26 जनवरी 2001 को गुजरात के भुज में आया तीव्र भुकंप याद है, जो पल भर में हजारों जिन्दगियों को लील गया था। उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री के पद पर थे। भूकंप में अपनी जान गंवाने वाले हजारों लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए गुजरात में 470 एकड़ के क्षेत्र में 'स्मृतिवन म्यूजियम' बनाया गया था।
अब स्मृतिवन म्यूजियम को विश्व स्तर पर पहचान मिली है। UNESCO ने गुजरात का स्मृतिवन म्यूजियम का चुनाव विश्व के 7 प्रमुख म्यूजियमों में किया है। ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी भारतीय म्यूजियम को विश्व स्तर पर इस प्रकार से पहचान मिली है।
यूनेस्को के Plix Versailles म्यूजियम 2024 के लिए शॉर्टलिस्टेड
गुजरात के 'स्मृतिवन म्यूजियम' को यूनेस्को ने Plix Versailles म्यूजियम 2024 वर्ल्ड सेक्शन में शामिल किया है। साल में एक बार यूनेस्को Plix Versailles म्यूजियम 2024 प्रतियोगिता का आयोजन वर्ष 2015 से करता आ रहा है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से यूनेस्को दुनियाभर में होने वाले आधुनिक निर्माणों को हाइलाइट करता है। गुजरात का स्मृतिवन म्यूजियम को यूनेस्को ने अन्य 7 म्यूजियम के साथ इस अवार्ड के लिए शॉर्ट लिस्टेड किया है।
इस बात की जानकारी गुजरात टूरिज्म के आधिकारिक X हैंडल पर दी गयी। इस अवार्ड के शॉर्ट लिस्टेड होने की वजह से गुजरात का स्मृतिवन म्यूजियम दुनियाभर में प्रसिद्ध हो चुका है। स्मृतिवन म्यूजियम का चुनाव Plix Versailles म्यूजियम 2024 की श्रेणी के लिए किया गया है।
क्या होगा आगे
साल 2024 के विश्व खिताब प्रतियोगिता के लिए चयनीय संस्थानों को तीन श्रेणियों, प्राइज वर्सेल्स (Prize Versailles), आंतरिक सज्जा (Interior) और बाहरी सज्जा (Exterior) के आधार पर प्रतियोगिता में हिस्सा लेना होगा। इसके विजेता की घोषणा इस साल नवंबर में यूनेस्को मुख्यालय द्वारा की जाएगी। मूल रूप से प्रिक्स वर्सेल्स पुरस्कार शानदार वास्तुकला और डिजाइन के लिए दी जाती है। इस पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 2015 से की गयी थी।
क्या है स्मृतिवन म्यूजियम
साल 2001 में आए भुकंप में आधिकारिक रूप से 12,932 लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी। वहीं इस भुकंप का प्रभाव गुजरात के भुज क्षेत्र के 890 गांवों पर पड़ा था। 1,64,000 लोग भुकंप में घायल हुए थे। लाखों घर, ऐतिहासिक इमारतें और मंदिर भूकंप में ध्वस्त हो गये थे और मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक रूप से करोड़ों लोग प्रभावित हुए थे।
उन लोगों की याद में और भूकंप में जिंदा बचे लोगों के बुलंद हौसलों को सलाम करते हुए तत्कालिन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस म्यूजियम को बनाने के बारे में सोचा था। म्यूजियम की फर्श और दीवारों का निर्माण स्थानीय बेसाल्टिक चट्टानों का इस्तेमाल करके ही बनायी गयी है। यहां कलाकृतियों के माध्यम से भूकंप की भयावहता को समझाने की कोशिश की गयी है। सबसे खास बात है कि स्मृति वन म्यूजियम एक पहाड़ी पर बना हुआ है।
क्या है Timing
स्मृतिवन म्यूजियम दो हिस्सों में बंटा हुआ है - मेमोरियल और म्यूजियम। मेमोरियल सप्ताह के सातों दिन सुबह 5 बजे से रात को 11 बजे तक खुला रहता है। स्मृतिवन म्यूजियम मंगलवार से शुक्रवार तक सुबह 10 से शाम 6 बजे तक खुली रहती है। वहीं सप्ताहांत में शनिवार और रविवार को म्यूजियम सुबह 10 से रात 8 बजे तक खुली रहती है। म्यूजियम सोमवार को बंद रहती है।
टिकट और एंट्री शुल्क
स्मृतिवन मेमोरियल
- सुबह 5 से 9 बजे तक : फ्री
- सुबह 9 से रात 11 बजे तक : ₹20
स्मृतिवन म्यूजियम
- 12 साल से ऊपर की आयु : ₹300
- 12 साल से कम आयु के बच्चे, स्कूली छात्र : ₹100
- 5 साल से कम आयु के बच्चे : फ्री
- 25 साल से कम आयु के कॉलेज छात्र : ₹150 (वैध पहचान पत्र अनिवार्य)
- विदेशी नागरिक : ₹1000
कैसे पहुंचे स्मृतिवन म्यूजियम
ट्रेन द्वारा : नजदीकी रेलवे स्टेशन - भुज। स्मृतिवन म्यूजियम से दूरी - 4.9 किमी।
विमान द्वारा : नजदीकी इंटरनेशनल एयरपोर्ट - अहमदाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट। स्मृतिवन म्यूजियम से दूरी - 329.9 किमी। अहमदाबाद से आपको स्मृतिवन म्यूजियम के लिए सीधी बस, ट्रेन या टैक्सी मिल जाएगी।
नजदीकी डोमेस्टिक एयरपोर्ट - भुज एयरपोर्ट। स्मृतिवन म्यूजियम से दूरी - 7.9 किमी।
*Smritivan Earthquake Museum से मिली जानकारी के आधार पर।



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