल के आटे में गुड़ और दूसरी मीठी चीजों को भरकर भाप से बनायी गयी एक खास तरह की मिठाई होती है। जो खास तौर पर महाराष्ट्र के घरों में गणेशोत्सव के दौरान भगवान को चढ़ाई जाती है। सिद्धिविनायक मंदिर में जाने वाले हर श्रद्धालु को प्रसाद में यह मिठाई जरूर मिलती है।
6. शिरडी साईं बाबा मंदिर, महाराष्ट्र

शिरडी के साईं बाबा मंदिर में भक्त अपनी फरियाद इस उम्मीद से लेकर जाते हैं कि साईं बाबा उनकी सभी समस्याओं का हल कर देंगे। मंदिर से बतौर प्रसाद उड़ी (पवित्र राख) दी जाती है। माना जाता है कि इसमें हर बीमारी को ठीक करने की खासियत होती है। लेकिन मंदिर में मिलने वाले भोजन को चखकर ही लोग अपनी आधी परेशानी और बीमारियों को भूल जाते हैं। यहां खाना मुफ्त में वितरित किया जाता है जिसमें दाल, चपाती, चावल, सब्जी और मिठाईयां शामिल होती है।



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