गुजरात में एक शहर से दूसरे तक आना-जाना अब पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा आसान होने वाला है। हाल ही में गुजरात विधानसभा के बजट सत्र के दौरान एक सवाल का जवाब देते हुए गुजरात के राज्य मंत्री जगदीश विश्वकर्मा ने इस बात की घोषणा की। अपनी घोषणा में उन्होंने कहा कि गुजरात में दो बेहद महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे बनाएं जाएंगे जिसके निर्माण की लागत ₹90 हजार करोड़ से ज्यादा होने वाली है।
इसके साथ ही उन्होंने इन दोनों एक्सप्रेसवे की लंबाई और कहां-कहां इनका निर्माण किया जाएगा, इस बारे में विस्तार से जानकारी भी दी है। मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार राज्य सरकार ने इन दोनों एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य शुरू करने के लिए कुछ राशि आवंटित भी कर दी है।

कौन-कौन से होंगे दोनों एक्सप्रेसवे?
Economic Times की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार गुजरात में जिन दोनों एक्सप्रेसवे (Expressway) के निर्माण की घोषणा राज्य के मंत्री जगदीश विश्वकर्मा ने की है, उनमें शामिल हैं -
1. नमो शक्ति एक्सप्रेसवे
2. सोमनाथ-द्वारका एक्सप्रेसवे
नमो शक्ति एक्सप्रेसवे की लंबाई करीब 430 किमी होगी, जो बनासकांठा में दीसा को पीपवाव से जोड़ेगा। वहीं सोमनाथ-द्वारका एक्सप्रेसवे की लंबाई लगभग 680 किमी होगी। यह एक्सप्रेसवे गुजरात के दो मुख्य धार्मिक स्थलों के बीच यातायात संपर्क को बेहतर बनाएगा।
बता दें, सोमनाथ में भगवान शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंग में एक स्थापित है, जहां बड़ी संख्या में भक्त दर्शन व पूजा करने के लिए आते रहते हैं। वहीं द्वारका बड़ा चारधाम में से एक है, जहां भगवान श्रीकृष्ण की पूजा बतौर द्वारकाधीश की जाती है।
कितनी होगी लागत?
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार नमो शक्ति एक्सप्रेसवे को बनाने की लागत लगभग ₹39,120 करोड़ बतायी जाती है। वहीं सोमनाथ-द्वारका एक्सप्रेसवे के निर्माण की आनुमानिक लागत ₹57,120 करोड़ निर्धारित की गयी है। बताया जाता है कि राज्य सरकार ने हाल ही में ₹50,000 करोड़ की विकसित गुजरात फंड (Developed Gujarat Fund) के तहत अगले वित्तीय वर्ष से ₹520 करोड़ का आवंटन कर दिया है, ताकि दोनों एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य शुरू किया जा सकें।

इन दोनों एक्सप्रेसवे के बारे में जगदीश विश्वकर्मा का कहना है कि ये दोनों एक्सप्रेसवे ही बेहद महत्वपूर्ण हैं जो न सिर्फ इन शहरों के बीच के संपर्क को बेहतर बनाएंगे बल्कि गुजरात की आर्थिक उन्नति की दिशा में भी काम करेंगे।
चरणबद्ध तरीके से होगा निर्माण
बताया जाता है कि शुरुआती चरण के लिए 6 महीने का समय रखा गया है। इस चरण में इन दोनों एक्सप्रेसवे का रूट निर्धारित किया जाएगा, जिसके बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी। संभावना जतायी जा रही है कि DPR बनाने में लगभग 1 साल का समय लग जाएगा। इन दोनों एक्सप्रेसवे के लिए कितनी निजी भूमि अधिग्रहित करनी होगी, इसके बारे में ठीक-ठीक जानकारी DPR बनने के बाद ही मिल सकेगी।
बताया जाता है कि दोनों एक्सप्रेसवे ही गुजरात के लिए बड़े ही महत्वपूर्ण साबित होने वाले हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में गुजरात सरकार ने सड़क निर्माण, विस्तार, रखरखाव आदि के लिए लगभग ₹10,045 करोड़ खर्च करने की घोषणा की है। इससे यह साबित होता है कि राज्य सरकार अगले कुछ समय में गुजरात में संरचनात्मक विकास को अधिक महत्व देने वाली है।



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