सड़क मार्ग से कोलकाता से वाराणसी तक पहुंचने में लगते थे करीब 15 घंटों का समय लेकिन...जल्द ही महज 9 घंटे में पूरा कर लेंगे दूरी। जी नहीं, वाराणसी और कोलकाता के बीच की दूरी अचानक से नहीं घट गयी है। दरअसल, पिछले महीने ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता से वाराणसी एक्सप्रेस वे की आधारशिला रखी है।
इस एक्सप्रेस वे के पूरी तरह से बन जाने के बाद वाराणसी से कोलकाता तक पहुंचने में लगने वाला समय सीधे 6 घंटा कम हो जाएगा। कोलकाता-वाराणसी एक्सप्रेस वे 4 राज्यों से होकर गुजरेगा।

कोलकाता से वाराणसी के बीच की दूरी लगभग 610 किमी की है। यह एक्सप्रेस वे उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से होकर गुजरेगा। पीएम मोदी ने उम्मीद जताते हुए कहा कि पहले के मुकाबले एक्सप्रेसवे के बन जाने से कोलकाता से वाराणसी की दूरी तय करने में लगभग आधा समय लगेगा। मिली जानकारी के अनुसार इस एक्सप्रेस वे के निर्माण के लिए लगभग 1 हजार 317 करोड़ रुपए आवंटित किए गये हैं।
6 लेन की 610 किमी लंबी सड़क

वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेस वे 6 लेन की होगी जिसे NH319B के नाम से जाना जाएगा। इस एक्सप्रेस वे की कुल लंबाई लगभग 610 किमी होगी। मिली जानकारी के अनुसार अगले 5 सालों में यह एक्सप्रेस वे पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगा। वाराणसी-राँची-कोलकाता एक्सप्रेस वे के निर्माण कार्य की निगरानी एनएचएआई की टीम करेगी।
अब तक जहां कोलकाता से वाराणसी तक की दूरी सड़क मार्ग से तय करने में लगभग 15 घंटों का समय लगता था। इस एक्सप्रेस वे के बन जाने के बाद कोलकाता से वाराणसी वाया राँची पहुंचने में महज 9 घंटे का समय लगेगा यानी 6 घंटे की बचत होगी। बताया जाता है कि यह एक्सप्रेस वे देश विभिन्न प्राचीन और पवित्र शहरों को एक लाइन में जोड़ेगा।
क्या हैं इस एक्सप्रेस वे की खासियतें

6 लेन वाली वाराणसी-कोलकाता वाया राँची एक्सप्रेस वे को बनाने में लगभग 35 हजार करोड़ रूपए की लागत आ सकती है। बताया जाता है कि पिछले साल नवंबर से ही इस एक्सप्रेस वे को बनाने का काम शुरू हो चुका है। अब तक लगभग 70 फीसदी भूमि अधिग्रहण का काम भी हो चुका है। देश के 4 प्रमुख राज्यों उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से होकर यह एक्सप्रेस वे गुजरने वाला है। पूरे रास्ते में यह एक्सप्रेस वे पर 4 बड़े और 28 छोटे ब्रिज का निर्माण करने की योजना है।
वाराणसी से कोलकाता तक पहुंचने में यह एक्सप्रेस वे 67 गांवों से होकर गुजरेगा। मिली जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के वाराणसी से शुरू होकर बिहार के चांद, गया के इमामगंज, सासाराम होकर सोन नदी के ऊपर से कैमुर पहाड़ी के इलाके से यह एक्सप्रेस वे गुजरेगी। इस क्षेत्र में इस एक्सप्रेस वे के लिए एक 5 किमी लंबी सुरंग बनाने का भी प्रस्ताव दिया गया है। एक्सप्रेस वे ग्रैंट ट्रंक रोड के समानांतर जाकर औरंगाबाद में प्रवेश कर सकता है।



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