गोवा में जिन कार्निवल और फेस्टिवल का बेसब्री से पूरे साल इंतजार किया जाता है, उनमें शामिल है शिगमो फेस्टिवल (Shigmo Festival)। वसंत ऋतु में होली के बाद इस उत्सव को पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है जिसमें गोवा की संस्कृति की झलक देखने को मिलती है और इसके साथ ही घुलते हैं ढेर सारे रंग। इस साल शिगमो फेस्टिवल 15 मार्च से शुरू हो चुका है।
अगर आपने गोवा में समुद्रतट, क्लब और रिसॉर्ट से अलग कुछ और देखने का मन बनाया है तो यहीं सबसे अच्छा समय है। जब आप गोवा की परंपरागत नृत्य, सांस्कृतिक कार्यक्रमों व ऐतिहासिक मान्यताओं को देख व उनके पीछे का कारण समझ सकेंगे।
कब तक चलेगा शिगमो फेस्टिवल?
गोवा में शिगमो फेस्टिवल की शुरुआत 15 मार्च को पोंडा में हो चुकी है। इसके बाद धीरे-धीरे गोवा के विभिन्न शहरों में इस फेस्टिवल को मनाया जाएगा। इस साल शिगमो फेस्टिवल का समापन 29 मार्च को होगा। अब तक मडगांव, क्वीपेम, कारचोरेम में इस उत्सव को मनाया जा चुका है।
- शिरोदा में शिगमो फेस्टिवल 19 मार्च को मनाया जाएगा।
- कैलंगुट और बिचोलिम में यह 20 मार्च को मनाया जाएगा।
- 21 मार्च को वास्को में मनेगा शिगमो फेस्टिवल।
- 22 मार्च को पणजी में यह फेस्टिवल आयोजित होगा।
- 23 मार्च को मापुसा शिगमो फेस्टिवल मनाएगा।
- कैनाकोना और कनकोलीम में 24 मार्च को मनाया जाएगा।
- 25 मार्च को पेर्नेम में मनाया जाएगा।
- 26 मार्च को धारबनडोरा में शिगमो आयोजित होगा।
- 27 मार्च को यह उत्सव वल्पोई में मनाया जाएगा।
- 28 मार्च को संकेलिम में यह फेस्टिवल मनाया जाएगा।
- आखिर में 29 मार्च को मनड्रेम में शिगमो फेस्टिवल का समापन होगा।
शिगमो फेस्टिवल के हर दिन न सिर्फ अलग-अलग शहरों में इस उत्सव को मनाया जाता है बल्कि गोवा की संस्कृति के विभिन्न पहलुओं से भी आप वाकिफ हो सकेंगे। ढोल और ताशों की धून पर गोवा की शानदार पारंपरिक संगीत और उसके साथ किया जाने वाला नृत्य शिगमो फेस्टिवल की जान होती है। दावा किया जाता है कि शिगमो फेस्टिवल न सिर्फ एक शानदार परेड या जुलूस है बल्कि यह गोवा की संस्कृति और यहां के स्थानीय निवासियों की आपसी प्यार को दर्शाता है।
मीडिया से बात करते हुए गोवा के पर्यटन मंत्री रोहन ए. खौंते ने कहा कि शिगमो गोवा की संस्कृति का जश्न मनाता है। नदी में नाव पर विभिन्न तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन, नाव पर ही नाचना, गाना और नाव का जुलूस निकालना ऐसा अनुभव है, जो कहीं और नहीं मिल सकेगा। यह उत्सव गोवा के प्रसिद्ध समुद्रतटों के मुकाबले इस राज्य की सुन्दरता को अलग ही अंदाज में दर्शाता है। साथ ही उन्होंने पर्यटकों से भी अनुरोध किया कि गोवा की कला व संस्कृति को अगर करीब से जानना है तो शिगमो फेस्टिवल का हिस्सा जरूर बनें।



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